बालाघाट के बुढ़ी इलाके में करीब 50 साल पुरानी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब आबकारी विभाग को शराब खरीदने आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए मौके पर अमला तैनात करना पड़ा है। एक हफ्ते से बंद रही दुकान 1 अप्रैल से नए ठेके के बाद से ही महिलाओं ने इस शराब दुकान का विरोध शुरू कर दिया था। उनके विरोध के चलते दुकान एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बंद रही। इससे शासन और ठेकेदार दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बातचीत भी बेनतीजा रही गुरुवार रात आबकारी विभाग ने ठेकेदार के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं और दुकान हटाने की बात दोहराती रहीं। अब ग्राहकों को दी जा रही सुरक्षा महिलाओं के सख्त रुख के बाद आबकारी विभाग ने दुकान के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि जो लोग शराब खरीदने आ रहे हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता और उनकी सुरक्षा करना जरूरी है। ठेकेदार ने जताया नुकसान दुकान के ठेकेदार बलराम यादव ने कहा कि दुकान बंद रहने से उन्हें और शासन दोनों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि या तो इस नुकसान की भरपाई हो या फिर शासन खुद ही दुकान बंद करने का फैसला ले। विरोध पर उठे सवाल आबकारी निरीक्षक रमाकांत बघेल ने कहा कि किसी को भी शराब खरीदने से रोकना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध अचानक शुरू हुआ है, जिससे लगता है कि इसके पीछे किसी की योजना हो सकती है। महिलाओं की परेशानी भी सामने आई बुढ़ी इलाके में रहने वाली उमा ने बताया कि उनके पति शराब की वजह से घर की कमाई बर्बाद कर देते हैं। इससे परिवार को खाने-पीने तक की दिक्कत होती है। उन्होंने चिंता जताई कि बच्चे भी इस माहौल से प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक शराब दुकान नहीं हटाई जाती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।













































