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छोटा फल बड़ा कमाल! फल, पत्ते और छाल सब में है औषधीय गुण, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

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Lasoda Benefits: लसौड़ा एक पारंपरिक और औषधीय गुणों से भरपूर फल है, जिसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से होता आ रहा है. आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार इसके फल, पत्ते और छाल सभी औषधि के रूप में काम आते हैं. यह खांसी, दमा, बुखार और त्वचा रोगों में लाभकारी माना जाता है. साथ ही जोड़ों के दर्द और सूजन में भी राहत देता है. अब आधुनिक समय में लोग इसे सेहत के लिए फायदेमंद मानकर अपने आहार में शामिल कर रहे हैं.

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जालौर. गर्मियों के मौसम में जहां लोग ठंडक और सेहत की तलाश में रहते हैं, वहीं एक देसी फल इन दिनों खास चर्चा में है लसौड़ा, जिसे गुंदा या निसोरी के नाम से भी जाना जाता है. आकार में छोटा दिखने वाला यह फल सेहत के लिहाज से किसी खजाने से कम नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसका उपयोग वर्षों से होता आ रहा है, लेकिन अब इसके औषधीय गुण भी लोगों का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींच रहे हैं.

जालोर और आस-पास के गांवों में लसौड़ा एक पारंपरिक आहार का हिस्सा रहा है. खासतौर पर इसका अचार काफी प्रसिद्ध है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होता और स्वाद में भी बेहद लाजवाब होता है. इसके अलावा लोग इसे साग, चूरन और सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. पहले इसे सिर्फ स्वाद के लिए खाया जाता था, लेकिन अब इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है.

फाइबर, कैल्शियम और आयरन से भरपूर है लसौड़ा

पोषण की दृष्टि से देखा जाए तो लसौड़ा में फाइबर, कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस जैसे कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं. यही कारण है कि आज के समय में इसे देसी सुपरफूड के रूप में पहचान मिल रही है. आयुर्वेद में लसौड़ा को एक महत्वपूर्ण औषधीय फल माना गया है. यह खांसी, दमा, बुखार और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में राहत पहुंचाने के लिए जाना जाता है. इसके नियमित सेवन से शरीर में ठंडक बनी रहती है, जिससे गर्मी के दुष्प्रभाव भी कम होते हैं. खास बात यह है कि यह जोड़ों के दर्द और सूजन जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होता है.

लसौड़ा के सेवन से पाचन तंत्र होता है मजबूत

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. श्रीराम वैध ने लोकल 18 को बताया कि लसौड़ा एक बेहद उपयोगी औषधीय फल है. इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है. उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को जोड़ों में दर्द या सूजन की समस्या है, तो लसौड़ा के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर उसका उपयोग किया जा सकता है. इस काढ़े में कपूर मिलाकर प्रभावित स्थान पर मालिश करने से दर्द में काफी राहत मिलती है. इसके अलावा छाल को पीसकर लेप के रूप में लगाने से भी सूजन कम होती है.

लसौड़ा के पेड़ का हर हिस्सा है उपयोगी

आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार, लसौड़ा के पेड़ का हर हिस्सा उपयोगी है. इसके पत्ते, बीज और छाल तक औषधि के रूप में काम आते हैं. स्किन एलर्जी, दाद-खाज और खुजली जैसी समस्याओं में भी यह काफी असरदार माना जाता है. लसौड़ा के पेड़ का हर हिस्सा उपयोगी है. इसके पत्ते, बीज और छाल तक औषधि के रूप में काम आते हैं.  स्किन एलर्जी, दाद-खाज और खुजली जैसी समस्याओं में भी यह काफी असरदार माना जाता है.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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जालौर. गर्मियों के मौसम में जहां लोग ठंडक और सेहत की तलाश में रहते हैं, वहीं एक देसी फल इन दिनों खास चर्चा में है लसौड़ा, जिसे गुंदा या निसोरी के नाम से भी जाना जाता है. आकार में छोटा दिखने वाला यह फल सेहत के लिहाज से किसी खजाने से कम नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसका उपयोग वर्षों से होता आ रहा है, लेकिन अब इसके औषधीय गुण भी लोगों का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींच रहे हैं.

जालोर और आस-पास के गांवों में लसौड़ा एक पारंपरिक आहार का हिस्सा रहा है. खासतौर पर इसका अचार काफी प्रसिद्ध है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होता और स्वाद में भी बेहद लाजवाब होता है. इसके अलावा लोग इसे साग, चूरन और सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. पहले इसे सिर्फ स्वाद के लिए खाया जाता था, लेकिन अब इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है.

फाइबर, कैल्शियम और आयरन से भरपूर है लसौड़ा

पोषण की दृष्टि से देखा जाए तो लसौड़ा में फाइबर, कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस जैसे कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं. यही कारण है कि आज के समय में इसे देसी सुपरफूड के रूप में पहचान मिल रही है. आयुर्वेद में लसौड़ा को एक महत्वपूर्ण औषधीय फल माना गया है. यह खांसी, दमा, बुखार और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में राहत पहुंचाने के लिए जाना जाता है. इसके नियमित सेवन से शरीर में ठंडक बनी रहती है, जिससे गर्मी के दुष्प्रभाव भी कम होते हैं. खास बात यह है कि यह जोड़ों के दर्द और सूजन जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होता है.

लसौड़ा के सेवन से पाचन तंत्र होता है मजबूत

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. श्रीराम वैध ने लोकल 18 को बताया कि लसौड़ा एक बेहद उपयोगी औषधीय फल है. इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है. उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को जोड़ों में दर्द या सूजन की समस्या है, तो लसौड़ा के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर उसका उपयोग किया जा सकता है. इस काढ़े में कपूर मिलाकर प्रभावित स्थान पर मालिश करने से दर्द में काफी राहत मिलती है. इसके अलावा छाल को पीसकर लेप के रूप में लगाने से भी सूजन कम होती है.

लसौड़ा के पेड़ का हर हिस्सा है उपयोगी

आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार, लसौड़ा के पेड़ का हर हिस्सा उपयोगी है. इसके पत्ते, बीज और छाल तक औषधि के रूप में काम आते हैं. स्किन एलर्जी, दाद-खाज और खुजली जैसी समस्याओं में भी यह काफी असरदार माना जाता है. लसौड़ा के पेड़ का हर हिस्सा उपयोगी है. इसके पत्ते, बीज और छाल तक औषधि के रूप में काम आते हैं.  स्किन एलर्जी, दाद-खाज और खुजली जैसी समस्याओं में भी यह काफी असरदार माना जाता है.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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