Sunday, 06 Sep 2026 | 11:58 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अशोक ने 150 की रफ्तार से IPL में गेंद फेंकी:गांव में सड़क नहीं, भाई बोले-किसी को घर बुलाने में शर्म आती है

अशोक ने 150 की रफ्तार से IPL में गेंद फेंकी:गांव में सड़क नहीं, भाई बोले-किसी को घर बुलाने में शर्म आती है

IPL में अपनी 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बल्लेबाजों के पसीने छुड़ाने वाले अशोक शर्मा इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। लेकिन, राजस्थान की राजधानी जयपुर से महज 35 किलोमीटर दूर स्थित उनके गांव रामपुरा पहुंचने का रास्ता आज भी बेहद उबड़-खाबड़ है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। गांव बुलाने में झिझक, पर जड़ों से गहरा लगाव अशोक के बड़े भाई अक्षय शर्मा मायूसी से कहते हैं, ‘हमें लोगों को यहां बुलाने में शर्म आती है, क्योंकि यहां कोई ढंग का रास्ता ही नहीं है।’ इन मुश्किलों के बावजूद, शर्मा परिवार को अपनी जड़ों और गांव से बेहद प्यार है। अक्षय बताते हैं कि करोड़ों रुपए की लीग का हिस्सा बनने के बाद भी अशोक सादगी पसंद करते हैं। वह अक्सर कहते हैं, ‘कुछ भी हो जाए, अपना गांव नहीं छोड़ेंगे।’ वे सुबह 5 बजे उठते हैं, मैदान पर दौड़ने जाते हैं, ट्रेनिंग करते हैं और घर का बना सादा खाना और छाछ उनकी डाइट का मुख्य हिस्सा है। अशोक ने पिता को इलेक्ट्रिक स्कूटर गिफ्ट दी अशोक के पिता नाथूलाल शर्मा आज भी खेतों में काम करते हैं। वे फटे हुए कपड़ों और मिट्टी से सने पैंट में ही अपने छोटे बेटे द्वारा गिफ्ट किए गए इलेक्ट्रिक स्कूटर से खेत से लौटते हैं। अशोक की मां लाली देवी मुस्कुराकर बताती हैं कि अशोक बचपन में बहुत शरारती था। वह घर का खूब सामान तोड़ता था, जिसकी वजह से अक्सर बड़े भाई अक्षय को मार खानी पड़ती थी। परिवार के सबसे चहेते अशोक ने पिछले साल केकेआर टीम में रहते हुए अपने जन्मदिन पर जिद करके ‘थार’ गाड़ी मांगी थी। अब यह एसयूवी गांव के बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है और गांव के रास्तों को देखते हुए यह एक सही चुनाव भी साबित हुई है। तेज गेंदबाजी का शौक दोनों भाइयों को बचपन से था। अक्षय बताते हैं कि उन्हें अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को डराने में मजा आता था। इस जुनून के पीछे उनके चाचा रामदयाल शर्मा की प्रेरणा है, जो अपने समय में गांव के खूंखार तेज गेंदबाज माने जाते थे और एमएस धोनी की तरह लंबे बाल रखते थे। गुजरात टाइटंस ने 90 लाख में खरीदा
पिछले साल गुजरात टाइटंस ने अशोक को 90 लाख रुपए में खरीदा और इस साल उन्होंने अपना डेब्यू किया। परिवार उन्हें पहली बार लाइव खेलते देखने के लिए 450 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ गया। इसके बाद अहमदाबाद में अगले मैच के लिए अशोक ने परिवार को बुलाया, तो उन्होंने फ्लाइट की जगह जयपुर से 10 घंटे की ट्रेन यात्रा चुनी। जब अशोक के पिता नाथूलाल से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी फ्लाइट में सफर किया है, तो उन्होंने धीरे से सिर हिलाते हुए कहा, ‘नहीं।’ इस पर बड़े भाई अक्षय ने चुटकी लेते हुए कहा कि पापा को प्लेन में बैठने से डर लगता है। पास ही चुपचाप बैठीं मां लाली देवी ने बातचीत में शामिल होते हुए बड़े भरोसे के साथ कहा कि एक दिन हम प्लेन में जरूर जाएंगे। वहीं, भाई अक्षय को उम्मीद है कि अशोक की इस शानदार सफलता की चमक से शायद अब रामपुरा गांव के नसीब में एक पक्की सड़क जरूर आ जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
The MP Board 10th and 12th results declared at mpbse.nic.in.

May 6, 2026/
8:30 pm

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 20:30 IST चेन्नई से कोलकाता तक, 2026 के जनादेश ने भारतीय गुट को टकराव के रंगमंच...

राजस्थान में BJP को 87.51, कांग्रेस को 25 करोड़ डोनेशन:बिजनेस घरानों ने दिया 69 करोड़ का चंदा, जानिए- किसने कितना पैसा दिया

March 28, 2026/
8:23 am

राजस्थान में साल 2024-25 में राजनीतिक पार्टियों को कुल 112.97 करोड़ का चंदा मिला है। सबसे ज्यादा 87.51 करोड़ बीजेपी...

दलाई लामा का आह्वान: '21वीं सदी के बौद्ध' बनें:'बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मशाला के कालचक्र मंदिर में दिया संदेश, विश्व शांति के लिए प्रार्थना

May 1, 2026/
6:39 pm

धर्मशाला में बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के पावन अवसर पर शुक्रवार, 1 मई को धर्मशाला के प्रसिद्ध कालचक्र मंदिर में एक...

दुनिया में बढ़ रहीं ‘वन-मैन कंपनियां:न बॉस, न टीम, एआई से अकेले करोड़ों की कंपनी खड़ी कर रहे युवा

July 31, 2026/
12:25 pm

औद्योगिक क्रांति में फैक्ट्रियां बनी थीं। एआई क्रांति ‘वन-मैन कंपनी’ बना रही है। 2023-25 के बीच ऐसी कंपनियां तेजी से...

California B-52 Bomber Crash | 8 Feared Dead

June 16, 2026/
5:01 am

कैलिफोर्निया18 मिनट पहले कॉपी लिंक विमान ने सुबह करीब 11:20 बजे टेकऑफ किया था, कुछ ही समय बाद क्रैश हो...

यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

April 4, 2026/
4:05 pm

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अशोक ने 150 की रफ्तार से IPL में गेंद फेंकी:गांव में सड़क नहीं, भाई बोले-किसी को घर बुलाने में शर्म आती है

अशोक ने 150 की रफ्तार से IPL में गेंद फेंकी:गांव में सड़क नहीं, भाई बोले-किसी को घर बुलाने में शर्म आती है

IPL में अपनी 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बल्लेबाजों के पसीने छुड़ाने वाले अशोक शर्मा इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। लेकिन, राजस्थान की राजधानी जयपुर से महज 35 किलोमीटर दूर स्थित उनके गांव रामपुरा पहुंचने का रास्ता आज भी बेहद उबड़-खाबड़ है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। गांव बुलाने में झिझक, पर जड़ों से गहरा लगाव अशोक के बड़े भाई अक्षय शर्मा मायूसी से कहते हैं, ‘हमें लोगों को यहां बुलाने में शर्म आती है, क्योंकि यहां कोई ढंग का रास्ता ही नहीं है।’ इन मुश्किलों के बावजूद, शर्मा परिवार को अपनी जड़ों और गांव से बेहद प्यार है। अक्षय बताते हैं कि करोड़ों रुपए की लीग का हिस्सा बनने के बाद भी अशोक सादगी पसंद करते हैं। वह अक्सर कहते हैं, ‘कुछ भी हो जाए, अपना गांव नहीं छोड़ेंगे।’ वे सुबह 5 बजे उठते हैं, मैदान पर दौड़ने जाते हैं, ट्रेनिंग करते हैं और घर का बना सादा खाना और छाछ उनकी डाइट का मुख्य हिस्सा है। अशोक ने पिता को इलेक्ट्रिक स्कूटर गिफ्ट दी अशोक के पिता नाथूलाल शर्मा आज भी खेतों में काम करते हैं। वे फटे हुए कपड़ों और मिट्टी से सने पैंट में ही अपने छोटे बेटे द्वारा गिफ्ट किए गए इलेक्ट्रिक स्कूटर से खेत से लौटते हैं। अशोक की मां लाली देवी मुस्कुराकर बताती हैं कि अशोक बचपन में बहुत शरारती था। वह घर का खूब सामान तोड़ता था, जिसकी वजह से अक्सर बड़े भाई अक्षय को मार खानी पड़ती थी। परिवार के सबसे चहेते अशोक ने पिछले साल केकेआर टीम में रहते हुए अपने जन्मदिन पर जिद करके ‘थार’ गाड़ी मांगी थी। अब यह एसयूवी गांव के बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है और गांव के रास्तों को देखते हुए यह एक सही चुनाव भी साबित हुई है। तेज गेंदबाजी का शौक दोनों भाइयों को बचपन से था। अक्षय बताते हैं कि उन्हें अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को डराने में मजा आता था। इस जुनून के पीछे उनके चाचा रामदयाल शर्मा की प्रेरणा है, जो अपने समय में गांव के खूंखार तेज गेंदबाज माने जाते थे और एमएस धोनी की तरह लंबे बाल रखते थे। गुजरात टाइटंस ने 90 लाख में खरीदा
पिछले साल गुजरात टाइटंस ने अशोक को 90 लाख रुपए में खरीदा और इस साल उन्होंने अपना डेब्यू किया। परिवार उन्हें पहली बार लाइव खेलते देखने के लिए 450 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ गया। इसके बाद अहमदाबाद में अगले मैच के लिए अशोक ने परिवार को बुलाया, तो उन्होंने फ्लाइट की जगह जयपुर से 10 घंटे की ट्रेन यात्रा चुनी। जब अशोक के पिता नाथूलाल से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी फ्लाइट में सफर किया है, तो उन्होंने धीरे से सिर हिलाते हुए कहा, ‘नहीं।’ इस पर बड़े भाई अक्षय ने चुटकी लेते हुए कहा कि पापा को प्लेन में बैठने से डर लगता है। पास ही चुपचाप बैठीं मां लाली देवी ने बातचीत में शामिल होते हुए बड़े भरोसे के साथ कहा कि एक दिन हम प्लेन में जरूर जाएंगे। वहीं, भाई अक्षय को उम्मीद है कि अशोक की इस शानदार सफलता की चमक से शायद अब रामपुरा गांव के नसीब में एक पक्की सड़क जरूर आ जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.