सीधी शहर के गुलाब टावर के पास रविवार देर रात करीब 12 बजे एक विद्युत पोल में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि आसपास के घरों और दुकानों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पोल की तारें और पूरा पोल जलकर खाक हो गया। पास में स्थित तीन मंजिला गुलाब टावर, जिसमें कपड़ों का बड़ा स्टॉक रखा था, भी आग की चपेट में आने के कगार पर था। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लाखों का नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड और नगर पालिका प्रशासन को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई भी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के, एक युवक ने सीढ़ी के सहारे पोल के पास पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। युवक की बहादुरी और ग्रामीणों के सहयोग से आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और गुलाब टावर सहित आसपास की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। इस मामले पर नगर पालिका की प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं मिली थी, संभवतः सूचना किसी अन्य अधिकारी तक पहुंची होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय निवासी रामभद्र सिंह ने प्रशासनिक लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसी घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन बिजली विभाग, नगर पालिका और फायर ब्रिगेड की टीमें समय पर नहीं पहुंचतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।












































