अंगदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े ने शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। बैठक में अंगदान के क्षेत्र में इंदौर संभाग के प्रयासों की समीक्षा करते हुए इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। डॉ. खाड़े ने कहा कि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। शहर के 13 अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। अब आवश्यकता है कि इन प्रयासों को सकारात्मक आंदोलन में बदला जाए, ताकि इंदौर न केवल प्रदेश बल्कि देश में भी अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस कार्य को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की नियुक्ति की जाए, ताकि अंगदान से संबंधित जानकारी का समय पर आदान-प्रदान हो सके। साथ ही इन कॉर्डिनेटरों की एक समेकित सूची तैयार कर शासन स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए। बड़े अस्पतालों को छोटे अस्पतालों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि अंगदान के प्रति इच्छुक लेकिन आर्थिक अभाव से जूझ रहे लोगों को चिन्हित कर शासन स्तर से सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं। एक जिले से दूसरे जिले में अंग प्रत्यारोपण के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने और चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए नियमित शिविर, कार्यशाला एवं सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी अंगदान संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। सभी अस्पतालों में पोस्टर, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति प्रतिज्ञा पत्र भरकर नोटो (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) के साथ पंजीकरण कर सकते हैं। अंगदान केवल ब्रेन डेड घोषित होने और अस्पताल में मृत्यु की स्थिति में ही प्रभावी रूप से संभव होता है। बैठक में बताया गया कि अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंग या ऊतक निकालकर ऐसे मरीज में प्रत्यारोपित किए जाते हैं, जिनके अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इसे “जीवन का उपहार” भी कहा जाता है, जो किसी व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है। बैठक में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पुरोहित, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य व जीतू बगानी, किडनी फाउंडेशन के डॉ. अनिल भंडारी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. पूर्णिमा गडरिया, इंदौर आई बैंक की उमा झंवर सहित चोइथराम, बॉम्बे हॉस्पिटल, अपोलो राजश्री, जूपिटर, सीएचएल, अमलतास, श्री अरबिंदो, मोहक, शैल्बी, मेदांता एवं एमिनेंट अस्पताल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।














































