उत्तराखंड में आज से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इसकी शुरुआत गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से होगी, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट भी आज ही श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। आज सुबह 8 बजे उत्तरकाशी जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से मां यमुना की उत्सव डोली, समेश्वर देवता की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने नम आंखों और जयकारों के साथ अपनी आराध्य देवी को विदा किया। केदारनाथ के लिए रवाना हो रही है बाबा की डोली बाबा केदारनाथ के दर्शनों का इंतजार खत्म होने वाला है। आज रुद्रप्रयाग जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली कैलाश (केदारनाथ धाम) के लिए रवाना हो रही है। भक्तिमय माहौल और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच डोली अपने प्रथम रात्रि पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगी और आज शाम विश्राम के लिए फाटा पहुंचेगी। विभिन्न पड़ावों से होते हुए यह डोली पैदल यात्रा कर 21 अप्रैल की शाम तक केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 22 अप्रैल की सुबह शुभ मुहूर्त पर बाबा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री में पीएम मोदी के नाम होगी पहली पूजा गंगोत्री धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की जाएगी। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मंदिर में मौजूद रहेंगे। तय मुहूर्त के अनुसार, दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले मां गंगा की डोली मंदिर पहुंचेगी, जहां हवन और भोग के बाद दर्शन शुरू होंगे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगे। मां यमुना की उत्सव डोली अपने पारंपरिक पैदल मार्ग से होते हुए धाम पहुंचेगी, जिसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कपाट खोले जाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। गंगोत्री में चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी प्रक्रिया गंगोत्री धाम में कपाट खुलने की प्रक्रिया परंपराओं के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से सुबह 8 बजे धाम के लिए रवाना होगी और मंदिर पहुंचने से पहले परिसर में तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। मंदिर समिति के सचिव और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में भटवाड़ी के एसडीएम की निगरानी में मंदिर के पिछले द्वार को खोलकर सफाई व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों द्वारा हवन और देवी स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। डोली पहुंचते ही मुख्य द्वार खुलेगा, फिर दर्शन शुरू जैसे ही मां गंगा की डोली मंदिर परिसर में पहुंचेगी, मंदिर के मुख्य द्वार की सील हटाई जाएगी। इसके बाद मंदिर समिति, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुख्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। हवन के बाद मां गंगा को भोग अर्पित किया जाएगा और इसके बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। एक दिन पहले मुखबा से निकली थी डोली उत्तरकाशी के मुखबा गांव में मां गंगा की शीतकालीन गद्दी है, 18 अप्रैल को यहीं से डोली यात्रा शुरू हो गई थी, जो आज गंगोत्री धाम में पहुंचेगी। मुखबा से गंगोत्री धाम की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। ग्रामीणों ने नम आंखों से मां गंगा को छह महीने के प्रवास के लिए विदा किया। परंपरा के अनुसार इस दौरान मां को फाफरे का भोग लगाया गया और ‘कल्यो’ अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। डोली मुखबा से जांगला होते हुए कठिन रास्ते से भैरव घाटी पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। यमुनोत्री में डोली के साथ खुलेगा कपाट वहीं, यमुनोत्री धाम में भी अक्षय तृतीया के दिन कपाट खोलने की परंपरा निभाई जाएगी। मंदिर समिति के अनुसार निर्धारित मुहूर्त पर कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मां यमुना की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से आज सुबह 8 बजे धाम के लिए रवाना हुई समेश्वर देवता की अगुवाई में निकलने वाली इस डोली यात्रा के दौरान शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और पुलिस बैंड की धुनों के बीच पूरा क्षेत्र गूंज उठा। खरशाली में परंपरा, महिलाएं देती हैं विदाई खरशाली गांव में डोली प्रस्थान के समय पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। ग्रामीण महिलाएं मां यमुना को विदा करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर बार पूरे विधि-विधान के साथ निभाई जाती है। डोली के यमुनोत्री धाम पहुंचने के बाद धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का क्रम आगे बढ़ेगा। अब इनफोग्राफिक से दोनों धामों के बारे में जानिए… 2025 में 51 लाख लोगों ने की थी चार धाम यात्रा पिछले साल 2025 में चारधाम यात्रा में कुल मिलाकर 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए थे, हालांकि शुरुआत में मौसम और अन्य कारणों से संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इस साल 2026 में यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार गंगोत्री के लिए 3 लाख से ज्यादा और यमुनोत्री के लिए 3.7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहले ही रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे? चारधाम यात्रा के बाकी दो प्रमुख धामों के कपाट भी तय तारीखों पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे। इन दोनों धामों के खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा पूरी तरह से गति पकड़ लेगी और प्रदेश में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। 22 अप्रैल से केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर की सेवा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है, जिसके के लिए रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से 8 हेली कंपनियां उड़ान भरेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर उड़ानों की संख्या सीमित की गई है (गुप्तकाशी/फाटा से 24 और सिरसी से 32 शटल)। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी सोनप्रयाग और केदारनाथ से लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। श्रद्धालुओं को पहली बार केदारनाथ और लिनचोली में 24 घंटे गर्म पानी की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा ‘पीरुल’ (चीड़ की पत्तियां) और ‘खच्चर की लीद’ से बने बायोमास पैलेट्स से चलने वाले गीजरों के जरिए दी जाएगी। हेली नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ————–
ये खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर चारधाम यात्रा गाइड, केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये गाइड आपके सबसे काम की है, इसे बिना पढ़े न जाएं क्या आप भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 में जाने का प्लान कर रहे हैं, अगर हां तो दैनिक भास्कर की इस ‘चारधाम यात्रा गाइड’ में आपको मिलेगी पूरी जानकारी। इस गाइड में सभी काम की सूचनाएं एक जगह हैं। (पढ़ें पूरी खबर)













































