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Vinod Kambli Brain Stroke Risk

Vinod Kambli Brain Stroke Risk

स्पोर्ट्स डेस्क29 मिनट पहले

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विनोद कांबली पिछले कुछ सालों से बीमारी से जूझ रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट के ‘विनोद’ यानी विनोद कांबली इन दिनों अपनी जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। कभी मैदान पर चौके-छक्के जड़ने वाला यह दिग्गज बल्लेबाज आज चलने-फिरने और याददाश्त खोने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांबली के दिमाग में एक ‘ब्लड क्लॉट’ (खून का थक्का) है, जिसकी वजह से उन्हें कभी भी ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है।

भूल जाते हैं कि सिगरेट नहीं पीना है कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया कि कांबली की मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं।

कूटो के मुताबिक, “कांबली ने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। लोगों को लगता है कि वे ‘दिग्गज कांबली’ की मदद कर रहे हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि यह उनके दिमाग के लिए कितना खतरनाक है।”

विनोद कांबली ने भारत के लिए 1084 टेस्ट रन बनाए।

विनोद कांबली ने भारत के लिए 1084 टेस्ट रन बनाए।

बचपन के दोस्त सचिन और पुराने साथी बने ‘सहारा’ कांबली की इस मुश्किल घड़ी में उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर मजबूती से साथ खड़े हैं। सचिन पर्दे के पीछे से लगातार उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। इसके अलावा, पूर्व क्रिकेटरों ने एक खास वॉट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के जरिए पूर्व खिलाड़ी कांबली के इलाज और उनके परिवार के लिए आर्थिक मदद जुटा रहे हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर और कपिल देव ने भी उनके रिहैब के लिए हाथ आगे बढ़ाया था।

फंड की कमी से बीच में रोकना पड़ा इलाज मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांबली का इलाज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था, जहां उनकी सेहत में 60% तक सुधार भी हुआ, लेकिन अस्पताल का भारी-भरकम खर्च उठाना मुश्किल हो गया। दोस्त बारी-बारी से कुछ-कुछ दिनों का खर्च उठा रहे थे, लेकिन लंबे समय तक यह संभव नहीं हो पाया और उन्हें डिस्चार्ज करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई, तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल के लिए क्रिकेट खेलते थे।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल के लिए क्रिकेट खेलते थे।

अब छड़ी के सहारे चलने लगे हैं कांबली करीब 6 महीने पहले तक कांबली घर में फर्नीचर पकड़कर चलते थे, लेकिन अब वे ‘हाइकिंग स्टिक’ (छड़ी) के सहारे खुद चलने लगे हैं। हाल ही में उन्होंने दशकों बाद एक आइसक्रीम ब्रांड के लिए विज्ञापन की शूटिंग भी की है। फिलहाल वे अपना ज्यादातर समय बच्चों के साथ बिता रहे हैं।

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विनोद कांबली पिछले कुछ सालों से बीमारी से जूझ रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट के ‘विनोद’ यानी विनोद कांबली इन दिनों अपनी जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। कभी मैदान पर चौके-छक्के जड़ने वाला यह दिग्गज बल्लेबाज आज चलने-फिरने और याददाश्त खोने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांबली के दिमाग में एक ‘ब्लड क्लॉट’ (खून का थक्का) है, जिसकी वजह से उन्हें कभी भी ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है।

भूल जाते हैं कि सिगरेट नहीं पीना है कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया कि कांबली की मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं।

कूटो के मुताबिक, “कांबली ने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। लोगों को लगता है कि वे ‘दिग्गज कांबली’ की मदद कर रहे हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि यह उनके दिमाग के लिए कितना खतरनाक है।”

विनोद कांबली ने भारत के लिए 1084 टेस्ट रन बनाए।

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बचपन के दोस्त सचिन और पुराने साथी बने ‘सहारा’ कांबली की इस मुश्किल घड़ी में उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर मजबूती से साथ खड़े हैं। सचिन पर्दे के पीछे से लगातार उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। इसके अलावा, पूर्व क्रिकेटरों ने एक खास वॉट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के जरिए पूर्व खिलाड़ी कांबली के इलाज और उनके परिवार के लिए आर्थिक मदद जुटा रहे हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर और कपिल देव ने भी उनके रिहैब के लिए हाथ आगे बढ़ाया था।

फंड की कमी से बीच में रोकना पड़ा इलाज मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांबली का इलाज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था, जहां उनकी सेहत में 60% तक सुधार भी हुआ, लेकिन अस्पताल का भारी-भरकम खर्च उठाना मुश्किल हो गया। दोस्त बारी-बारी से कुछ-कुछ दिनों का खर्च उठा रहे थे, लेकिन लंबे समय तक यह संभव नहीं हो पाया और उन्हें डिस्चार्ज करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई, तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल के लिए क्रिकेट खेलते थे।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली एक ही स्कूल के लिए क्रिकेट खेलते थे।

अब छड़ी के सहारे चलने लगे हैं कांबली करीब 6 महीने पहले तक कांबली घर में फर्नीचर पकड़कर चलते थे, लेकिन अब वे ‘हाइकिंग स्टिक’ (छड़ी) के सहारे खुद चलने लगे हैं। हाल ही में उन्होंने दशकों बाद एक आइसक्रीम ब्रांड के लिए विज्ञापन की शूटिंग भी की है। फिलहाल वे अपना ज्यादातर समय बच्चों के साथ बिता रहे हैं।

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