Friday, 09 Oct 2026 | 07:55 AM

Trending :

EXCLUSIVE

हिमाचल में अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन:विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, दल-बदल पर सख्ती, चैतन्य-देवेंद्र भुट्टो की पेंशन बंद

हिमाचल में अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन:विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, दल-बदल पर सख्ती, चैतन्य-देवेंद्र भुट्टो की पेंशन बंद

हिमाचल प्रदेश में अयोग्य घोषित विधायकों को पेंशन नहीं मिलेगी। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा बजट सेशन में आज विपक्ष के विरोध के बावजूद संशोधन विधेयक पारित कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था 14वीं विधानसभा या उसके बाद निर्वाचित होने वाले विधायकों पर लागू होगी। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में इसका विरोध किया था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को ‘हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक, 2026’ सदन में पेश किया था। इससे पहले, उन्होंने 2024 में इसी सदन में पारित पेंशन बंद करने वाले उस विधेयक को वापस लिया, जिसे राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिल पाई। लिहाजा दोबारा यह संशोधक विधेयक लाया गया। इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई विधायक दल-बदल के चलते संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित करार दिया जाता है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। यह संशोधन विधेयक वर्ष 1971 के मूल अधिनियम में बदलाव से जुड़ा है, जिसके तहत विधायकों को भत्ते और पेंशन दी जाती है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 5 वर्ष तक विधायक रहने वाले सदस्य को 50 हजार रुपए मासिक पेंशन मिलती है और अतिरिक्त कार्यकाल पर प्रत्येक वर्ष के लिए एक हजार रुपए की बढ़ोतरी का प्रावधान है। चैतन्य और देवेंद्र भुट्‌टों की पेंशन बंद इस विधेयक को मंजूरी के बाद पूर्व में गगरेट से कांग्रेस के विधायक चैतन्य शर्मा और कुटलैहड़ से पूर्व MLA देवेंद्र कुमार भुट्टो की पेंशन भी बंद हो जाएगी, क्योंकि इन दोनों पूर्व विधायकों ने फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट और पार्टी व्हिप का भी उल्लंघन किया। इसके बाद, स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने दोनों को अयोग्य घोषित ठहराया। दोनों पहली बार चुनकर विधानसभा पहुंचे थे, जबकि दलबदल करने वाले अन्य 4 विधायक पहले भी हिमाचल विधानसभा में सदस्य रहे हैं। इस वजह से उनकी पेंशन पर कोई संकट नहीं है। मगर भविष्य में यदि कोई विधायक दल बदल करता है तो उस पर कानून के ने प्रावधान लागू होंगे। दल-बदल को हतोत्साहित करने के मकसद से संशोधन सीएम सुक्खू ने कहा- विधेयक का उद्देश्य दल-बदल को हतोत्साहित करना है। ऐसे में जनादेश की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और दलबदल जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के लिए यह संशोधन आवश्यक माना गया है। सरकार का मानना है कि पेंशन जैसे दीर्घकालिक लाभ को जोड़कर दलबदल पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस संशोधन से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। हिमाचल में बनेगा किसान आयोग राज्य में किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ‘हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग विधेयक, 2026’ लाया गया है। इस विधेयक के जरिए राज्य में एक संस्थागत तंत्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जो कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में नीतिगत सुझाव देगा। विधेयक के अनुसार, राज्य सरकार अधिसूचना के माध्यम से राज्य किसान आयोग का गठन करेगी। यह आयोग कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा कर उनके विकास के लिए रणनीति तैयार करेगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव देगा। आयोग में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन गैर-सरकारी सदस्य होंगे। इसके अलावा कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य विभागों के निदेशक तथा कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के कुलपति भी इसमें पदेन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रैपर ट्रैविस स्कॉट से मिले शुभमन गिल:लॉस एंजिलिस में नाइकी इवेंट में दिखे दोनों; गिल बोले- गेम बदलने वालों के साथ शानदार वीकेंड

July 3, 2026/
10:03 pm

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने अमेरिका में ग्रैमी-नॉमिनेटेड अमेरिकी रैपर ट्रैविस स्कॉट से मुलाकात की। गिल ने...

भोपाल में रात 12 बजे तक पब-बार बंद होंगे:आदेश का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त होंगे; पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश

April 24, 2026/
10:56 pm

भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार...

WB बंगाल चुनाव 2026: बंगाल में फिर शामिल होंगी ममता सरकार, विधाननगर से टीएमसी उम्मीदवार सुजीत बोस का दावा

April 26, 2026/
2:04 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कोलकाता में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बिधाननगर सीट से ज़मीनी उम्मीदवार और...

अमेरिकी AI स्कूलों के लर्निंग मॉडल की हो रही आलोचना:स्कूल बने टॉर्चर चैम्बर, पेरेंट्स के कड़वे बोल तय कर रहे भविष्य

September 13, 2026/
1:13 pm

भविष्य की शिक्षा के नाम पर अमेरिकी स्कूलों का चौंकाने वाला सच सामने आया है। यहां एडमिशन के लिए बच्चों...

कोलंबिया भूकंप के 48 घंटे बाद नवजात बच्चे का रेस्क्यू:पांच मंजिला इमारत के नीचे दबा मिला; अब तक 224 लोगों की मौत

August 12, 2026/
5:23 pm

साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के करीब 48 घंटे बाद मलबे से एक...

ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय के सपोर्ट में उतरा बॉलीवुड:फराह खान, सोनू सूद और अनुपम खेर बोले- हम आपके साथ

April 30, 2026/
7:17 pm

‘आशिकी’ फिल्म से फेमस हुए राहुल रॉय के मुश्किल वक्त में अब बॉलीवुड उनको सपोर्ट करता नजर आ रहा है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

हिमाचल में अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन:विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, दल-बदल पर सख्ती, चैतन्य-देवेंद्र भुट्टो की पेंशन बंद

हिमाचल में अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन:विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, दल-बदल पर सख्ती, चैतन्य-देवेंद्र भुट्टो की पेंशन बंद

हिमाचल प्रदेश में अयोग्य घोषित विधायकों को पेंशन नहीं मिलेगी। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा बजट सेशन में आज विपक्ष के विरोध के बावजूद संशोधन विधेयक पारित कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था 14वीं विधानसभा या उसके बाद निर्वाचित होने वाले विधायकों पर लागू होगी। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में इसका विरोध किया था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को ‘हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक, 2026’ सदन में पेश किया था। इससे पहले, उन्होंने 2024 में इसी सदन में पारित पेंशन बंद करने वाले उस विधेयक को वापस लिया, जिसे राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिल पाई। लिहाजा दोबारा यह संशोधक विधेयक लाया गया। इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई विधायक दल-बदल के चलते संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित करार दिया जाता है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। यह संशोधन विधेयक वर्ष 1971 के मूल अधिनियम में बदलाव से जुड़ा है, जिसके तहत विधायकों को भत्ते और पेंशन दी जाती है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 5 वर्ष तक विधायक रहने वाले सदस्य को 50 हजार रुपए मासिक पेंशन मिलती है और अतिरिक्त कार्यकाल पर प्रत्येक वर्ष के लिए एक हजार रुपए की बढ़ोतरी का प्रावधान है। चैतन्य और देवेंद्र भुट्‌टों की पेंशन बंद इस विधेयक को मंजूरी के बाद पूर्व में गगरेट से कांग्रेस के विधायक चैतन्य शर्मा और कुटलैहड़ से पूर्व MLA देवेंद्र कुमार भुट्टो की पेंशन भी बंद हो जाएगी, क्योंकि इन दोनों पूर्व विधायकों ने फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट और पार्टी व्हिप का भी उल्लंघन किया। इसके बाद, स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने दोनों को अयोग्य घोषित ठहराया। दोनों पहली बार चुनकर विधानसभा पहुंचे थे, जबकि दलबदल करने वाले अन्य 4 विधायक पहले भी हिमाचल विधानसभा में सदस्य रहे हैं। इस वजह से उनकी पेंशन पर कोई संकट नहीं है। मगर भविष्य में यदि कोई विधायक दल बदल करता है तो उस पर कानून के ने प्रावधान लागू होंगे। दल-बदल को हतोत्साहित करने के मकसद से संशोधन सीएम सुक्खू ने कहा- विधेयक का उद्देश्य दल-बदल को हतोत्साहित करना है। ऐसे में जनादेश की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और दलबदल जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के लिए यह संशोधन आवश्यक माना गया है। सरकार का मानना है कि पेंशन जैसे दीर्घकालिक लाभ को जोड़कर दलबदल पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस संशोधन से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। हिमाचल में बनेगा किसान आयोग राज्य में किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ‘हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग विधेयक, 2026’ लाया गया है। इस विधेयक के जरिए राज्य में एक संस्थागत तंत्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जो कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में नीतिगत सुझाव देगा। विधेयक के अनुसार, राज्य सरकार अधिसूचना के माध्यम से राज्य किसान आयोग का गठन करेगी। यह आयोग कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा कर उनके विकास के लिए रणनीति तैयार करेगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव देगा। आयोग में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन गैर-सरकारी सदस्य होंगे। इसके अलावा कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य विभागों के निदेशक तथा कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के कुलपति भी इसमें पदेन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.