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New Clothes Washing Health Risks: दिल्ली के डॉ अनिल गोंबर ने नया कपड़ा लेकर तुरंत पहनने वालों को सावधान किया है. उन्होंने कहा कि नए कपड़े बिना धोए पहनने से केमिकल, बैक्टीरिया और फंगस के कारण एलर्जी, इंफेक्शन और गंभीर त्वचा रोग हो सकते हैं. इसलिए नया कपड़ा लेने के बाद उसे धोकर ही पहनें.
नई दिल्ली: मार्केट से कपड़े लाकर ज्यादातर लोग तुरंत पहन लेते हैं, उन्हें एक बार भी धोते नहीं है. लोगों को ऐसा लगता है कि इसे तो अभी नया-नया खरीदा है, एक बार पहन कर ही धोएंगे. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान और सतर्क हो जाइए. क्योंकि इस पर दिल्ली के डॉक्टर ने चौकाने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे. डॉक्टर का मानना है कि लोग ऐसी गलती हमेशा से करते आ रहे हैं, जिस वजह से उन्हें त्वचा से जुड़े हुए गंभीर रोगों का सामना करना पड़ता है. उस समय लोग समझ नहीं पाते हैं कि उन्हें त्वचा संबंधित बीमारियां क्यों हो रही हैं. इसके पीछे नए कपड़ों को बिना धोए पहन लेना भी एक प्रमुख कारण है. डॉक्टर का नाम अनिल गोंबर है, जो कि देश की राजधानी दिल्ली के मशहूर मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर और कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन है.
क्या सच में कपड़े धो कर पहनना है जरूरी
डॉ. अनिल ने बताया कि अधिकतर मार्केट से लोग नए कपड़े लाते हैं और तुरंत उसे पहन लेते हैं. क्योंकि ऐसे में उन्हें कपड़ों को प्रेस करने की जरूरत नहीं पड़ती और वह सोचते हैं मार्केट में नया कपड़ा आता है तो इसे धोना क्यों, लेकिन असल में यहीं पर लोग गलती कर जाते हैं. उन्होंने बताया कि कपड़े दो तरह के होते हैं एक अंडरगारमेंट्स और दूसरे जो अंडरगारमेंट्स के ऊपर पहने जाते हैं.
डॉक्टर ने बताया कि कपड़ा कैसा भी हो, वो तमाम हाथों से होकर गुजरता है. उस पर तमाम तरह के रंग और केमिकल चढ़ाए जाते हैं, जिस वजह से जैसे ही आप उसे बिना धोए पहनते हैं तो आपकी त्वचा पर चिपक जाता है और आपको गंभीर त्वचा संबंधित बीमारियां दे सकते हैं. कपड़े हमारी स्किन को प्रभावित करते हैं और हमारी स्किन से एकदम चिपक कर रहते हैं. ऐसे में कपड़ों को बिना धोए ना पहने. कोई भी नया कपड़ा हो तो उसे मार्केट से एक बार लाकर धो लें फिर उसके बाद ही उसे पहने.
इस तरह की हो सकती है बीमारियां
डॉ. अनिल ने बताया कि कुछ कपड़ों में कीटाणु-रोधी या सिलवट-रोधी फिनिश के लिए केमिकल्स होते हैं. लंबे समय तक संपर्क से त्वचा पर रिएक्शन का खतरा बढ़ता है. इसके अलावा रंग और फिनिशिंग एजेंट्स पसीने के साथ घुलकर आंखों और त्वचा में जलन कर सकते हैं. नए कपड़ों से निकलने वाला केमिकल गंध कुछ लोगों में छींक, नाक बहना, सिरदर्द या अस्थमा जैसी एलर्जी ट्रिगर कर सकती है. स्टोरेज और हैंडलिंग में बैक्टीरिया लग सकते हैं, ये त्वचा पर फोड़े-फुंसी, इंफेक्शन या जलन बढ़ा सकते हैं. यही नहीं, ट्रायल के दौरान कई लोग कपड़े पहनते हैं, पसीना और नमी से फंगस के स्पोर्स कपड़े में रह सकते हैं, जो पहनने पर दाद और खाज जैसे संक्रमण दे सकते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें











































