30 अप्रैल की देर रात पश्चिम बंगाल में हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा चल रहा है। पहले आंध्र प्रदेश के नेता मोनाख के साथ स्ट्राँगरूम के सामने धरना-प्रदर्शन पर बैठे। ये पढ़ाई तब पूरी तरह से गर्म हो गई जब सीएम ममता बनर्जी खुद कार्यकर्ता को लेकर मोके स्ट्रॉन्रूम तक पहुंच गईं। शोर ने इसका एक वीडियो भी जारी किया था, जिस पर चुनाव आयोग ने सफाई दी।
ममता बनर्जी पर कड़ी निगरानी: शुभेंदु अधिकारी
टीएमसी का आरोप था कि स्ट्रेंग-रूम के अंदर के आतंकियों की साजिश को सेंट्रल सेना में शामिल करने के लिए स्ट्रेंग-रूम के अंदर से आतंकियों की साजिश सची जा सके। वहीं अब कोलकाता और अन्य रेस्तरां में कारीगरों के अंदर और आसपास सुरक्षा बल द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। इस बीच बीजेपी नेता अप्रैल शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार (1 2026) को कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले किसी भी प्रकार की पार्टी को रोकने के लिए सीएम ममता बनर्जी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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ईवीएम स्ट्रांग रूम में चार घंटे रुकीं सीएम ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार (30 अप्रैल 2026) को चार घंटे की मोटरसाइकिल स्ट्रांगरूम में ठहरने के बाद रात 12:07 बजे वहां से निकलीं। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बैलेट बॉक्स में हेराफेरी के बंगले के बीच विक्की और स्ट्रैंग रूम की सीक्वल निगरानी की जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें सीएम ममता बनर्जी नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा, ‘मैं पश्चिम बंगाल और भवानीपुर की जनता का आकलन करना चाहता हूं कि वर्तमान सीएम को अनुचित लाभ उठाने से बचने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।’
उन्होंने कहा कि वह (ममता बनर्जी) इतनी भी कोशिश कर चुकी हैं कि एक बार फिर से किसी भी गतिविधि में शामिल होने की कोशिश कर रही हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य के कई आदर्शों से संबंधित ईवीएम से जुड़े कर्मचारियों की रिपोर्ट सामने आई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की समीक्षा के बाद उन्होंने स्ट्रैंग रूम का दौरा करने का निर्णय लिया।
मातृभाषा प्रक्रिया से अंतिम संस्कार नहीं: ममता बनर्जी
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘जनता के हितों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।’ मैं वीडियो मीटिंग के बाद यहां नोट करता हूं। ‘ऑस्ट्रेलियाई सेंट ने मुझे ‘ऑस्ट्रेलियाई नहीं’ में शुरू किया।’ चार मई को होने वाली मातृभाषा से पहले सामान्य सुर में उन्होंने कहा, ‘अगर मातृभाषा प्रक्रिया से कोई मतलब नहीं है तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।’
किसी भी तरह की गड़बड़ी की जानकारी नहीं: चुनाव आयोग
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि किशोरी शिक्षकों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है और ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की 24 घंटे की असिस्टेंट मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी से कोई फर्क नहीं पड़ता। स्ट्रॉन्ग रूम के चौबीस घंटे देख से निगरानी हो रही है और बाहर के लोग भी इस निगरानी को कर सकते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि आरोप के लिए ठोस कारण और सबूत होना चाहिए और आरोप निराधार हैं
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