मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार जिले के राजगढ़ स्थित मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में शामिल हुए। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने उपवास और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन अनेक योनियों के बाद प्राप्त होता है, और इसे श्रेष्ठ बनाने के लिए उपवास एक प्रभावी साधन है। उन्होंने पारणोत्सव जैसे आध्यात्मिक आयोजनों को पुण्य संचयन और आत्मशुद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। डॉ. यादव ने गुरु की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य पूरे संसार को ऊर्जा देता है, उसी प्रकार गुरुदेव मानव जीवन को सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह महोत्सव गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। इसमें 550 से अधिक तपस्वियों का विधिवत पारणा कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने गौशालाओं में अनुदान राशि बढ़ाने, प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहन देने और गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने की योजनाओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्यमंत्री ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में विधिवत पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। इस अवसर पर मंत्री चैतन्य काश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें…













































