Monday, 26 Oct 2026 | 03:42 AM

Trending :

EXCLUSIVE

थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब 11 दिन ही शेष रह गए हैं। 22 अप्रैल को धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, ऐसे में प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि इस बार आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। धाम तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग से लेकर बेस कैंप तक सफाई, मरम्मत और सुविधाओं को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। बर्फ हटाने से लेकर रास्तों को सुरक्षित बनाने तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इन तैयारियों के बीच मौसम बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। वहीं ग्लेशियर खिसकने से पैदल मार्ग को नुकसान भी पहुंचा है। इसके बावजूद टीमें लगातार जुटी हुई हैं और मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी तैयारियों को समय पर पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। धाम में युद्धस्तर पर काम जारी
केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद अब मौसम खुल गया है और तेज धूप निकलने से हालात तेजी से सामान्य किए जा रहे हैं। रास्तों के किनारे जमी मोटी बर्फ को हटाया जा चुका है और पैदल मार्ग को साफ करने का काम जारी है। कर्मचारी और मजदूर मिलकर रास्ते की मरम्मत और सफाई में जुटे हुए हैं, जिससे यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। धूप खिलने के बाद तैयारियां तेज
पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद धूप खिलने से प्रशासन और संबंधित टीमें तैयारियों को और तेज कर चुकी हैं। धाम में बैरिकेडिंग, सफाई व्यवस्था और मार्ग सुधार के काम किए जा रहे हैं। जल्द ही यात्रा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। ग्लेशियर टूटने से मची अफरा-तफरी
यात्रा की तैयारियों के बीच गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर थारू कैंप के पास दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक ग्लेशियर टूट गया। जिससे यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना बड़ी लिनचौली से ऊपर हुई, जहां इन दिनों यात्रा को सुचारू बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। घटना के समय मौके पर मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे। जो यात्रा तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक ग्लेशियर टूटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन अलर्ट
इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और क्षतिग्रस्त मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी के चलते इस तरह की घटनाएं चुनौती बन रही हैं, लेकिन टीमें मौके पर डटी हुई हैं और यात्रा को निर्धारित समय पर शुरू कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। सभी लोग सुरक्षित
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है और मार्ग को फिर से खोलने के लिए श्रमिकों को तैनात कर दिया गया है। तीन साल में 53.81 लाख श्रद्धालु पहुंचे
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रद्धालुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे हैं। वर्ष 2023 में 19,61,025 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 16,52,070 रह गई। वहीं 2025 में फिर से बढ़त देखने को मिली और 17,68,795 श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। तीनों वर्षों को मिलाकर कुल 53,81,890 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं, जो इस बात का संकेत है कि मौसम और चुनौतियों के बावजूद आस्था में कोई कमी नहीं आई है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
घर पर फायरिंग करने वाला बदमाश गिरफ्तार:सहारन तिराहे से पकड़ा, अवैध कट्टा और कारतूस बरामद

April 20, 2026/
6:50 pm

भितरवार पुलिस ने सोमवार को नगर परिषद के संविदा कर्मचारी के घर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले एक बदमाश...

यशपाल शर्मा बोले-आइटम डांस और गालियां फिल्म में नहीं:एक्टर ने कहा- दो घंटे में एक पूरी किताब पढ़ने का अनुभव देगी राजस्थानी फिल्म, जयपुर में ‘धूड़’ का ट्रेलर रिलीज

October 6, 2026/
7:57 pm

राजस्थानी फिल्म ‘धूड़ (सैंडस्टॉर्म)’ का मंगलवार को जयपुर में एक समारोह के दौरान आधिकारिक ट्रेलर जारी किया गया। यह फिल्म...

मेरठ में 'इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट' में पहुंचे पंजाब CM:महाराज सूरजमल की प्रतिमा अनावरण, भगवंत मान बोले- नेताओं ने अपनी मूर्तियां लगाईं शूरवीरों को भूले

March 29, 2026/
6:40 am

उत्तर प्रदेश के मेरठ में होने वाले इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहुंचे। रविवार को...

अगर हमारे पास इंडक्शन नहीं है या भारत में एलपीजी संकट है तो इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर के फायदे, जानिए इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर का उपयोग कैसे करें

March 18, 2026/
10:43 am

विद्युत उपकरण कुकर | छवि: एआई/फ़्रीपिक इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर का उपयोग करने का सही तरीका: आजकल एलपीजी इंजन की भारी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब 11 दिन ही शेष रह गए हैं। 22 अप्रैल को धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, ऐसे में प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि इस बार आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। धाम तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग से लेकर बेस कैंप तक सफाई, मरम्मत और सुविधाओं को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। बर्फ हटाने से लेकर रास्तों को सुरक्षित बनाने तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इन तैयारियों के बीच मौसम बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। वहीं ग्लेशियर खिसकने से पैदल मार्ग को नुकसान भी पहुंचा है। इसके बावजूद टीमें लगातार जुटी हुई हैं और मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी तैयारियों को समय पर पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। धाम में युद्धस्तर पर काम जारी
केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद अब मौसम खुल गया है और तेज धूप निकलने से हालात तेजी से सामान्य किए जा रहे हैं। रास्तों के किनारे जमी मोटी बर्फ को हटाया जा चुका है और पैदल मार्ग को साफ करने का काम जारी है। कर्मचारी और मजदूर मिलकर रास्ते की मरम्मत और सफाई में जुटे हुए हैं, जिससे यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। धूप खिलने के बाद तैयारियां तेज
पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद धूप खिलने से प्रशासन और संबंधित टीमें तैयारियों को और तेज कर चुकी हैं। धाम में बैरिकेडिंग, सफाई व्यवस्था और मार्ग सुधार के काम किए जा रहे हैं। जल्द ही यात्रा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। ग्लेशियर टूटने से मची अफरा-तफरी
यात्रा की तैयारियों के बीच गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर थारू कैंप के पास दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक ग्लेशियर टूट गया। जिससे यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना बड़ी लिनचौली से ऊपर हुई, जहां इन दिनों यात्रा को सुचारू बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। घटना के समय मौके पर मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे। जो यात्रा तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक ग्लेशियर टूटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन अलर्ट
इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और क्षतिग्रस्त मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी के चलते इस तरह की घटनाएं चुनौती बन रही हैं, लेकिन टीमें मौके पर डटी हुई हैं और यात्रा को निर्धारित समय पर शुरू कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। सभी लोग सुरक्षित
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है और मार्ग को फिर से खोलने के लिए श्रमिकों को तैनात कर दिया गया है। तीन साल में 53.81 लाख श्रद्धालु पहुंचे
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रद्धालुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे हैं। वर्ष 2023 में 19,61,025 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 16,52,070 रह गई। वहीं 2025 में फिर से बढ़त देखने को मिली और 17,68,795 श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। तीनों वर्षों को मिलाकर कुल 53,81,890 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं, जो इस बात का संकेत है कि मौसम और चुनौतियों के बावजूद आस्था में कोई कमी नहीं आई है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.