Wednesday, 09 Sep 2026 | 04:14 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए।

.

गुस्साए कर्मचारियों ने 13 इलाकों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी।

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट…

सबसे पहले नोएडा में हिंसा भड़कने की वजह समझिए…

नोएडा के फैक्ट्री कर्मचारियों में गुस्से की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य हरियाणा का एक फैसला है। 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैक्ट्री कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में 35% बढ़ोतरी करने का फैसला लिया। 10 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया। जैसे ही ये खबर नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में फैली, यहां के कर्मचारी भी सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाए जाने की सूचना दी थी।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाए जाने की सूचना दी थी।

हरियाणा और यूपी में कर्मचारियों की सैलरी में कितना अंतर?

हरियाणा- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,275 से बढ़ाकर 15,220 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 से बढ़ कर 16,780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 से बढ़ कर 18,500 रुपए किया गया। उच्च कुशल का वेतन 14,389 से 19,425 रुपए किया । यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है।

उत्तर प्रदेश (नोएडा)- यहां अनस्किल्ड वर्करों को लगभग 11,313 रुपए की सैलरी ही मिल रही है।

दैनिक मजदूरी- हरियाणा में रोजाना मजदूरी 580 से 750 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि नोएडा में केवल 435 से 535 रुपए के बीच है।

वर्करों की 5 मांगें जिससे कंपनियां बच रहीं

फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों के बीच मौजूदा सैलरी में गुजारा करना नामुमकिन है। ऐसे में वर्करों ने 5 मांगें उठाई हैं।

1. सैलरी बढ़ोतरी- हरियाणा की तरह पर यूपी में भी न्यूनतम सैलरी में कम से कम 35% बढ़ाई जाए।

2. ओवरटाइम का डबल पैसा- नए श्रम नियमों के हिसाब से अगर कर्मचारी एक्स्ट्रा काम करता है, तो उसे दोगुनी दर से पेमेंट हो।

3. सैलरी स्लिप और टाइम पर भुगतान- हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी बैंक खाते में आए। सैलरी स्लिप अनिवार्य रूप से दी जाए।

4. साप्ताहिक छुट्टी- सप्ताह में एक दिन का छुट्टी मिले। अगर छुट्टी के दिन काम लिया जाए, तो उसका भी डबल पैसा मिले।

5. बोनस का सीधा पेमेंट- बोनस सीधे बैंक खाते में जमा हो, न कि बिचौलियों या ठेकेदारों के जरिए वर्कर को मिले।

गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने इलाके में आम लोगों की गाड़ियो को भी निशाना बनाया है।

गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने इलाके में आम लोगों की गाड़ियो को भी निशाना बनाया है।

अब जानिए क्या कहते हैं लेबर लॉ…

वर्कस्पेस पर सिक्योरिटी- वर्कर को काम करने के लिए सुरक्षित और साफ माहौल मिले।

काम के तय घंटे- एक निश्चित समय से ज्यादा काम कराने पर ‘ओवरटाइम’ देना जरूरी है।

PF और ESI- सैलरी से कटने वाले प्रॉविडेंट फंड (PF) और बीमा (ESI) का लाभ सही समय पर मिले।

मनमानी कटौती पर रोक- बिना किसी ठोस वजह से सैलरी काटना गैर-कानूनी है।

हिंसा काबू करने के लिए नोएडा के कई इलाकों में रैफिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।

हिंसा काबू करने के लिए नोएडा के कई इलाकों में रैफिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।

प्रशासन ने सहमति दी, इंडस्ट्री मालिक तैयार नहीं थे

  • हरियाणा में 7 अप्रैल को फैक्ट्री कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। नोएडा में भी फैक्ट्री कर्मचारी 9 अप्रैल से प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन की ओर से समझौता और मांगों सहमति बनने की बात कही गई थी, लेकिन इसमें इंडस्ट्री के मालिकों की सहमति नहीं थी।
  • जब तक इडस्ट्री के मालिक न्यूनतम मजदूरी देने, आठ घंटे तक काम कराने, ओवरटाइम देने, नाइट ड्यूटी अलाउंस नियमानुसार देने जैसी मांगों पर सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रशासन, श्रम और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से समझौते का कोई औचित्य नहीं था। स्थानीय श्रमिकों ने करीब तीन चार महीने पहले स्थानीय श्रम उपायुक्त से भी इस मुद्दे पर बात की थी, श्रम उपायुक्त ने भी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बात नहीं बनी। श्रम उपायुक्त की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया था।
  • प्रदर्शन में अभी तक कोई बड़ा संगठन सामने नहीं आया। लेकिन शासन को सूचना है कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के कुछ पदाधिकारी इसे आंदोलन को पर्दे के पीछे से समर्थन कर रहे हैं। आंदोलन का अभी तक कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है।

अब पिछले 3 दिन का पूरा घटनाक्रम समझिए…

10 और 11 अप्रैल- होजरी कॉम्प्लेक्स और सूरजपुर-दादरी रोड पर करीब एक हजार फैक्ट्री वर्करों ने प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस के लाठीचार्ज से तनाव बढ़ गया। मामला लखनऊ तक पहुंचा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मामला सुलझाने के निर्देश दिए।

12 अप्रैल- नोएडा की DM मेधा रूपम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इंडस्ट्री मालिकों के साथ बैठक की। प्रशासन ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि वे श्रम कानूनों का पालन करें और समय पर सैलरी दें। कंट्रोल रूम भी बनाया गया।

13 अप्रैल- आश्वासनों से फैक्ट्री वर्कर संतुष्ट नहीं हुए क्योंकि मुख्य मांग यानी सैलरी बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। सोमवार सुबह हजारों वर्कर सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन हिंसक हो गया।

————————————-

घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

नोएडा पुलिस ने भास्कर रिपोर्टर से मारपीट की:कर्मचारियों का प्रदर्शन कवर कर रहे थे, वर्कर्स को घसीटकर बस में बैठाया

नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

June 13, 2026/
7:24 pm

मूंग दाल टिक्की बनाने की सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1 गुलाब लाल आलू, 1 छोटा कटा प्याज, 2...

Bangladesh Vs Australia Live Score: Follow Latest Updates From The 1st ODI. (AFP Photo)

June 10, 2026/
1:58 am

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 01:58 IST प्रधान मंत्री मोदी के शासन काल को अविश्वसनीय रूप से जटिल, हाइपर-कनेक्टेड राजनीतिक पारिस्थितिकी...

authorimg

April 2, 2026/
3:40 pm

Last Updated:April 02, 2026, 15:40 IST Garlic With Jaggery Benefits: लहसुन और गुड़ का कॉम्बिनेशन एक पारंपरिक घरेलू उपाय है,...

यूक्रेन में शिप पर हमला, 4 भारतीयों की मौत:भारत ने कहा- कारोबारी जहाजों को निशाना बनाना निंदनीय; यूक्रेन बोला- रूसी मिसाइलों से हमला हुआ

July 20, 2026/
9:39 pm

यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट से रवाना हुए कार्गो जहाज ‘MV गोल्डन लियो’ पर रविवार को हुए हमले में चार भारतीय...

Brooke Halliday in action against Ireland (Picture credit: ICC)

June 23, 2026/
3:34 pm

आखरी अपडेट:23 जून, 2026, 15:34 IST तमिलनाडु विधानसभा में एक नियमित चर्चा अप्रत्याशित रूप से हास्यप्रद हो गई जब पानी...

Akanksha Chamola Lock Upp Divorce Reveal

July 1, 2026/
8:08 pm

30 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला के रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ में तलाक के एलान...

माइथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी में नजर आएंगी यामी:‘नई नवेली’ की कहानी मॉडर्न है पर पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हैं जड़ें

April 14, 2026/
4:00 pm

कंटेंट-ड्रिवेन सिनेमा के लिए जानी जाने वाली यामी गौतम अब अपने करियर के सबसे अलग और साहसी प्रोजेक्ट की ओर...

White House Shooting | Trump Safe, VIPs Evacuated, Attacker Neutralized

April 26, 2026/
6:49 am

वाशिंगटन2 मिनट पहले कॉपी लिंक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए।

.

गुस्साए कर्मचारियों ने 13 इलाकों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी।

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट…

सबसे पहले नोएडा में हिंसा भड़कने की वजह समझिए…

नोएडा के फैक्ट्री कर्मचारियों में गुस्से की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य हरियाणा का एक फैसला है। 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैक्ट्री कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में 35% बढ़ोतरी करने का फैसला लिया। 10 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया। जैसे ही ये खबर नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में फैली, यहां के कर्मचारी भी सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाए जाने की सूचना दी थी।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाए जाने की सूचना दी थी।

हरियाणा और यूपी में कर्मचारियों की सैलरी में कितना अंतर?

हरियाणा- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,275 से बढ़ाकर 15,220 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 से बढ़ कर 16,780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 से बढ़ कर 18,500 रुपए किया गया। उच्च कुशल का वेतन 14,389 से 19,425 रुपए किया । यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है।

उत्तर प्रदेश (नोएडा)- यहां अनस्किल्ड वर्करों को लगभग 11,313 रुपए की सैलरी ही मिल रही है।

दैनिक मजदूरी- हरियाणा में रोजाना मजदूरी 580 से 750 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि नोएडा में केवल 435 से 535 रुपए के बीच है।

वर्करों की 5 मांगें जिससे कंपनियां बच रहीं

फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों के बीच मौजूदा सैलरी में गुजारा करना नामुमकिन है। ऐसे में वर्करों ने 5 मांगें उठाई हैं।

1. सैलरी बढ़ोतरी- हरियाणा की तरह पर यूपी में भी न्यूनतम सैलरी में कम से कम 35% बढ़ाई जाए।

2. ओवरटाइम का डबल पैसा- नए श्रम नियमों के हिसाब से अगर कर्मचारी एक्स्ट्रा काम करता है, तो उसे दोगुनी दर से पेमेंट हो।

3. सैलरी स्लिप और टाइम पर भुगतान- हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी बैंक खाते में आए। सैलरी स्लिप अनिवार्य रूप से दी जाए।

4. साप्ताहिक छुट्टी- सप्ताह में एक दिन का छुट्टी मिले। अगर छुट्टी के दिन काम लिया जाए, तो उसका भी डबल पैसा मिले।

5. बोनस का सीधा पेमेंट- बोनस सीधे बैंक खाते में जमा हो, न कि बिचौलियों या ठेकेदारों के जरिए वर्कर को मिले।

गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने इलाके में आम लोगों की गाड़ियो को भी निशाना बनाया है।

गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने इलाके में आम लोगों की गाड़ियो को भी निशाना बनाया है।

अब जानिए क्या कहते हैं लेबर लॉ…

वर्कस्पेस पर सिक्योरिटी- वर्कर को काम करने के लिए सुरक्षित और साफ माहौल मिले।

काम के तय घंटे- एक निश्चित समय से ज्यादा काम कराने पर ‘ओवरटाइम’ देना जरूरी है।

PF और ESI- सैलरी से कटने वाले प्रॉविडेंट फंड (PF) और बीमा (ESI) का लाभ सही समय पर मिले।

मनमानी कटौती पर रोक- बिना किसी ठोस वजह से सैलरी काटना गैर-कानूनी है।

हिंसा काबू करने के लिए नोएडा के कई इलाकों में रैफिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।

हिंसा काबू करने के लिए नोएडा के कई इलाकों में रैफिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।

प्रशासन ने सहमति दी, इंडस्ट्री मालिक तैयार नहीं थे

  • हरियाणा में 7 अप्रैल को फैक्ट्री कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। नोएडा में भी फैक्ट्री कर्मचारी 9 अप्रैल से प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन की ओर से समझौता और मांगों सहमति बनने की बात कही गई थी, लेकिन इसमें इंडस्ट्री के मालिकों की सहमति नहीं थी।
  • जब तक इडस्ट्री के मालिक न्यूनतम मजदूरी देने, आठ घंटे तक काम कराने, ओवरटाइम देने, नाइट ड्यूटी अलाउंस नियमानुसार देने जैसी मांगों पर सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रशासन, श्रम और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से समझौते का कोई औचित्य नहीं था। स्थानीय श्रमिकों ने करीब तीन चार महीने पहले स्थानीय श्रम उपायुक्त से भी इस मुद्दे पर बात की थी, श्रम उपायुक्त ने भी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बात नहीं बनी। श्रम उपायुक्त की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया था।
  • प्रदर्शन में अभी तक कोई बड़ा संगठन सामने नहीं आया। लेकिन शासन को सूचना है कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के कुछ पदाधिकारी इसे आंदोलन को पर्दे के पीछे से समर्थन कर रहे हैं। आंदोलन का अभी तक कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है।

अब पिछले 3 दिन का पूरा घटनाक्रम समझिए…

10 और 11 अप्रैल- होजरी कॉम्प्लेक्स और सूरजपुर-दादरी रोड पर करीब एक हजार फैक्ट्री वर्करों ने प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस के लाठीचार्ज से तनाव बढ़ गया। मामला लखनऊ तक पहुंचा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मामला सुलझाने के निर्देश दिए।

12 अप्रैल- नोएडा की DM मेधा रूपम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इंडस्ट्री मालिकों के साथ बैठक की। प्रशासन ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि वे श्रम कानूनों का पालन करें और समय पर सैलरी दें। कंट्रोल रूम भी बनाया गया।

13 अप्रैल- आश्वासनों से फैक्ट्री वर्कर संतुष्ट नहीं हुए क्योंकि मुख्य मांग यानी सैलरी बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। सोमवार सुबह हजारों वर्कर सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन हिंसक हो गया।

————————————-

घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

नोएडा पुलिस ने भास्कर रिपोर्टर से मारपीट की:कर्मचारियों का प्रदर्शन कवर कर रहे थे, वर्कर्स को घसीटकर बस में बैठाया

नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.