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Mutual Fund SIP vs Lumpsum Investment; Risk Return Comparison Guide

Mutual Fund SIP vs Lumpsum Investment; Risk Return Comparison Guide
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  • Mutual Fund SIP Vs Lumpsum Investment; Risk Return Comparison Guide | Financial Planning Advice

11 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं या निवेश करते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह नहीं जानते हैं कि कहां और कैसे निवेश करें।

उन्हें यह नहीं पता होता कि बड़ा फंड बनाने के लिए SIP या लंप सम में कौन सा तरीका बेहतर है?

इसलिए आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि-

  • SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है?
  • कौन-सा ऑप्शन रिटर्न के लिहाज से ज्यादा बेहतर है?

सवाल- SIP क्या है?

जवाब- SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को पॉइंटर्स से समझिए-

  • यह निवेश का एक तरीका है, जिसमें निवेशक हर महीने एक तय अमाउंट म्यूचुअल फंड या किसी स्टॉक में जमा करता है।
  • निवेश की फ्रीक्वेंसी (मासिक, तिमाही) व्यक्ति खुद तय कर सकता है।
  • यह अमाउंट सीधे बैंक अकाउंट से ऑटो-डेबिट हो जाता है।
  • लंबे समय में कंपाउंडिंग के कारण रिटर्न बेहतर हो सकता है।
  • यह खासतौर पर सैलरीड (नौकरीपेशा) लोगों और नए निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

सवाल- लंप सम क्या होता है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • लंप सम में निवेशक एक बार में बड़ा अमाउंट म्यूचुअल फंड या किसी अन्य एसेट (स्टॉक, गोल्ड, जमीन) में लगाता है।
  • यह तरीका तब ज्यादा प्रभावी होता है, जब बाजार गिर गया हो या करेक्शन में हो।
  • अगर लंप सम में निवेश के बाद बाजार गिरता है तो नुकसान हो सकता है।

सवाल- SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है?

जवाब- ये निवेश के दो अलग तरीके हैं। आइए ग्राफिक से समझते हैं-

सवाल- रिटर्न के लिहाज से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है? जवाब- रिटर्न पूरी तरह बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि (टाइम पीरियड) पर निर्भर करता है। पूरी बात पॉइंटर्स से समझिए-

  • SIP लंबे समय में स्थिर और संतुलित रिटर्न देता है।
  • अगर सही समय पर लंप सम निवेश किया जाए, तो अधिक रिटर्न मिल सकता है। लेकिन गलत समय पर निवेश करने से नुकसान भी हो सकता है।
  • इसलिए अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो SIP बेहतर विकल्प है, जबकि बाजार में गिरावट होने पर लंप सम फायदेमंद हो सकता है।

सवाल- SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- SIP शुरू करने से पहले निवेश का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए, जैसे-

  • घर खरीदना है।
  • बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जमा करने हैं।
  • रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना है।

इसके अलावा और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लंप सम निवेश करते समय क्या सावधानियां जरूरी हैं?

जवाब- लंप सम निवेश के लिए जरूरी है कि व्यक्ति के पास अतिरिक्त फंड होना चाहिए, जिसे लंबे समय तक निवेशित रखा जा सके। लंप सम से पहले ये सभी बातें जानना जरूरी है-

सवाल- क्या एक ही फंड में SIP और लंप सम दोनों कर सकते हैं?

जवाब- हां, यह इन्वेस्टमेंट का अच्छा तरीका है। इसमें व्यक्ति अपनी नियमित SIP जारी रख सकता है। फिर जब भी बाजार में पैनिक (गिरावट) हो, अतिरिक्त पैसे डाल सकता है। इसे ‘बाय ऑन डिप्स’ टेक्नीक कहते हैं।

इससे पोर्टफोलियो की NAV (नेट एसेट वैल्यू) काफी नीचे आ जाती है और भविष्य में मिलने वाला रिटर्न कई गुना बढ़ जाता है।

सवाल- निवेश की अवधि का सही चुनाव कैसे करें?

जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए-

  • कम अवधि (1-2 साल) के लिए डेट फंड या FD (फिक्स डिपॉजिट) चुनें।
  • मध्यम अवधि (3-5 साल) के लिए हाइब्रिड या इंडेक्स फंड लें।
  • लंबी अवधि (7-10 साल+) के लिए लार्ज, मिड या स्मॉल कैप चुनें।
  • अपने लक्ष्य के अनुसार अवधि को समय-समय पर रीसेट करें।
  • रिटायरमेंट जैसे लक्ष्य के लिए इसे 20 साल तक बढ़ाएं।
  • अवधि जितनी लंबी होगी, बाजार का जोखिम उतना ही कम होगा।

सवाल- SIP या लंप सम में कितने समय के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहिए?

जवाब- यह पूरी तरह से व्यक्ति के इन्वेस्टमेंट गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। हालांकि, इसके कुछ सामान्य नियम हैं, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- STP यानी सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान क्या है और निवेश में कैसे मदद करता है?

जवाब- STP को लंप सम और SIP का एक हाइब्रिड मॉडल कह सकते हैं।

  • इसमें निवेशक एक बड़ी रकम पहले ‘लिक्विड फंड’ में डालते हैं।
  • फिर वहां से हर महीने एक हिस्सा ‘इक्विटी फंड’ में ट्रांसफर होता है।
  • यह सीधे लंप सम करने के जोखिम को खत्म कर देता है।
  • मूलधन पर लिक्विड फंड में थोड़ा ब्याज भी मिलता रहता है।
  • साथ ही इक्विटी में आपका पैसा किश्तों में (SIP की तरह) जाता है।
  • यह ‘मार्केट टाइमिंग’ के डर को पूरी तरह खत्म कर देता है।
  • बड़े निवेशकों के लिए यह रिस्क मैनेज करने का सबसे अच्छा तरीका है।

सवाल- नए निवेशक को शुरुआत कैसे करनी चाहिए?

जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए-

  • नए निवेशक को हमेशा छोटी SIP से शुरुआत करनी चाहिए।
  • सीधे लंप सम निवेश करने से शुरुआती झटका लग सकता है।
  • पहले इंडेक्स फंड या लार्ज कैप फंड में निवेश करें।
  • निवेश की प्रक्रिया और बाजार के व्यवहार को समझें।
  • कम-से-कम 6 महीने तक निवेश का अनुभव लें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे मिडकैप और स्मॉलकैप की तरफ बढ़ें।
  • निवेश में ‘धैर्य’ जरूरी है।
  • बाजार में गिरावट पर पैनिक न हों, उसे निवेश के मौके की तरह देखें।

……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- सिर्फ PAN नंबर से जानें म्यूचुअल फंड डिटेल्स: कितनी वेल्थ बनी, टैक्स फाइलिंग में कैसे मिलेगी मदद, जानें पूरा प्रोसेस

PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) के जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड्स के सभी निवेश एक ही जगह देख सकते हैं। इससे निवेश की ट्रैकिंग आसान होती है, ओवरलैप का जोखिम भी नहीं होता है। आगे पढ़िए…

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हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं या निवेश करते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह नहीं जानते हैं कि कहां और कैसे निवेश करें।

उन्हें यह नहीं पता होता कि बड़ा फंड बनाने के लिए SIP या लंप सम में कौन सा तरीका बेहतर है?

इसलिए आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि-

  • SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है?
  • कौन-सा ऑप्शन रिटर्न के लिहाज से ज्यादा बेहतर है?

सवाल- SIP क्या है?

जवाब- SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को पॉइंटर्स से समझिए-

  • यह निवेश का एक तरीका है, जिसमें निवेशक हर महीने एक तय अमाउंट म्यूचुअल फंड या किसी स्टॉक में जमा करता है।
  • निवेश की फ्रीक्वेंसी (मासिक, तिमाही) व्यक्ति खुद तय कर सकता है।
  • यह अमाउंट सीधे बैंक अकाउंट से ऑटो-डेबिट हो जाता है।
  • लंबे समय में कंपाउंडिंग के कारण रिटर्न बेहतर हो सकता है।
  • यह खासतौर पर सैलरीड (नौकरीपेशा) लोगों और नए निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

सवाल- लंप सम क्या होता है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • लंप सम में निवेशक एक बार में बड़ा अमाउंट म्यूचुअल फंड या किसी अन्य एसेट (स्टॉक, गोल्ड, जमीन) में लगाता है।
  • यह तरीका तब ज्यादा प्रभावी होता है, जब बाजार गिर गया हो या करेक्शन में हो।
  • अगर लंप सम में निवेश के बाद बाजार गिरता है तो नुकसान हो सकता है।

सवाल- SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है?

जवाब- ये निवेश के दो अलग तरीके हैं। आइए ग्राफिक से समझते हैं-

सवाल- रिटर्न के लिहाज से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है? जवाब- रिटर्न पूरी तरह बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि (टाइम पीरियड) पर निर्भर करता है। पूरी बात पॉइंटर्स से समझिए-

  • SIP लंबे समय में स्थिर और संतुलित रिटर्न देता है।
  • अगर सही समय पर लंप सम निवेश किया जाए, तो अधिक रिटर्न मिल सकता है। लेकिन गलत समय पर निवेश करने से नुकसान भी हो सकता है।
  • इसलिए अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो SIP बेहतर विकल्प है, जबकि बाजार में गिरावट होने पर लंप सम फायदेमंद हो सकता है।

सवाल- SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- SIP शुरू करने से पहले निवेश का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए, जैसे-

  • घर खरीदना है।
  • बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जमा करने हैं।
  • रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना है।

इसके अलावा और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लंप सम निवेश करते समय क्या सावधानियां जरूरी हैं?

जवाब- लंप सम निवेश के लिए जरूरी है कि व्यक्ति के पास अतिरिक्त फंड होना चाहिए, जिसे लंबे समय तक निवेशित रखा जा सके। लंप सम से पहले ये सभी बातें जानना जरूरी है-

सवाल- क्या एक ही फंड में SIP और लंप सम दोनों कर सकते हैं?

जवाब- हां, यह इन्वेस्टमेंट का अच्छा तरीका है। इसमें व्यक्ति अपनी नियमित SIP जारी रख सकता है। फिर जब भी बाजार में पैनिक (गिरावट) हो, अतिरिक्त पैसे डाल सकता है। इसे ‘बाय ऑन डिप्स’ टेक्नीक कहते हैं।

इससे पोर्टफोलियो की NAV (नेट एसेट वैल्यू) काफी नीचे आ जाती है और भविष्य में मिलने वाला रिटर्न कई गुना बढ़ जाता है।

सवाल- निवेश की अवधि का सही चुनाव कैसे करें?

जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए-

  • कम अवधि (1-2 साल) के लिए डेट फंड या FD (फिक्स डिपॉजिट) चुनें।
  • मध्यम अवधि (3-5 साल) के लिए हाइब्रिड या इंडेक्स फंड लें।
  • लंबी अवधि (7-10 साल+) के लिए लार्ज, मिड या स्मॉल कैप चुनें।
  • अपने लक्ष्य के अनुसार अवधि को समय-समय पर रीसेट करें।
  • रिटायरमेंट जैसे लक्ष्य के लिए इसे 20 साल तक बढ़ाएं।
  • अवधि जितनी लंबी होगी, बाजार का जोखिम उतना ही कम होगा।

सवाल- SIP या लंप सम में कितने समय के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहिए?

जवाब- यह पूरी तरह से व्यक्ति के इन्वेस्टमेंट गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। हालांकि, इसके कुछ सामान्य नियम हैं, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- STP यानी सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान क्या है और निवेश में कैसे मदद करता है?

जवाब- STP को लंप सम और SIP का एक हाइब्रिड मॉडल कह सकते हैं।

  • इसमें निवेशक एक बड़ी रकम पहले ‘लिक्विड फंड’ में डालते हैं।
  • फिर वहां से हर महीने एक हिस्सा ‘इक्विटी फंड’ में ट्रांसफर होता है।
  • यह सीधे लंप सम करने के जोखिम को खत्म कर देता है।
  • मूलधन पर लिक्विड फंड में थोड़ा ब्याज भी मिलता रहता है।
  • साथ ही इक्विटी में आपका पैसा किश्तों में (SIP की तरह) जाता है।
  • यह ‘मार्केट टाइमिंग’ के डर को पूरी तरह खत्म कर देता है।
  • बड़े निवेशकों के लिए यह रिस्क मैनेज करने का सबसे अच्छा तरीका है।

सवाल- नए निवेशक को शुरुआत कैसे करनी चाहिए?

जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए-

  • नए निवेशक को हमेशा छोटी SIP से शुरुआत करनी चाहिए।
  • सीधे लंप सम निवेश करने से शुरुआती झटका लग सकता है।
  • पहले इंडेक्स फंड या लार्ज कैप फंड में निवेश करें।
  • निवेश की प्रक्रिया और बाजार के व्यवहार को समझें।
  • कम-से-कम 6 महीने तक निवेश का अनुभव लें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे मिडकैप और स्मॉलकैप की तरफ बढ़ें।
  • निवेश में ‘धैर्य’ जरूरी है।
  • बाजार में गिरावट पर पैनिक न हों, उसे निवेश के मौके की तरह देखें।

……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- सिर्फ PAN नंबर से जानें म्यूचुअल फंड डिटेल्स: कितनी वेल्थ बनी, टैक्स फाइलिंग में कैसे मिलेगी मदद, जानें पूरा प्रोसेस

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