मध्य प्रदेश का टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो सबसे ‘हॉट’ बना हुआ है। मंगलवार को यहां तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में पारा 43.6 डिग्री पहुंच गया, जो 10 साल में दूसरा और सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के एक्टिव होने से उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर, चंबल-सागर संभाग में पारे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, विदिशा, सागर, रायसेन, मंडला और छिंदवाड़ा में लू का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा में दिन में लू चलेगी और शाम के बाद मौसम बदलेगा। यहां गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, सिवनी और बैतूल में भी बारिश होने की संभावना है। दिन में जरूरी होने पर ही निकले लोग
प्रदेश में लू के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने लोगों को चेताया है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। इसी समय लू का असर सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल में गर्मी का असर बरकरार रहेगा। खजुराहो, सीधी-श्योपुर में पारा 44 डिग्री पार
इससे पहले मंगलवार को खजुराहो समेत कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार ही रहा। टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो में तापमान सबसे ज्यादा 44.8 डिग्री रहा। हालांकि, सोमवार की तुलना में 1.2 डिग्री की गिरावट हुई है। सीधी में 44.6 डिग्री, श्योपुर में पारा 44 डिग्री रहा। इसी तरह रायसेन में 43.8 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, खंडवा में 43.4 डिग्री, मुरैना में 43.3 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री, रतलाम-दमोह में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 43.6 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में ऐसे दूसरा सबसे गर्म दिन रहा
भोपाल में गर्मी के रिकॉर्ड की बात करें तो साल 2017 से 2025 के बीच एक बार ही पारा 43.7 डिग्री पर गया है, जो 30 अप्रैल 2019 को दर्ज किया गया था। इस हिसाब से इस साल 28 अप्रैल का दिन 10 साल में दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। भोपाल में अप्रैल का ओवरऑल रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को बना था। तब पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। गर्मी की देखिए तस्वीरें… अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों के लिए बचाव एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर अपना ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। इस पर पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी, यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी
इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड
जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी
ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।















































