Saturday, 19 Sep 2026 | 08:31 PM

Trending :

EXCLUSIVE

सरपंच बोले- मनरेगा पेमेंट का अधिकार पंचायत के पास हो:गांवों में निर्माण के लिए मुरम-पत्थर निकालने की छूट मिले, बड़वानी में ज्ञापन सौंपा

सरपंच बोले- मनरेगा पेमेंट का अधिकार पंचायत के पास हो:गांवों में निर्माण के लिए मुरम-पत्थर निकालने की छूट मिले, बड़वानी में ज्ञापन सौंपा

बड़वानी में सरपंचों का कार्यकाल 4 साल का होने वाला है, लेकिन गांवों के विकास को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बजट की कमी और सरकारी नियमों की उलझनों की वजह से वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इसी गुस्से को लेकर ‘राष्ट्रीय सरपंच संघ’ ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। सरपंच संघ के अध्यक्ष मनोज सोलंकी का कहना है कि पंचायतों को उनके हक मिलने चाहिए। उनकी सबसे बड़ी मांग यह है कि मनरेगा का पेमेंट करने वाला अधिकार (डीएससी) जनपद ऑफिस के बजाय सीधे पंचायत के पास हो। साथ ही, गांवों में निर्माण काम के लिए पत्थर, मिट्टी और मुरम निकालने की छूट दी जाए। सरपंचों ने यह भी मांग की है कि बार-बार तकनीकी मंजूरी (टी.एस.) के चक्कर काटने के बजाय एक बार ऑनलाइन डीपीआर बनने पर ही उसे फाइनल मान लिया जाए। कर्मचारियों पर लगाम और सी.आर. की मांग सरपंचों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के सरकारी कर्मचारियों, जैसे सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक, पटवारी और आशा कार्यकर्ताओं की ‘गोपनीय रिपोर्ट’ (सी.आर.) लिखने का अधिकार सरपंच को मिले। उनका कहना है कि जब तक इन कर्मचारियों का वेतन और छुट्टी सरपंच के हाथ में नहीं होगी, तब तक गांव की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पाएगी। भ्रष्टाचार रोकने और नई योजनाओं की मांग संघ ने साफ कहा है कि अगर किसी काम में सरपंच के साइन नहीं हैं, तो उसका पेमेंट नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो इसके लिए जनपद सीईओ को जिम्मेदार मानकर उन पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, बंद पड़ी हितग्राही योजनाएं जैसे पशु शेड और बकरी शेड को फिर से शुरू करने और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग भी की गई है। पुराने रेट और सरकारी सुविधाओं पर नाराजगी सरपंचों का कहना है कि आज के समय में साल 2022 के रेट से पैसा दिया जा रहा है, जबकि महंगाई बहुत बढ़ गई है। उन्हें अब 2025-26 के नए रेट चाहिए। साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषित 50,000 रुपए की स्वेच्छा अनुदान निधि को भी लागू करने की मांग की गई है। सरपंचों ने यह भी कहा कि जब वे काम के सिलसिले में भोपाल जाएं, तो उनके ठहरने के लिए सरकारी विश्राम गृह की सुविधा मिलनी चाहिए।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
'धुरंधर द रिवेंज' में छाई हरियाणा की बहू:वकील वीना के किरदार में दिखीं, 6 साल पहले नारनौल में हुई थी शादी

March 22, 2026/
5:00 am

हरियाणा के नारनौल की बहू एक्ट्रेस भाषा सुंबली इन दिनों बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग से छाई...

Microsoft Gaming CEO: Asha Sharma Replaces Phil Spencer

February 21, 2026/
7:56 am

सैन फ्रांसिस्को17 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का नया सीईओ नियुक्त किया गया...

सेलेब्स के बॉडीगार्ड्स की सालाना कमाई करोड़ों में नहीं होती:शाहरुख खान के पूर्व बॉडीगार्ड ने सोशल मीडिया पर सैलरी के दावों की सच्चाई बताई

April 16, 2026/
3:41 pm

एक्टर शाहरुख खान के पूर्व बॉडीगार्ड यासीन खान ने हाल ही में बताया कि सेलेब्स के बॉडीगार्ड्स की दो से...

SC- प्राइवेट स्कूल EWS-कोटे में एडमिशन नहीं रोक सकते:स्टूडेंट को एडमिशन देने से इनकार करने की अपील को खारिज किया

April 29, 2026/
8:34 pm

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने एक फैसले में कहा कि प्राइवेट (नॉन एडेड) स्कूल कमजोर और वंचित वर्ग के...

इलेक्ट्रिक की जगह हाइब्रिड प्लेन का दौर क्यों शुरू:विमानों की भारी बैटरियां बनीं अड़चन; कम लागत और लंबी दूरी के लिए हाइब्रिड तकनीक बेहतर

July 27, 2026/
12:09 pm

वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 2.5% की हिस्सेदारी रखने वाला एविएशन सेक्टर बड़े बदलाव से गुजर रहा है। पायलट ट्रेनिंग के...

उज्जैन में युवक की संदिग्ध मौत,परिजनों ने किया चक्काजाम:हत्या का आरोप लगाया, मां बोली-फोन कर कहा था बचा लो; पुलिस कर रही जांच

April 23, 2026/
2:31 pm

उज्जैन के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक राजनाथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को उसकी...

ब्यौहारी में किराना दुकान में आग:हजारों का सामान राख; गांव के लोगों पर संदेह

April 13, 2026/
12:47 pm

शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के खड्डा गांव में बीती रात एक झोपड़ीनुमा किराना दुकान में अज्ञात लोगों ने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

सरपंच बोले- मनरेगा पेमेंट का अधिकार पंचायत के पास हो:गांवों में निर्माण के लिए मुरम-पत्थर निकालने की छूट मिले, बड़वानी में ज्ञापन सौंपा

सरपंच बोले- मनरेगा पेमेंट का अधिकार पंचायत के पास हो:गांवों में निर्माण के लिए मुरम-पत्थर निकालने की छूट मिले, बड़वानी में ज्ञापन सौंपा

बड़वानी में सरपंचों का कार्यकाल 4 साल का होने वाला है, लेकिन गांवों के विकास को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बजट की कमी और सरकारी नियमों की उलझनों की वजह से वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इसी गुस्से को लेकर ‘राष्ट्रीय सरपंच संघ’ ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। सरपंच संघ के अध्यक्ष मनोज सोलंकी का कहना है कि पंचायतों को उनके हक मिलने चाहिए। उनकी सबसे बड़ी मांग यह है कि मनरेगा का पेमेंट करने वाला अधिकार (डीएससी) जनपद ऑफिस के बजाय सीधे पंचायत के पास हो। साथ ही, गांवों में निर्माण काम के लिए पत्थर, मिट्टी और मुरम निकालने की छूट दी जाए। सरपंचों ने यह भी मांग की है कि बार-बार तकनीकी मंजूरी (टी.एस.) के चक्कर काटने के बजाय एक बार ऑनलाइन डीपीआर बनने पर ही उसे फाइनल मान लिया जाए। कर्मचारियों पर लगाम और सी.आर. की मांग सरपंचों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के सरकारी कर्मचारियों, जैसे सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक, पटवारी और आशा कार्यकर्ताओं की ‘गोपनीय रिपोर्ट’ (सी.आर.) लिखने का अधिकार सरपंच को मिले। उनका कहना है कि जब तक इन कर्मचारियों का वेतन और छुट्टी सरपंच के हाथ में नहीं होगी, तब तक गांव की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पाएगी। भ्रष्टाचार रोकने और नई योजनाओं की मांग संघ ने साफ कहा है कि अगर किसी काम में सरपंच के साइन नहीं हैं, तो उसका पेमेंट नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो इसके लिए जनपद सीईओ को जिम्मेदार मानकर उन पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, बंद पड़ी हितग्राही योजनाएं जैसे पशु शेड और बकरी शेड को फिर से शुरू करने और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग भी की गई है। पुराने रेट और सरकारी सुविधाओं पर नाराजगी सरपंचों का कहना है कि आज के समय में साल 2022 के रेट से पैसा दिया जा रहा है, जबकि महंगाई बहुत बढ़ गई है। उन्हें अब 2025-26 के नए रेट चाहिए। साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषित 50,000 रुपए की स्वेच्छा अनुदान निधि को भी लागू करने की मांग की गई है। सरपंचों ने यह भी कहा कि जब वे काम के सिलसिले में भोपाल जाएं, तो उनके ठहरने के लिए सरकारी विश्राम गृह की सुविधा मिलनी चाहिए।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.