सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र के ग्राम कुसमहर में अवैध बोरिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे बिना अनुमति के बोरिंग का कार्य चल रहा था, जिसे रोककर मशीन जब्त कर ली गई। यह अवैध बोरिंग गांव के प्राथमिक स्कूल से महज 100 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही थी, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई थीं। जानकारी मिलते ही एसडीएम विकास कुमार आनंद ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष कुमार मिश्रा को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने बोरिंग कार्य करवा रहे लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। जांच में पता चला कि बोरिंग लक्ष्मीकांत प्रजापति की जमीन पर हो रही थी, जबकि कार्य कराने का जिम्मा एजेंट जितेंद्र चतुर्वेदी के पास था। दोनों पक्षों के पास आवश्यक अनुमति नहीं थी, जिससे यह कार्य पूरी तरह अवैध पाया गया। दस्तावेजों के अभाव में प्रशासन ने तत्काल बोरिंग मशीन जब्त कर ली। सुरक्षा कारणों से मशीन को सेमरिया थाने में खड़ा करवाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरी कागजी कार्रवाई नहीं हो जाती और मामला न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक मशीन थाने में ही रहेगी। तहसीलदार आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि मौके पर नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए अवैध खनन किया जा रहा था, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जब्त की गई बोरिंग मशीन शिव शक्ति कंपनी की है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर KA 01 ME 7577 है। यह मशीन कर्नाटक की बताई जा रही है। गौरतलब है कि सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने पहले ही जिले को प्रतिबंधित जोन घोषित कर अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रशासन की कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।














































