Tuesday, 14 Apr 2026 | 07:54 PM

Trending :

सड़क किनारे खेल रही बच्ची को ट्रैक्टर ने कुचला, मौत:ड्राइव कर रहा नाबालिग भागा; शिवपुरी पुलिस ने वाहन जब्त किया सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: राबड़ी देवी के मंत्री से बिहार के मुख्यमंत्री तक | पूर्ण समयरेखा | राजनीति समाचार सांसद अमृतपाल को पंजाब लाने से बिगड़ेंगे हालात:राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, 23 अप्रैल को खत्म हो रही NSA अवधि घर में आग लगी, बुजुर्ग महिला को बचाया:सिंगरौली में पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर पाया काबू बाजार में असली या केमिकल वाला आम? ऐसे करें सेकंड्स में पहचान वरना सेहत हो सकती है खराब माराडोना की मौत मामले में फिर जांच शुरू हो रही:मेडिकल टीम पर इलाज में लापरवाही के आरोप; पहला ट्रायल रद्द हुआ था
EXCLUSIVE

कहीं आपकी किचन का नॉन स्टिक तवा जहर तो नहीं उगल रहा? इन 3 संकेतों से करें पहचान, तुरंत निकालकर फेंक दें

authorimg

Last Updated:

Non-Stick Cookware Risks: नॉन-स्टिक तवा किचन में सुविधाजनक जरूर होता है, लेकिन खराब होने पर यह सेहत के लिए खतरनाक बन सकता है. तवा की कोटिंग निकलना, खाना चिपकना और बदबू आना इसके खराब होने के संकेत हैं. ऐसे में समय पर तवे को बदलना जरूरी है, ताकि जहरीले केमिकल्स से होने वाले नुकसान से बचा जा सके.

Zoom

नॉन-स्टिक तवा खराब हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए.

Non-Stick Pan Health Risks: एक जमाने में मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे स्टील और एलुमिनियम के बर्तनों का ट्रेंड बढ़ने लगा. अब तमाम लोग नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल कर रहे हैं. आजकल लगभग हर घर की रसोई में नॉन-स्टिक तवा, कड़ाही और पैन का इस्तेमाल किया जा रहा है. कम तेल में खाना बनाना, जल्दी साफ हो जाना और समय की बचत, ये सभी वजहें इसे बेहद लोकप्रिय बनाती हैं. खासकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग नॉन-स्टिक बर्तनों को ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन सुविधा के साथ-साथ इसकी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है. अगर इन बर्तनों का सही तरीके से उपयोग न किया जाए या ये खराब हो जाएं, तो यही नॉन-स्टिक तवा धीरे-धीरे आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है.

यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि नॉन-स्टिक बर्तनों की सतह पर एक खास कोटिंग होती है, जो खाना चिपकने से रोकती है और कम तेल में कुकिंग को आसान बनाती है. समय के साथ या गलत उपयोग के कारण यह कोटिंग घिसने लगती है या टूट जाती है. जब ऐसा होता है, तो इसके छोटे-छोटे कण खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. बहुत ज्यादा तापमान पर यह कोटिंग जहरीले धुएं भी छोड़ सकती है, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए खराब नॉन-स्टिक बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ये 3 संकेत दिखें, तो नॉन स्टिक तवा न करें यूज

कोटिंग का छिलना या खुरचना : अगर आपके तवे की सतह पर खरोंचें दिखाई देने लगी हैं या उसकी कोटिंग जगह-जगह से उतर रही है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि वह अब सुरक्षित नहीं है. यह स्थिति अक्सर मेटल के चम्मच, ज्यादा रगड़ने या लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण होती है. ऐसी हालत में कोटिंग के कण खाने में मिल सकते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसलिए जैसे ही ऐसी खरोंचें दिखें, तुरंत उस तवे को बदल देना चाहिए.

खाना बार-बार चिपकना : नॉन-स्टिक तवे की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि उसमें खाना आसानी से बनता है और चिपकता नहीं. अगर आप नोटिस करें कि अब रोटी, डोसा या सब्जी तवे पर चिपकने लगी है, तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी नॉन-स्टिक कोटिंग खराब हो चुकी है. इस स्थिति में न केवल खाना खराब बनता है, बल्कि उसे निकालने के लिए ज्यादा तेल और जोर लगाना पड़ता है, जिससे बर्तन और जल्दी खराब हो सकता है.

तवे का रंग बदलना या बदबू आना : अगर आपके नॉन-स्टिक तवे का रंग फीका पड़ गया है, उस पर दाग-धब्बे दिखने लगे हैं या गर्म करने पर अजीब सी गंध आने लगती है, तो यह भी एक चेतावनी संकेत है. यह दर्शाता है कि तवे की सतह में केमिकल बदलाव हो रहे हैं. ऐसे बर्तन से निकलने वाले धुएं और गंध स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर अगर लंबे समय तक इसका इस्तेमाल किया जाए.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
चीनी रोबोट विवाद के बाद प्रोफेसर को नौकरी की तलाश:लिंक्डइन पर लिखा ओपन टू वर्क; गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर

February 19, 2026/
1:48 pm

चाइनीज रोबोट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी का इन्वेंशन बताने वाली प्रोफेसर नेहा सिंह अब नई नौकरी की तलाश में हैं। उन्होंने...

‘द केरल स्टोरी 2' टीम का बड़ा दावा:30 पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया, प्रोड्यूसर बोले- जबरन धर्मांतरण की सच्चाई देश को जाननी चाहिए

February 23, 2026/
6:44 pm

फिल्म ‘द केरल स्टोरी-2: गोस बियॉन्डट को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई। फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल...

Gold Silver Prices Drop | India Market Update

March 5, 2026/
4:00 am

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोना-चांदी से जुड़ी रही। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923...

Stock Market Crash LIVE

March 19, 2026/
11:29 am

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 11:29 IST दूसरी सूची में छह महिलाओं को शामिल किया गया है, जिससे नामांकित महिलाओं की...

चेस में ‘चीटिंग’ का सस्पेंस:हार से बौखलाए कार्लसन भिड़ने पहुंच गए थे नीमन से, 4 साल बाद भी नहीं मिला बेईमानी का सबूत

April 11, 2026/
2:58 pm

शतरंज की बिसात पर मोहरे अक्सर गहरी खामोशी व एकाग्रता के साथ चले जाते हैं। लेकिन 2022 में एक ऐसी...

नर्मदापुरम में 4.22 करोड़ की मूंग हेराफेरी में FIR:वेयरहाउस संचालिका, रिश्तेदार और चौकीदार बने आरोपी, ताला बदलकर गायब की 9899 बोरी मूंग

February 20, 2026/
9:26 pm

नर्मदापुरम जिले के माखननगर के एकलव्य वेयरहाउस से गायब 9899 बोरी सरकारी मूंग मामले में आखिरकार शुक्रवार को एफआईआर हो...

प्रभारी मंत्री नरेंद्र पटेल का दो दिवसीय बैतूल दौरा:मेहदगांव और जुवाड़ी में स्थानीय कार्यक्रमों में होंगे शामिल

February 21, 2026/
12:10 am

मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री और बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी...

चंदिया कटनी बाइपास पर ट्रकों से यातायात बाधित:एक किलोमीटर तक सड़क पर खड़े रहते हैं भारी वाहन

February 28, 2026/
10:42 am

उमरिया जिले के चंदिया नगर में कटनी बाइपास मार्ग पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ट्रकों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित...

राजनीति

कहीं आपकी किचन का नॉन स्टिक तवा जहर तो नहीं उगल रहा? इन 3 संकेतों से करें पहचान, तुरंत निकालकर फेंक दें

authorimg

Last Updated:

Non-Stick Cookware Risks: नॉन-स्टिक तवा किचन में सुविधाजनक जरूर होता है, लेकिन खराब होने पर यह सेहत के लिए खतरनाक बन सकता है. तवा की कोटिंग निकलना, खाना चिपकना और बदबू आना इसके खराब होने के संकेत हैं. ऐसे में समय पर तवे को बदलना जरूरी है, ताकि जहरीले केमिकल्स से होने वाले नुकसान से बचा जा सके.

Zoom

नॉन-स्टिक तवा खराब हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए.

Non-Stick Pan Health Risks: एक जमाने में मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे स्टील और एलुमिनियम के बर्तनों का ट्रेंड बढ़ने लगा. अब तमाम लोग नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल कर रहे हैं. आजकल लगभग हर घर की रसोई में नॉन-स्टिक तवा, कड़ाही और पैन का इस्तेमाल किया जा रहा है. कम तेल में खाना बनाना, जल्दी साफ हो जाना और समय की बचत, ये सभी वजहें इसे बेहद लोकप्रिय बनाती हैं. खासकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग नॉन-स्टिक बर्तनों को ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन सुविधा के साथ-साथ इसकी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है. अगर इन बर्तनों का सही तरीके से उपयोग न किया जाए या ये खराब हो जाएं, तो यही नॉन-स्टिक तवा धीरे-धीरे आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है.

यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि नॉन-स्टिक बर्तनों की सतह पर एक खास कोटिंग होती है, जो खाना चिपकने से रोकती है और कम तेल में कुकिंग को आसान बनाती है. समय के साथ या गलत उपयोग के कारण यह कोटिंग घिसने लगती है या टूट जाती है. जब ऐसा होता है, तो इसके छोटे-छोटे कण खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. बहुत ज्यादा तापमान पर यह कोटिंग जहरीले धुएं भी छोड़ सकती है, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए खराब नॉन-स्टिक बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ये 3 संकेत दिखें, तो नॉन स्टिक तवा न करें यूज

कोटिंग का छिलना या खुरचना : अगर आपके तवे की सतह पर खरोंचें दिखाई देने लगी हैं या उसकी कोटिंग जगह-जगह से उतर रही है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि वह अब सुरक्षित नहीं है. यह स्थिति अक्सर मेटल के चम्मच, ज्यादा रगड़ने या लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण होती है. ऐसी हालत में कोटिंग के कण खाने में मिल सकते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसलिए जैसे ही ऐसी खरोंचें दिखें, तुरंत उस तवे को बदल देना चाहिए.

खाना बार-बार चिपकना : नॉन-स्टिक तवे की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि उसमें खाना आसानी से बनता है और चिपकता नहीं. अगर आप नोटिस करें कि अब रोटी, डोसा या सब्जी तवे पर चिपकने लगी है, तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी नॉन-स्टिक कोटिंग खराब हो चुकी है. इस स्थिति में न केवल खाना खराब बनता है, बल्कि उसे निकालने के लिए ज्यादा तेल और जोर लगाना पड़ता है, जिससे बर्तन और जल्दी खराब हो सकता है.

तवे का रंग बदलना या बदबू आना : अगर आपके नॉन-स्टिक तवे का रंग फीका पड़ गया है, उस पर दाग-धब्बे दिखने लगे हैं या गर्म करने पर अजीब सी गंध आने लगती है, तो यह भी एक चेतावनी संकेत है. यह दर्शाता है कि तवे की सतह में केमिकल बदलाव हो रहे हैं. ऐसे बर्तन से निकलने वाले धुएं और गंध स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर अगर लंबे समय तक इसका इस्तेमाल किया जाए.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.