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सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका खारिज की:हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, नीतू परमार बन सकेंगी बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका खारिज की:हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, नीतू परमार बन सकेंगी बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष

बैतूल। मुलताई। नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका प्रारंभिक सुनवाई में ही खारिज कर दी है। इस फैसले से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की उनकी कोशिश को झटका लगा है और नीतू परमार के अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, वर्षा गढ़ेकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 6 अप्रैल 2026 के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। उन्होंने अपर जिला न्यायाधीश के पूर्व आदेश को सही ठहराते हुए धारा 92 के तहत अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को स्वीकार नहीं किया और प्रारंभिक स्तर पर ही इसे खारिज कर दिया। वर्षा गढ़ेकर को इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थगन राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वर्षा गढ़ेकर सुप्रीम कोर्ट गई थीं, जहां से मामले को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेजा गया था। इसके बाद लगभग 90 दिनों तक विचार-विमर्श के बाद हाईकोर्ट ने 50 पेज का विस्तृत आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में नीतू परमार के पक्ष में निर्णय सुनाया था और उन्हें पुनः अध्यक्ष पद संभालने की अनुमति दी थी। वहीं, नीतू परमार की ओर से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर कर दी गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बिना उनका पक्ष सुने कोई अंतरिम आदेश जारी न हो। सुप्रीम कोर्ट में नीतू परमार की ओर से अधिवक्ता जयवीर नागर और आकाश नागर ने पैरवी की। नीतू परमार ने पदभार सौंपने की मांग की
इधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीतू परमार ने मुलताई पहुंचकर नगर पालिका अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को आवेदन देकर चार्ज सौंपने की मांग की है। हालांकि, अभी तक उन्हें पदभार नहीं दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे से भी शिकायत की है। उनके समर्थकों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते आदेश के क्रियान्वयन में देरी की जा रही है।

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