उज्जैन में देश की पहली डिजिटल जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में लापरवाही सामने आई है। प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहने वाले 159 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए विभिन्न ज़ोन में लगातार प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके बावजूद कई कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और यह कार्रवाई की गई है। शनिवार को आयोजित एक कार्यशाला में अपर आयुक्त संतोष टैगोर की उपस्थिति में 168 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, डेटा एंट्री और स्वगणना (Self Enumeration) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि स्वगणना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, जिससे यह प्रक्रिया सुचारु और तीव्र गति से संपन्न हो सके। इस कार्यक्रम में उपायुक्त मनोज मौर्य, सहायक आयुक्त प्रफुल्ल गठरे और जिला जनगणना प्रभारी तेजिंदर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।















































