बुरहानपुर के नेपानगर में सोमवार को पेट्रोल की कमी के कारण नेपा मिल पेट्रोल पंप पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। यहां बाइक चालकों को इमरजेंसी कोटे से केवल 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार, यह समस्या टैंकरों के अनियमित आगमन के कारण उत्पन्न हुई है। वर्तमान में पेट्रोल के टैंकर पांच दिन में एक बार ही पहुंच रहे हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। नेपा मिल के पेट्रोल पंप का संचालन कर रहे चंद्रकांत बावस्कर ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों ने दाम बढ़ने के कारण उत्पादन कम कर दिया है। इसके अलावा, टैंकर भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज टैंकर आने की संभावना है। बावस्कर ने आगे बताया कि उनके पास इमरजेंसी कोटे में लगभग 1500 लीटर पेट्रोल शेष है, जिसे वे एचपी का चला रहे हैं। नेपा मिल में भी पेट्रोल उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों के वाहनों के लिए एक इमरजेंसी कोटा होता है, और इसी कोटे से आम लोगों को 100-100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है। बावस्कर के अनुसार, डिपो से भी माल कम आ रहा है। कंपनियों को लागत बढ़ने से घाटा हो रहा है, जिसके कारण उन्होंने उत्पादन घटा दिया है। डिपो में भी पर्याप्त माल उपलब्ध नहीं है और गाड़ियों को लोड होने में पांच दिन का समय लग रहा है। खकनार, नावरा, सीवल और बुरहानपुर के कुछ अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। जब आपूर्ति सामान्य होती है, तो ग्राहकों को 200 रुपए तक का पेट्रोल भी दिया जाता है। वहीं नगर का एक अन्य पेट्रोल पंप फिलहाल बंद है।












































