Monday, 27 Apr 2026 | 08:32 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ISRO Opens Astronaut Cadre to Public for Gaganyaan Mission

ISRO Opens Astronaut Cadre to Public for Gaganyaan Mission
  • Hindi News
  • Career
  • ISRO Opens Astronaut Cadre To Public For Gaganyaan Mission | STEM Experts Join

12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO पहली बार अपने एस्ट्रोनॉट कैडर को आम नागरिकों के लिए खोलेगा। इस शुरुआत के बाद ISRO भविष्य में गगनयान मिशन के साथ-साथ आगे भी इंसानों को स्पेस में भेजने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ISRO की कमेटी ने ये प्रस्ताव दिया है।

STEM एक्सपर्ट्स शामिल होंगे

रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार इंडियन एस्ट्रोनॉट्स कैडर आम लोगों के लिए खोला जाएगा। ISRO गगनयान मिशन से पहले इसमें आम लोगों को शामिल किया जा सकता है।

ISRO कमेटी ने इस पर विचार किया है कि जल्दी ही एस्ट्रोनॉट के अलावा ऐसे लोग जो STEM ( साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनयरिंग और मैथमेटिक्स) बैकग्राउंड से आते हैं, इसमें शामिल हो सकेंगे।

इस फैसले के बाद आने वाले समय में प्रोफेशनल साइंटिस्ट, इंजीनियर, डॉक्टर सिर्फ मिलिट्री पायलट ही नहीं बल्कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री भी बन सकते हैं। हालांकि इसका क्राइटेरिया अभी जारी नहीं किया गया है।

नागरिकों को शामिल करने का ये कदम ISRO में मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए टेक्नोलॉजी, मिशनों और उनसे जुड़े साइंटिफिक कार्यों के लिए इन्हें तैयार किया जाएगा।

कमेटी के मुताबिक, दूसरे बैच में 4 लोग होंगे जो सीधा 4 क्रू मेंबर गगनयान मिशन से शामिल हो सकेंगे।

पहले क्रू में 4 एस्ट्रोनॉट्स शामिल

मिशन गगनयान ISRO का पहला क्रू वाला स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम है, जो 2027 तक लॉन्च होगा। ये 3 दिन का एक मिशन होगा। इसमें 3 एस्ट्रोनॉट्स 400 किमी की यात्रा कर अंतरिक्ष में जाएंगे। उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

पहले बैच में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। ISRO के पहले बैच में इंडियन एयरफोर्स (IAF) के टेस्ट पायलट शामिल थे। इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट किया गया था। इन एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट करने का उद्देशय पहले क्रू मिशन को सुरक्षित पहुंचाना है।

पहले बैच में फाइटर प्लेन के एयर कमांडर प्रशांत बी नायर, जीपी कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जीपी कैप्टन अजीत कृष्णन, जीपी कैप्टन अंगद प्रताप शामिल हुए थे। दूसरे बैच में इंडियन आर्मी के फाइटर जेट के लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी शामिल हो सकते हैं।

एक साल में 2 क्रू मिशन होंगे

ISRO कमेटी के प्रपोजल के मुताबिक, कमेटी ये उम्मीद कर रही है कि एक साल में 2 क्रू मिशन किए जा सकें, जिसमें अंतरिक्ष यात्री संभावित रूप से एक मिशन से लौटने के बाद दो साल के अंतर में फिर से भेजे जा सकें। इससे आम लोगों को शामिल करना मिशन में तेजी लाएगा।

एक एस्ट्रोनॉट के स्पेस में भेजने के पूरे प्रोसेस में लगभग 5 साल का समय लगता है, जिसमें सिलेक्शन, ट्रेनिंग और मिशन शामिल है।

कमेटी के मुताबिक शुरू में सात एस्ट्रोनोट्स दूसरे बैच के लिए पर्याप्त होंगे, लेकिन दूसरे बैच में संभावित ये संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई है।

तीसरे बैच में 12 एस्ट्रोनॉट्स भेजे जाएंगे

इस क्रू मिशन से एक और बड़े बदलाव की योजना बनाई गई है, जिसमें गगनयान क्रू मॉड्यूल की क्षमता के मुताबिक एस्ट्रोनॉट्स की संख्या दो से बढ़ाकर तीन करने का प्रस्ताव रखा गया है।

ये विस्तार भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की बड़ी योजनाओं से जुड़ा है, जहां ज्यादा संख्या में साइंटिस्ट और अलग-अलग अंतरिक्ष यात्री पूल की जरूरत होगी।

तीसरे बैच के लिए कमेटी ने 12 एस्ट्रोनॉट्स की जरूरत का अनुमान लगाया है। इस पूल में, सैन्य पृष्ठभूमि वाले अंतरिक्ष यात्रियों और नागरिकों के अनुपात में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।

ये विस्तार भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की बड़ी योजनाओं से जुड़ा है।

ये विस्तार भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की बड़ी योजनाओं से जुड़ा है।

6 साल में तैयार होंगे एस्ट्रोनॉट्स

रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी ने दो मिशन पायलटों और 10 स्पेशलिस्ट की सिफारिश की है। कमेटी ने ने 40 एस्ट्रोनॉट्स का प्रस्ताव दिया है। कमेटी ने इसे लंबे समय के लिए जरूरी बताया है। साथ ही दूसरे बैच को तैयार करने में 72 महीने यानी 6 साल और तीसरे बैच को तैयार करने में 96 महीनों यानी 8 साल का लक्ष्य रखा गया है।

इसका उद्देश्य साइंटिस्ट एक्सपर्टीज को शामिल करना, माइक्रोग्रैविटी रिसर्च को बढ़ाना, लॉन्ग टर्म स्पेस एक्सपलोरेशन को बढ़ाना है ताकि विशेष नागरिकों को मिलिट्री क्रू में बदला जा सके।

——————-

ये खबर भी पढ़ें..

बांग्लादेश युद्ध की तस्वीरें लेने वाले रघु राय का निधन:पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम जाएंगे, 27 अप्रैल के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अर्चना सिंह बोलीं- मुझे कोई काम नहीं दे रहा:कपिल शर्मा शो की वजह से छोड़ीं फिल्में; अब फिल्म मेकर्स ने अप्रोच करना बंद किया

April 20, 2026/
3:34 pm

फिल्म ‘निकाह’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाली अर्चना पूरन सिंह आज ‘कपिल शर्मा शो’ की जज के तौर पर...

शाजापुर में अनियंत्रित होकर कार खंभे से टकराई:बाइक सवार को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा

April 5, 2026/
9:18 pm

शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 8 बजे एक सड़क हादसा हो गया। धोबी चौराहे रोड...

दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X 2 घंटे डाउन रहा:एप और वेब दोनों जगह नहीं चला; 1 महीने में दूसरी बार सर्विस ठप हुई

February 16, 2026/
7:31 pm

इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस आज (16 फरवरी) को दुनियाभर में 2 घंटे ठप...

असम चुनाव 2026: घुसपैठियों की हो रही है पहचान, चुना-चुनकर देश से बाहर निकलेंगे- अमित शाह

April 7, 2026/
1:48 pm

असम चुनाव 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम के श्रीलंकाई जिलों के पथारकांडी में एक विशाल...

एलपीजी और पेट्रोल-डीजल उपलब्धता का रोज होगा रिव्यू:कलेक्टरों से सीएस अनुराग जैन बोले- मॉनिटरिंग करें और जमाखोरों पर शीघ्र एक्शन लें

April 2, 2026/
10:55 pm

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त है और किसी तरह...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

ISRO Opens Astronaut Cadre to Public for Gaganyaan Mission

ISRO Opens Astronaut Cadre to Public for Gaganyaan Mission
  • Hindi News
  • Career
  • ISRO Opens Astronaut Cadre To Public For Gaganyaan Mission | STEM Experts Join

12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO पहली बार अपने एस्ट्रोनॉट कैडर को आम नागरिकों के लिए खोलेगा। इस शुरुआत के बाद ISRO भविष्य में गगनयान मिशन के साथ-साथ आगे भी इंसानों को स्पेस में भेजने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ISRO की कमेटी ने ये प्रस्ताव दिया है।

STEM एक्सपर्ट्स शामिल होंगे

रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार इंडियन एस्ट्रोनॉट्स कैडर आम लोगों के लिए खोला जाएगा। ISRO गगनयान मिशन से पहले इसमें आम लोगों को शामिल किया जा सकता है।

ISRO कमेटी ने इस पर विचार किया है कि जल्दी ही एस्ट्रोनॉट के अलावा ऐसे लोग जो STEM ( साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनयरिंग और मैथमेटिक्स) बैकग्राउंड से आते हैं, इसमें शामिल हो सकेंगे।

इस फैसले के बाद आने वाले समय में प्रोफेशनल साइंटिस्ट, इंजीनियर, डॉक्टर सिर्फ मिलिट्री पायलट ही नहीं बल्कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री भी बन सकते हैं। हालांकि इसका क्राइटेरिया अभी जारी नहीं किया गया है।

नागरिकों को शामिल करने का ये कदम ISRO में मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए टेक्नोलॉजी, मिशनों और उनसे जुड़े साइंटिफिक कार्यों के लिए इन्हें तैयार किया जाएगा।

कमेटी के मुताबिक, दूसरे बैच में 4 लोग होंगे जो सीधा 4 क्रू मेंबर गगनयान मिशन से शामिल हो सकेंगे।

पहले क्रू में 4 एस्ट्रोनॉट्स शामिल

मिशन गगनयान ISRO का पहला क्रू वाला स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम है, जो 2027 तक लॉन्च होगा। ये 3 दिन का एक मिशन होगा। इसमें 3 एस्ट्रोनॉट्स 400 किमी की यात्रा कर अंतरिक्ष में जाएंगे। उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

पहले बैच में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। ISRO के पहले बैच में इंडियन एयरफोर्स (IAF) के टेस्ट पायलट शामिल थे। इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट किया गया था। इन एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट करने का उद्देशय पहले क्रू मिशन को सुरक्षित पहुंचाना है।

पहले बैच में फाइटर प्लेन के एयर कमांडर प्रशांत बी नायर, जीपी कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जीपी कैप्टन अजीत कृष्णन, जीपी कैप्टन अंगद प्रताप शामिल हुए थे। दूसरे बैच में इंडियन आर्मी के फाइटर जेट के लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी शामिल हो सकते हैं।

एक साल में 2 क्रू मिशन होंगे

ISRO कमेटी के प्रपोजल के मुताबिक, कमेटी ये उम्मीद कर रही है कि एक साल में 2 क्रू मिशन किए जा सकें, जिसमें अंतरिक्ष यात्री संभावित रूप से एक मिशन से लौटने के बाद दो साल के अंतर में फिर से भेजे जा सकें। इससे आम लोगों को शामिल करना मिशन में तेजी लाएगा।

एक एस्ट्रोनॉट के स्पेस में भेजने के पूरे प्रोसेस में लगभग 5 साल का समय लगता है, जिसमें सिलेक्शन, ट्रेनिंग और मिशन शामिल है।

कमेटी के मुताबिक शुरू में सात एस्ट्रोनोट्स दूसरे बैच के लिए पर्याप्त होंगे, लेकिन दूसरे बैच में संभावित ये संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई है।

तीसरे बैच में 12 एस्ट्रोनॉट्स भेजे जाएंगे

इस क्रू मिशन से एक और बड़े बदलाव की योजना बनाई गई है, जिसमें गगनयान क्रू मॉड्यूल की क्षमता के मुताबिक एस्ट्रोनॉट्स की संख्या दो से बढ़ाकर तीन करने का प्रस्ताव रखा गया है।

ये विस्तार भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की बड़ी योजनाओं से जुड़ा है, जहां ज्यादा संख्या में साइंटिस्ट और अलग-अलग अंतरिक्ष यात्री पूल की जरूरत होगी।

तीसरे बैच के लिए कमेटी ने 12 एस्ट्रोनॉट्स की जरूरत का अनुमान लगाया है। इस पूल में, सैन्य पृष्ठभूमि वाले अंतरिक्ष यात्रियों और नागरिकों के अनुपात में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।

ये विस्तार भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की बड़ी योजनाओं से जुड़ा है।

ये विस्तार भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की बड़ी योजनाओं से जुड़ा है।

6 साल में तैयार होंगे एस्ट्रोनॉट्स

रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी ने दो मिशन पायलटों और 10 स्पेशलिस्ट की सिफारिश की है। कमेटी ने ने 40 एस्ट्रोनॉट्स का प्रस्ताव दिया है। कमेटी ने इसे लंबे समय के लिए जरूरी बताया है। साथ ही दूसरे बैच को तैयार करने में 72 महीने यानी 6 साल और तीसरे बैच को तैयार करने में 96 महीनों यानी 8 साल का लक्ष्य रखा गया है।

इसका उद्देश्य साइंटिस्ट एक्सपर्टीज को शामिल करना, माइक्रोग्रैविटी रिसर्च को बढ़ाना, लॉन्ग टर्म स्पेस एक्सपलोरेशन को बढ़ाना है ताकि विशेष नागरिकों को मिलिट्री क्रू में बदला जा सके।

——————-

ये खबर भी पढ़ें..

बांग्लादेश युद्ध की तस्वीरें लेने वाले रघु राय का निधन:पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम जाएंगे, 27 अप्रैल के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.