गर्मियों में तेज़ धूप और अत्यधिक तापमान के कारण लू (Heat Stroke/Heat Exhaustion) लगने का खतरा बढ़ जाता है. लू शरीर के तापमान नियंत्रण तंत्र को बिगाड़ देती है, जिससे गंभीर समस्या हो सकती है. सही जानकारी और सावधानी से इससे बचा जा सकता है.
लू से बचने के तरीके
धूप से बचें
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप बहुत तेज़ होती है. इस दौरान बाहर निकलने से बचें. अगर निकलना ज़रूरी हो तो छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें.
पर्याप्त पानी पिएं
दिनभर थोड़े‑थोड़े अंतराल पर पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी या ओआरएस घोल पिएं. प्यास लगने से पहले पानी पीना बेहतर है.
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
सूती, हल्के रंग के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और पसीना जल्दी सूख सके.
भारी भोजन करने से बचें
गर्मियों में हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करें. बहुत ज्यादा तला‑भुना और मसालेदार खाना शरीर में गर्मी बढ़ाता है.
शरीर को ठंडा रखें
समय‑समय पर ठंडे पानी से चेहरा हाथ धोएं, संभव हो तो स्नान करें. घर में हवा और छाया की व्यवस्था रखें.
लू लगने के लक्षण कैसे पहचानें
लू लगने पर शरीर कुछ खास संकेत देता है, जैसे:
तेज़ सिरदर्द और चक्कर आना.
अत्यधिक पसीना आना या बिल्कुल पसीना बंद हो जाना.
कमजोरी, थकान और बेचैनी.
मतली या उल्टी.
शरीर का तापमान बढ़ जाना.
तेज़ धड़कन और सांस लेने में परेशानी.
गंभीर स्थिति में बेहोशी.
इन लक्षणों में से कई एक साथ दिखें तो समझ लें कि लू लग रही है या लग चुकी है.
लू लगने के बाद क्या उपाय करें
धूप से तुरंत हटाएं
व्यक्ति को छायादार और ठंडी जगह पर लिटाएं.
कपड़े ढीले करें
तंग कपड़े हटा दें और शरीर पर ठंडा पानी डालें या गीले कपड़े से पोंछें.
तरल पदार्थ दें
होश में होने पर ओआरएस, ठंडा पानी, नींबू पानी या छाछ पिलाएं. बेहोशी की स्थिति में मुंह से कुछ न दें.
ठंडी पट्टियां रखें
सिर, गर्दन, बगल और जांघों पर ठंडी पट्टियां रखने से शरीर का तापमान कम होता है.
डॉक्टर से संपर्क करें
यदि स्थिति गंभीर हो, बार‑बार उल्टी हो या बेहोशी आए तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें.
सही समय पर सावधानी और उपचार से लू के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है. गर्मियों में अपने और परिवार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.















































