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India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

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नई दिल्ली31 मिनट पहले

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मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं।

महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है।

महंगाई बढ़ने की वजह- खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था।

ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही।

पर्सनल केयर वाले सामान सबसे ज्यादा 18.65% महंगे हुए

सेक्टर महंगाई दर (%)
पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान 18.65
पान, तंबाकू और नशीले पदार्थ 4.23
खाद्य और पेय पदार्थ 3.71
एजुकेशन सर्विसेज 3.30
कपड़े और जूते 2.75
रेस्टोरेंट और होटल सेवाएं 2.88
मनोरंजन, खेल और संस्कृति 2.28
स्वास्थ्य 1.75
आवास, पानी, बिजली और गैस 1.97
घरेलू उपकरण और रख-रखाव 1.39
सूचना और संचार 0.33
ट्रांसपोर्ट 0.00

मार्च में आलू महंगा, प्याज और लहसन सस्ता हुआ

नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026)
1 प्याज -28.20 -27.76
2 आलू -18.47 -18.98
3 लहसन -31.10 -10.18
4 अरहर, तुअर दाल -16.00 -9.56
5 मटर, चने -8.26 -7.87

चांदी के गहनों की महंगाई दर घटकर 148.61% पर आई

नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026)
1 चांदी के गहने 160.88 148.61
2 सोने/हीरे/प्लैटिनम 48.17 45.92
3 नारियल: खोपरा 46.16 45.52
4 टमाटर 45.18 35.99
5 फूलगोभी 43.76 34.11

नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल

यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है।

खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है।

क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं।

क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)।

किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)।

जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है।

ये खबर भी पढ़ें…

सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग

देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

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नई दिल्ली31 मिनट पहले

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मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं।

महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है।

महंगाई बढ़ने की वजह- खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था।

ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही।

पर्सनल केयर वाले सामान सबसे ज्यादा 18.65% महंगे हुए

सेक्टर महंगाई दर (%)
पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान 18.65
पान, तंबाकू और नशीले पदार्थ 4.23
खाद्य और पेय पदार्थ 3.71
एजुकेशन सर्विसेज 3.30
कपड़े और जूते 2.75
रेस्टोरेंट और होटल सेवाएं 2.88
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स्वास्थ्य 1.75
आवास, पानी, बिजली और गैस 1.97
घरेलू उपकरण और रख-रखाव 1.39
सूचना और संचार 0.33
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मार्च में आलू महंगा, प्याज और लहसन सस्ता हुआ

नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026)
1 प्याज -28.20 -27.76
2 आलू -18.47 -18.98
3 लहसन -31.10 -10.18
4 अरहर, तुअर दाल -16.00 -9.56
5 मटर, चने -8.26 -7.87

चांदी के गहनों की महंगाई दर घटकर 148.61% पर आई

नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026)
1 चांदी के गहने 160.88 148.61
2 सोने/हीरे/प्लैटिनम 48.17 45.92
3 नारियल: खोपरा 46.16 45.52
4 टमाटर 45.18 35.99
5 फूलगोभी 43.76 34.11

नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल

यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है।

खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है।

क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं।

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महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)।

किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)।

जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है।

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सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग

देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

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