Friday, 17 Jul 2026 | 08:17 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

विक्टर ऑर्बन हंगरी का प्रधानमंत्री चुनाव हार गए हैं। वे 16 साल से सत्ता में थे। विपक्षी तिस्जा पार्टी के पीटर मग्यार अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। मग्यार पहले ऑर्बन की पार्टी फिदेस से जुड़े थे, लेकिन पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनसे अलग हो गए थे। ऑर्बन दुनिया के गिने-चुने नेताओं में हैं, जिनकी करीबी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस बार के चुनाव में करीब 80% रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी। नतीजों को बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। इसका असर यूरोप और ग्लोबल राजनीति पर पड़ेगा। तिस्जा पार्टी की 138 सीटों के साथ बड़ी जीत BBC के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में तिस्जा पार्टी ने 199 में 138 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, ऑर्बन की फिदेस पार्टी को सिर्फ 55 सीटें ही मिली हैं। तिस्जा को करीब 53% और फिदेस को करीब 37% वोट मिले। इन चुनाव नतीजों के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में देर रात तक जश्न चलता रहा। डेन्यूब नदी किनारे हजारों लोग जुटे। कारों के हॉर्न, झंडे और नारेबाजी के बीच जश्न चलता रहा। कई जगह लोगों ने रूसियों घर जाओ जैसे नारे लगाए। हंगरी में जश्न की 4 तस्वीरें… ट्रम्प के करीबी माने जाते हैं ऑर्बन ऑर्बन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे विपक्ष से देश की सेवा करेंगे। ऑर्बन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल ही में उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने चुनाव से पहले हंगरी का दौरा किया था और उनका समर्थन किया था। ऑर्बन यूरोप में ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। 2016 में ट्रम्प के पहली बार चुनाव लड़ने की घोषणा पर ऑर्बन पहले यूरोपीय नेता थे जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया था। ऑर्बन को पुतिन का भी समर्थक माना जाता है ऑर्बन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाते रहे हैं। उनकी राजनीति रूस से करीबी और यूरोपीय यूनियन से दूरी पर आधारित रही है। उन्होंने रूस पर लगे प्रतिबंधों का कई बार विरोध किया और यूक्रेन युद्ध जल्दी खत्म करने की बात कही। उनके आलोचकों का कहना है कि यह रुख रूस को खुश करने के लिए है। ऑर्बन ने रूस के बड़े हमले के खिलाफ यूक्रेन को समर्थन देने की यूरोपीयन यूनियन की कोशिशों में बार-बार बाधा डाली। साथ ही उन्होंने पुतिन से करीबी रिश्ते बनाए रखे और रूस से ऊर्जा आयात पर हंगरी की निर्भरता खत्म करने से इनकार किया पीटर मग्यार का राजनीतिक एजेंडा और वादे जीत के बाद पीटर मग्यार ने कहा कि जनता ने झूठ पर सच्चाई को चुना है। उन्होंने यूरोपीयन यूनियन (EU) और NATO के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया। EU यह देखेगा कि मग्यार यूक्रेन को लेकर हंगरी की नीति में क्या बदलाव करते हैं। माना जा रहा है कि विदेश नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। मग्यार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहाल करने और शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की बात कही। साथ ही उन्होंने ऑर्बन काल की ‘पैट्रोनेज सिस्टम’ (NER) खत्म करने का वादा किया। ऑर्बन के न जीतने की क्या वजह? विक्टर ऑर्बन 2010 में पहली बार हंगरी की सत्ता में आए और तब से उन पर कई आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि सत्ता में आते ही उन्होंने सिस्टम अपने हिसाब से बदलना शुरू किया। उन्होंने चुनाव के ऐसे नियम तय किए कि फायदा उनकी फिदेस पार्टी को मिले। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने देश की करीब 80% मीडिया और सरकारी संस्थाओं को कंट्रोल में रखा था। उन्होंने EU में अपने करीबियों के लिए कई मुश्किलें पैदा की, जिससे हंगरी के कई फैसले विवादों में आ गए। ————————- ये खबर भी पढ़ें… युगांडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइंस पर भी रोक लगा देंगे युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे मुहूजी कैनेरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर (₹9000 करोड़) और देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये से कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर रोक लगाई जा सकती है। कैनेरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन में संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो वे भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हिमाचल में ₹50 के लिए प्लास-लाठी से पिटाई, VIDEO:बंद कमरे में मारा, नाखुन तक उखाड़ने का प्रयास; पुलिस 5 दिन बाद भी खाली हाथ

April 29, 2026/
9:25 am

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के टाहलीवाल में तेल भरवाने पेट्रोल पंप पर गए युवक की बेरहमी से पिटाई मामले...

दृश्यम 3 का नया नैरेटिव तैयार:‘शैतान 2’ पर लगा ब्रेक; जुलाई 2026 से लंदन में नई हॉरर फिल्म शुरू करेंगे अजय देवगन

July 8, 2026/
5:34 pm

अजय देवगन की आगामी फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री में लगातार चर्चा बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार…‘फिलहाल उनका फोकस कई...

स्टारबक्स को ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल पड़ा भारी:एआई की भूल से ताज़ा हुए जख्म; स्टारबक्स ने स्टोर बंद कर स्टाफ को दी ट्रेनिंग

June 24, 2026/
1:01 pm

दक्षिण कोरिया में कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को देश की संस्कृति और इतिहास की समझ सिखाना पड़ रहा है।...

रोजर्स ने बताए टेक सेक्टर में नौकरी पाने के गुर:अनुभवी सीईओ की सलाह- बड़ी कंपनियों के मुताबिक तकनीकी कौशल सीखें

March 11, 2026/
3:01 pm

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एपल, मेटा जैसी टेक कंपनियों में नौकरी करने के इच्छुक युवाओं को एक सीईओ की सलाह...

Gus Atkinson celebrates taking the wicket of New Zealand's Will O'Rourke (Picture credit: AP)

June 6, 2026/
5:11 pm

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 17:11 IST एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की...

Mumbai Airport | Air India Staff Protest Salary Hike

May 18, 2026/
9:37 pm

मुंबई9 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एयरपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AIASL) कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

विक्टर ऑर्बन हंगरी का प्रधानमंत्री चुनाव हार गए हैं। वे 16 साल से सत्ता में थे। विपक्षी तिस्जा पार्टी के पीटर मग्यार अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। मग्यार पहले ऑर्बन की पार्टी फिदेस से जुड़े थे, लेकिन पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनसे अलग हो गए थे। ऑर्बन दुनिया के गिने-चुने नेताओं में हैं, जिनकी करीबी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस बार के चुनाव में करीब 80% रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी। नतीजों को बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। इसका असर यूरोप और ग्लोबल राजनीति पर पड़ेगा। तिस्जा पार्टी की 138 सीटों के साथ बड़ी जीत BBC के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में तिस्जा पार्टी ने 199 में 138 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, ऑर्बन की फिदेस पार्टी को सिर्फ 55 सीटें ही मिली हैं। तिस्जा को करीब 53% और फिदेस को करीब 37% वोट मिले। इन चुनाव नतीजों के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में देर रात तक जश्न चलता रहा। डेन्यूब नदी किनारे हजारों लोग जुटे। कारों के हॉर्न, झंडे और नारेबाजी के बीच जश्न चलता रहा। कई जगह लोगों ने रूसियों घर जाओ जैसे नारे लगाए। हंगरी में जश्न की 4 तस्वीरें… ट्रम्प के करीबी माने जाते हैं ऑर्बन ऑर्बन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे विपक्ष से देश की सेवा करेंगे। ऑर्बन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल ही में उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने चुनाव से पहले हंगरी का दौरा किया था और उनका समर्थन किया था। ऑर्बन यूरोप में ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। 2016 में ट्रम्प के पहली बार चुनाव लड़ने की घोषणा पर ऑर्बन पहले यूरोपीय नेता थे जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया था। ऑर्बन को पुतिन का भी समर्थक माना जाता है ऑर्बन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाते रहे हैं। उनकी राजनीति रूस से करीबी और यूरोपीय यूनियन से दूरी पर आधारित रही है। उन्होंने रूस पर लगे प्रतिबंधों का कई बार विरोध किया और यूक्रेन युद्ध जल्दी खत्म करने की बात कही। उनके आलोचकों का कहना है कि यह रुख रूस को खुश करने के लिए है। ऑर्बन ने रूस के बड़े हमले के खिलाफ यूक्रेन को समर्थन देने की यूरोपीयन यूनियन की कोशिशों में बार-बार बाधा डाली। साथ ही उन्होंने पुतिन से करीबी रिश्ते बनाए रखे और रूस से ऊर्जा आयात पर हंगरी की निर्भरता खत्म करने से इनकार किया पीटर मग्यार का राजनीतिक एजेंडा और वादे जीत के बाद पीटर मग्यार ने कहा कि जनता ने झूठ पर सच्चाई को चुना है। उन्होंने यूरोपीयन यूनियन (EU) और NATO के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया। EU यह देखेगा कि मग्यार यूक्रेन को लेकर हंगरी की नीति में क्या बदलाव करते हैं। माना जा रहा है कि विदेश नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। मग्यार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहाल करने और शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की बात कही। साथ ही उन्होंने ऑर्बन काल की ‘पैट्रोनेज सिस्टम’ (NER) खत्म करने का वादा किया। ऑर्बन के न जीतने की क्या वजह? विक्टर ऑर्बन 2010 में पहली बार हंगरी की सत्ता में आए और तब से उन पर कई आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि सत्ता में आते ही उन्होंने सिस्टम अपने हिसाब से बदलना शुरू किया। उन्होंने चुनाव के ऐसे नियम तय किए कि फायदा उनकी फिदेस पार्टी को मिले। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने देश की करीब 80% मीडिया और सरकारी संस्थाओं को कंट्रोल में रखा था। उन्होंने EU में अपने करीबियों के लिए कई मुश्किलें पैदा की, जिससे हंगरी के कई फैसले विवादों में आ गए। ————————- ये खबर भी पढ़ें… युगांडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइंस पर भी रोक लगा देंगे युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे मुहूजी कैनेरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर (₹9000 करोड़) और देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये से कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर रोक लगाई जा सकती है। कैनेरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन में संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो वे भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.