सिवनी जिले की धनोरा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम घोघरीमाल और आसपास की पंचायतों में शुक्रवार को पंचायती राज दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने सिर्फ उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए गांव को पानी की कमी से उबारने के लिए जल संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र सिंह राजपूत ने इलाके में कम होते पानी के स्तर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह किया कि अगर अभी हम नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसेंगी। उन्होंने लोगों को ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ (बारिश का पानी सहेजने) के आसान तरीके समझाए और बताया कि कैसे घर की छत का पानी जमीन के अंदर उतारकर हम अपने कुओं और हैंडपंपों को फिर से जिंदा कर सकते हैं। गांव की सफाई और तालाबों का होगा कायाकल्प जल बचाने के इस अभियान को ग्रामीणों ने हाथों-हाथ लिया और हर घर में पानी बचाने की सिस्टम लगाने की शपथ ली। पंचायत की बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव के पुराने तालाबों को और गहरा किया जाएगा, कुओं की मरम्मत होगी और नालों की साफ-सफाई कराई जाएगी ताकि बरसात का एक-एक कतरा जमीन में समा सके। पंचायत सचिव शमशेर खान ने बताया कि इन कामों को मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए पूरा किया जाएगा। एकजुट हुए गांव के प्रतिनिधि कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह भलावी और सीईओ ओंकार सिंह ठाकुर सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। अतिथियों ने ग्रामीणों से अपील की कि गांव के विकास के लिए केवल सरकार के भरोसे न बैठें, बल्कि खुद भी आगे आएं। इस दौरान सरपंच जानकी मरकाम और उपसरपंच रामकली उइके के साथ आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का अंत पर्यावरण बचाने और पानी की बर्बादी रोकने की सामूहिक कसम के साथ हुआ।













































