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पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

रीवा में पीएम एक्सीलेंस (मॉडल साइंस कॉलेज) में छात्रों से जबरन बस शुल्क वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि कॉलेज में बसों की संख्या और उनकी क्षमता सीमित है, साथ ही बसों का संचालन केवल दो राउंड में प्रस्तावित है। ऐसे में सभी छात्रों पर अनिवार्य बस शुल्क थोपना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो छात्र बस सेवा का उपयोग नहीं करते, उनसे भी शुल्क वसूला जाना गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर बढ़ रहा बोझ एनएसयूआई ने कहा कि एक समान शुल्क लागू करने से गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने मांग की है कि बस शुल्क केवल उन्हीं छात्रों से लिया जाए, जो वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों छात्र उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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रीवा में पीएम एक्सीलेंस (मॉडल साइंस कॉलेज) में छात्रों से जबरन बस शुल्क वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि कॉलेज में बसों की संख्या और उनकी क्षमता सीमित है, साथ ही बसों का संचालन केवल दो राउंड में प्रस्तावित है। ऐसे में सभी छात्रों पर अनिवार्य बस शुल्क थोपना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो छात्र बस सेवा का उपयोग नहीं करते, उनसे भी शुल्क वसूला जाना गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर बढ़ रहा बोझ एनएसयूआई ने कहा कि एक समान शुल्क लागू करने से गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने मांग की है कि बस शुल्क केवल उन्हीं छात्रों से लिया जाए, जो वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों छात्र उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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