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- PNG Gas Scam Alert; IGL Disconnection Fraud Safety Guideline | Cyber Literacy
58 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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भारत सरकार ने मार्च 2026 में ‘नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026’ के तहत नए नियम लागू किए हैं। इसके मुताबिक, जिन क्षेत्रों में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की सुविधा उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन लेना होगा। नहीं लेने पर LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
इस फैसले के बाद जहां PNG पाइपलाइन है, वहां तेजी से कनेक्शन लिए जा रहे हैं। साइबर ठग इस डर का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। यह ठगी देश की लीडिंग गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ‘इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड’ (IGL) के ग्राहकों के साथ हो रही है। खतरे को देखते हुए IGL ने अलर्ट जारी किया है और अपने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज हम PNG के नाम पर होने वाले इस स्कैम की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे-
- ठग इस स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे हैं?
- अगर गलती से स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- ‘PNG गैस स्कैम‘ क्या है?
जवाब- ये साइबर ठगी है, जिसमें ठग PNG गैस कंपनी के नाम पर फर्जी SMS या कॉल करते हैं। मैसेज में लिखा होता है कि, ‘आपका गैस कनेक्शन जल्द ही काट दिया जाएगा, इसलिए तुरंत बकाया बिल भरें।’ ठग डर और जल्दबाजी का फायदा उठाकर पेमेंट करवा लेते हैं।
सवाल- ठग इस स्कैम को कैसे अंजाम दे रहे हैं?
जवाब- ठग बेहद चालाकी से लोगों में डर और जल्दबाजी पैदा करके इस स्कैम को अंजाम दे रहे हैं। वे खुद को IGL का अधिकारी बताते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए-

सवाल- हाल ही में IGL ने अलर्ट जारी कर क्या कहा है?
जवाब- ‘इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड’ ने कहा है कि ठग उनके नाम पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इसलिए अनजान कॉल, पेमेंट या लिंक पर भरोसा न करें और हमेशा सोर्स वेरिफाई करें।

सवाल- ये स्कैम किन शहरों-इलाकों में ज्यादा हो रहा है?
जवाब- जहां-जहां IGL की सर्विस है, वहां यह स्कैम ज्यादा देखने को मिल रहा है। जैसे-
- दिल्ली
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा
- गाजियाबाद
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
इसके अलावा इसी तरह के PNG स्कैम के मामले मुंबई, नवी मुंबई से भी सामने आए हैं, जहां दूसरी गैस कंपनियों के नाम पर लोगों को ठगा गया है। यानी जहां PNG कनेक्शन ज्यादा हैं, वहीं ये स्कैम हो रहा है।
सवाल- ठग इस स्कैम में किसे निशाना बना रहे हैं?
जवाब- इस स्कैम खासतौर पर उन लोगों को टारगेट किया जा रहा है, जो PNG गैस का इस्तेमाल करते हैं और ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। जैसेकि-

सवाल- लोग क्या गलती करते हैं कि वे स्कैमर्स के जाल में फंस जाते हैं?
जवाब- PNG के नाम पर कुछ सामान्य गलतियों से लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए-

अब इन गलतियों को विस्तार से बात करते हैं।
गलती No 1.
डर और जल्दबाजी में फैसला लेना
- “कनेक्शन कट जाएगा,” “अभी पेमेंट करें” जैसे मैसेज पैनिक क्रिएट करते हैं।
- लोग बिना जांचे तुरंत एक्शन ले लेते हैं।
सबक- ठहकर सोचें। तुरंत कदम न उठाएं।
गलती No 2.
अनजान कॉल/मैसेज पर भरोसा करना
- ग्राहक कंपनी के नाम से मैसेज देखकर भरोसा कर लेते हैं।
- ‘कंपनी से बोल रहा हूं।’ इस झांसे में आ जाते हैं।
सबक- हमेशा सोर्स जरूर वेरिफाई करें।
गलती No 3.
OTP शेयर करना
- ‘वेरिफिकेशन’ या ‘रिफंड’ के नाम पर OTP दे देते हैं।
सबक- OTP और PIN कभी किसी से शेयर न करें।
गलती No 4.
QR कोड/पेमेंट रिक्वेस्ट में फर्क न समझना
- ग्राहक ये मान लेते हैं कि QR स्कैन करने से पैसा आएगा।
- ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ और ‘PAY’ में फर्क नहीं समझते हैं।
सबक- पेमेंट से पहले स्क्रीन पर लिखे शब्दों को ध्यान से पढ़ें।
गलती No 5.
फर्जी लिंक पर क्लिक करना
- SMS/वॉट्सएप के लिंक पर क्लिक करके डिटेल्स भर देते हैं।
- नकली वेबसाइट को असली समझ लेते हैं।
सबक- किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
गलती No 6.
रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करना
- AnyDesk/TeamViewer जैसे एप इंस्टॉल कर लेते हैं।
- स्कैमर को अपने मोबाइल का पूरा कंट्रोल दे देते हैं।
सबक- किसी अनजान एप को इंस्टॉल न करें।
गलती No 7.
साइबर अवेयरनेस की कमी
- बेसिक सेफ्टी रूल्स (OTP, लिंक, PIN) नहीं जानते।
- नए डिजिटल फ्रॉड के तरीकों से अनजान हैं।
सबक- खुद को अपडेट और जागरूक रखें।
गलती No 8.
क्रॉस चेक न करना
- ऑफिशियल वेबसाइट या एप पर जाकर जानकारी वेरिफाई नहीं करते।
सबक- हमेशा ऑफिशियल सोर्स से पुष्टि करें।
सवाल- फेक मैसेज/मेल कैसे पहचानें?
जवाब- फर्जी मैसेज में कुछ संकेत होते हैं, जिन्हें पहचानकर धोखा से बच सकते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या IGL कभी कनेक्शन काटने का मैसेज भेजता है?
जवाब- अगर आपने लंबे समय तक बिल नहीं भरा है तो IGL प्रोसेस-बेस्ड और ऑफिशियल चैनल से नोटिस देती है। पॉइंटर्स से समझिए-
IGL का कम्युनिकेशन कैसे होता है?
- पहले SMS/ईमेल के जरिए रिमाइंडर भेजना।
- मैसेज में आपका CA नंबर/कस्टमर आईडी होगा।
- बिल अमाउंट और ड्यू डेट लिखा होगा।
- भाषा सामान्य होती है।
- “तुरंत नहीं भरा तो अभी कट जाएगा” जैसी डरावनी भाषा नहीं होती है।
ड्यू/ओवरड्यू नोटिस
- अगर पेमेंट नहीं हुआ तो दूसरा मैसेज भेजते हैं।
- इसमें लिखा हो सकता है- “आपका बिल बकाया है, कृपया जल्द भुगतान करें।”
- फिर भी कोई संदिग्ध लिंक या QR कोड नहीं भेजते हैं।
डिसकनेक्शन से पहले सूचना
- काफी समय तक बिल न भरने पर कंपनी पूर्व सूचना देती है।
- कई मामलों में फील्ड स्टाफ विजिट भी हो सकता है।
- “आज ही कनेक्शन काट दिया जाएगा” ऐसा मैसेज नहीं भेजते हैं।
नीचे ग्राफिक में देखिए IGL क्या नहीं करता है-

सवाल- PNG स्कैम या किसी भी स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें?
जवाब- स्कैम से बचने के लिए सतर्कता और सही जानकारी जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- PNG बिल पेमेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- कुछ बातों का ध्यान रखें-
- पेमेंट हमेशा IGL की आधिकारिक वेबसाइट/एप से करें।
- मैसेज में आए लिंक से पेमेंट न करें।
- कस्टमर ID और बिल डिटेल्स पहले वेरिफाई करें।
- अनजान नंबर या कॉल पर भरोसा न करें।
- पेमेंट से पहले रिसीवर का नाम जरूर चेक करें।
- QR कोड स्कैन करते समय सावधानी रखें।
- पेमेंट का स्क्रीनशॉट/रसीद सुरक्षित रखें।

सवाल- अगर गलती से स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में-
- तुरंत बैंक को सूचना दें।
- अस्थाई रूप से ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं।
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- अपने बैंक/UPI एप में फ्रॉड रिपोर्ट करें।
- संदिग्ध नंबर और मैसेज को ब्लॉक करें।
- सभी सबूत (SMS, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन डिटेल्स) सुरक्षित रखें।
- जरूरत हो तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।
- जितनी जल्दी कार्रवाई करेंगे, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है।
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