जिले की पंचायतों में जल संवर्धन एवं मप्र गौण खनिज नियम 1996 की आड़ में अवैध खनन बिना रोक-टोक तेजी से चल रहा है। किसानों के खेतों में मिट्टी डालने के नाम पर जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों ने ही तालाबों में जेसीबी लगाकर 500 से 650 रुपए में मिट्टी की ट्रॉली बेचना शुरू कर दी है। तालाब में 2 जेसीबी व 5 से 7 ट्रैक्टर की मदद से दिनभर में 70 से 80 ट्रॉली मिट्टी निकाली जा रही है। भास्कर के पास लोगों की कॉल रिकॉर्डिंग व सबूत उपलब्ध हैं। मामले में अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। रामपुरा के पास ग्राम पंचायत भगोरी, कुंडालिया व अन्य गांवों के तालाबों से मिट्टी निकाली जा रही है। भास्कर टीम जब मौके पर पहुंची तो यहां अंधाधुंध खनन जारी था। टीम ने किसान बनकर ट्रैक्टर ड्राइवरों से बात की तो पता चला कि सरपंच पति ने एक पार्टनर के साथ अपनी जेसीबी लगा रखी थी। ‘जितनी कहोगे उतने ट्रॉली मिट्टी डाल देंगे’ भास्कर टीम ने खनन में लगे ड्राइवर से पूछा कि हमारे खेत में भी मिट्टी डलवाना है। उसने बताया कि गणेशपुरा में 650 रुपए में डाल रहे हैं। इसमें 550 ट्रैक्टर वाले के रहेंगे व 100 रुपए जेसीबी वाले के रहेंगे। हमने पूछा कि आप कितने ट्रैक्टर डाल देंगे तो उन्होंने कहा कि जितने कहोगे उतने ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी डाल देंगे। हमने उनसे बाद में बताने को कहा। रोज 40 से 50 हजार का अवैध खनन जारी भगौरी में 2 से 3 लोगों के 20 से अधिक ट्रैक्टर चल रहे है। एक ट्रैक्टर एक दिन में 4 से 6 राउंड लगा रहा है। कम से कम 500 रुपए ट्रॉली भी मानें तो हर दिन 40 से 50 हजार का अवैध खनन कार्य किया जा रहा है। इसमें 20 से 22 हजार खर्चा निकालकर माफिया हर दिन 25 से 30 हजार का कारोबार कर रहे हैं। जिम्मेदार जल संवर्धन की बात कह रहे हैं। गांव में हादसे की आशंका- शुक्रवार को जब टीम मौके पर गई, इस दौरान तालाब से मिट्टी भरकर बाहर निकालते समय ही ट्रॉली पलट गई थी। वहीं मिट्टी की ट्रॉलियां गांव की गलियों से गुजर रही हैं। जहां बच्चे खेलते दिखाई दिए। ट्रैक्टर निकलने के दौरान बच्चे साइड हो जाते हैं लेकिन ऐसे में कभी भी हादसे की आशंका है। रामपुरा तहसीलदार मृगेंद्र सिसौदिया ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। जांच करवाता हूं। हमारे पास तो खनिज विभाग की परमिशन है
सरपंच पति दशरथ गुर्जर ने कहा हमारे पास खनिज विभाग की परमिशन है। खनिज अधिकारी गजेंद्र डाबर द्वारा हमें परमिशन दी गई है कि हम तालाब की खुदाई कर मिट्टी खेतों में डाल सकते हैं। मिट्टी का विक्रय करना रॉयल्टी नियम में आता है
तालाब से मिट्टी निकालकर खेतों में डालने के लिए रॉयल्टी देने की आवश्यकता नहीं होती है। हमारे पास जल संवर्धन अभियान में पंचायतों के आवेदन जनपद व जिला पंचायत के माध्यम से आए थे। हमने इसके लिए अनुमति दी है लेकिन यदि कोई इस कार्य में मिट्टी का विक्रय करता है या किसी तरह की राशि लेता है तो वह रॉयल्टी नियम में आता है। मामले को दिखवाएंगे। उचित कार्रवाई की जाएगी। – गजेंद्र डाबर, खनिज निरीक्षक













































