अचार में नमक रहना, साफ-सफाई का ध्यान न रखना, तेल या नमक की मात्रा कम होना या नमक से अचार बनाना। इन अध्ययनों से पता चला है कि इन अध्ययनों से पता चलता है कि ये उत्पाद जल्दी खराब हो जाते हैं।
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पूरी तरह से पढ़ें: अचार बनाने से पहले सभी सामग्री जैसे आम, नींबू, मिर्च आदि को अच्छे से धोकर पूरी तरह सुखा लें। वैलिडिटी सी किताब का कारण भी बन सकता है।
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साफ और बिकवाली का उपयोग करें: हमेशा कांच या फैब्रिक-ग्रेड प्लास्टिक के टुकड़े और साफ जार का ही उपयोग करें। स्टील के से चुनें।
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तेल की सही मात्रा: अचार में इतने तेल की सारी सामग्री डालकर डुबा दिया जाए। तेल एक परत कलाकार आचार्य को हवा और रिचर्ड से मिला है।
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नमक और मूल सही मात्रा में स्थान: नमक एक प्राकृतिक संरक्षण है। अगर नमक कम हो जाए तो अचार जल्दी खराब हो सकता है।
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अन्यत्र और अन्य स्थान पर: आचार्य को हमेशा के लिए नामांकित किया गया और जगह-जगह पर रखा गया। ज्यादा गर्मी या होटल वाली जगह से बचें।
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हमेशा सूखा उत्पाद का उपयोग करें: अचार का मिश्रण या उपयोग किया गया मिश्रण बिल्कुल नहीं दिया गया। इस तरह के आचार्य में लाइब्रेरी बनी हुई है और लेबल लग सकते हैं।
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धूप दिखाना नहीं: कभी-कभी आचार्य को धूप में रखना बहुत कमाल का होता है। इससे उसकी फर्मी शेल्फ़ हल्दी और स्वाद भी बेहतर होता है।
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यदि फ़िल्में बहुत कम हैं, तो ऊपर की परतें नारियल के बाकी हिस्सों को धूप में रख सकते हैं। लेकिन अगर ज्यादातर हिस्सा खराब हो गया है, तो उसका इस्तेमाल न करें।
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