रेलवे यात्रा से जुड़े मानवाधिकार, सुविधाओं और शिकायतों को लेकर सोमवार को आयोजित जागरूकता संवाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे में मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और उपस्थित लोगों के सवालों के जवाब भी दिए। साथ ही रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव और शिकायतें भी आमंत्रित कीं। टिकट कन्फर्म न होने पर कटने वाला पैसा रेलवे को नहीं जाता टिकट कन्फर्म न होने पर रिफंड में होने वाली कटौती को लेकर उठे सवाल पर कानूनगो ने स्पष्ट किया कि यह राशि रेलवे के खाते में नहीं जाती। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यह शुल्क लेते हैं। जो लोग यह सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं, वे भी गरीब हैं और उन्हें भी इसके लिए कुछ पैसा मिलना चाहिए। महिलाओं के लिए कोच में सैनिटरी पैड की व्यवस्था पर चर्चा संवाद में महिलाओं के लिए रेलवे कोच में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने का सुझाव भी सामने आया। इस पर कानूनगो ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि सभी प्लेटफॉर्म पर मेडिकल शॉप में सैनिटरी पैड उपलब्ध हों। साथ ही, रेलवे के प्रत्येक कोच में वेंडिंग मशीन लगाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को परेशानी न हो। RAC टिकट के किराए की वापसी पर भी होगा विचार RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को किराया वापस मिलने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस पर उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग इस विषय पर विचार करेगा और नीति में आवश्यक बदलाव के लिए प्रयास किए जाएंगे। रेलवे में चोरी: शिकायत के बिना कार्रवाई संभव नहीं रेलवे में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठे। इस पर कानूनगो ने कहा कि जब तक आयोग के पास लिखित शिकायत नहीं आती, तब तक कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा मानवाधिकार आयोग के पास कोई ‘अलादीन का चिराग’ नहीं है कि बिना सूचना के हर घटना का पता चल सके।” पैंट्री में ‘चॉइस फूड’ की सुविधा जरूरी उन्होंने कहा कि रेलवे की पैंट्री व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार भोजन मिलना चाहिए और किसी पर भी भोजन थोपना नहीं चाहिए। नागरिकों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी कानूनगो ने कहा कि लेडीज टॉयलेट, स्वच्छता और हाइजीन की कमी मानवाधिकार का उल्लंघन है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कई बार रेलवे के चादर चोरी होने जैसी घटनाएं नागरिक कर्तव्यों की अनदेखी को दर्शाती हैं। इसलिए नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। यात्रियों ने उठाए कई मुद्दे कानूनगो ने स्टेशनों पर कूली की समस्या और रेलवे के ट्रेन लेट होने की सूचना न देने को भी मानवाधिकार का हनन बताया। संवाद के दौरान लोगों ने जनरल कोच में गद्देदार सीट न होने, रेलवे पास न बनने जैसी समस्याएं उठाईं। कानूनगो ने सभी से लिखित शिकायत ईमेल के माध्यम से भेजने को कहा और अपना ईमेल आईडी साझा किया। यह कार्यक्रम उपयोगकर्ता सलाहकार समिति, पश्चिम मध्य रेलवे मंडल के सदस्य कमलेश सेन ने आयोजित किया था।















































