डिंडोरी में मंगलवार को उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कांग्रेस के डिंडोरी विधायक ओमकार मरकाम ने अधिकारियों को सुधरने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी बनने के बाद वे बेरोजगार युवती से विवाह करें, ताकि उनका जीवन भी संवर सके। विधायक ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को यह प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने विरोध की आशंका के चलते मना कर दिया था। मरकाम ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह संबंध और परंपराओं की जानकारी भी दी। भाजपा विधायक ने जताई नारजगी शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने मंच से कार्यक्रम की तैयारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सामूहिक कन्या विवाह की शुरुआत डिंडोरी से हुई थी और अब यह वृहद रूप ले चुका है। पहले यह पूरे रीति-रिवाज और विधि-विधान से होता था, लेकिन अब यह केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उन्होंने साउंड से नगाड़ा बजाने और विवाह सामग्री की गुणवत्ता पर भी आपत्ति जताई। विधायक ने जिला प्रशासन से दुल्हनों के राशन कार्ड में नाम जोड़ने, जी राम जी योजना और उज्ज्वला गैस कनेक्शन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। तस्वीरें देखिए… 200 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे इस समारोह में 200 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। प्रदेश सरकार की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 49 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। वर पक्ष को कुर्ता-पायजामा, गमछा और मौरे जैसे उपहार दिए गए, जबकि कन्या पक्ष को दुल्हन ड्रेस, मुकुट और चुनरी सहित आवश्यक सामग्री भेंट की गई। बस स्टैंड से डीजे के साथ बारात निकली, जिसमें शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे दूल्हों के साथ नाचते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से, तो वहीं कई जोड़ों का विवाह आदिवासी परंपरा के अनुसार संपन्न कराया गया। ये रहे मौजूद इस विवाह समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, नपा अध्यक्ष सुनीता सारस, जिला पंचायत सदस्य ज्योति प्रकाश धुर्वे, हीरा परस्ते, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।














































