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फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम:अमेजन के संस्थापक बेजोस और उनकी पत्नी ने इको फ्रेंडली कपड़ा बनाने किया 2322 करोड़ दान

फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम:अमेजन के संस्थापक बेजोस और उनकी पत्नी ने इको फ्रेंडली कपड़ा बनाने किया 2322 करोड़ दान

अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और उनकी पत्नी लॉरेन सांचेज ने फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करीब 2322 करोड़ दान में दिए हैं। यह रकम लैब में बने फाइबर, बैक्टीरिया से निर्मित धागे और खेती के कचरे से तैयार कपड़ों पर खर्च होगी। लॉरेन के लिए यह भावुक फैसला है। गरीबी के कारण उन्होंने अपनी प्रोम ड्रेस खुद ही सिली थी। अब ये उन वैज्ञानिकों की मदद कर रही हैं, जो कपड़े तैयार करने के पारंपरिक तरीकों को बदल रहे हैं। इस फंड का लक्ष्य 3-5 साल में पर्यावरण के अनुकूल कपड़े ग्राहकों तक पहुंचाना है। इससे प्रदूषणकारी सिंथेटिक मटेरियल और जीवाश्म इंधन पर फैशन इंडस्ट्री की निर्भरता कम होगी। ब्लूमबर्ग बिलियनेवर्स इंडेक्स के मुताबिक, बेजोस ₹26.45 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लॉरेन का बचपन संघर्षों के बीच बीता। उनके पास हाई स्कूल की विदाई पार्टी (प्रोम) के लिए महंगी ड्रेस खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने दादी से सिलाई सीखी और खुद लाल रंग की पफ-स्लीव ड्रेस तैयार की। ये पैसे कमाने के लिए कॉफी सर्व और दादी के साथ हाउसकीपिंग करती थीं। लेकिन अब वे सिर्फ महंगे गाउन पहनने तक सीमित नहीं है। यह भी तय कर रही हैं कि भविष्य में कपड़े किस चीज से बनेंगे। उनका दान न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगी, बल्कि फैशन जगत में ऐसे इनोवेशन भी लाएगी, जिनसे कपड़ों का उत्पादन पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। सांचेज को ग्रांट फैशन का भविष्य संवारने के लिए दी गई है। इससे औद्योगिक कचरे से तैयार रेशम जैसे धागे और कपास की जेनेटिक्स पर रिसर्च की जाएगी। बेजोस और लॉरेन उन वैज्ञानिकों का समर्थन कर रहे हैं, जो कपड़े बनाने के पारंपरिक और प्रदूषणकारी तरीकों का विकल्प खोज रहे हैं। फैशन इंडस्ट्री में पॉलिएस्टर जैसे सिंथेटिक मटेरियल का इस्तेमाल ज्यादा होता है। ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी कपड़ा रिटेलर है, इसलिए सांचेज का यह कदम प्रदूषण कम करने, फैशन को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी मशरूम, समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना महंगा, अब दाम कम होंगे सांचेज के दान से पांच प्रमुख संस्थानों को सहायता मिलेगी। बेजोस अर्थ फंड की सहायता राशि कोलंबिया यूनिवर्सिटी, यूसी बर्कले और कॉटन फाउंडेशन जैसे पांच संस्थानों को दी जाएगी। अब तक मशरूम और समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना काफी महंगा रहा है। बेजोस दंपती की मदद से अब इन टिकाऊ कपड़ों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा और कीमत कम होगी।

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अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और उनकी पत्नी लॉरेन सांचेज ने फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करीब 2322 करोड़ दान में दिए हैं। यह रकम लैब में बने फाइबर, बैक्टीरिया से निर्मित धागे और खेती के कचरे से तैयार कपड़ों पर खर्च होगी। लॉरेन के लिए यह भावुक फैसला है। गरीबी के कारण उन्होंने अपनी प्रोम ड्रेस खुद ही सिली थी। अब ये उन वैज्ञानिकों की मदद कर रही हैं, जो कपड़े तैयार करने के पारंपरिक तरीकों को बदल रहे हैं। इस फंड का लक्ष्य 3-5 साल में पर्यावरण के अनुकूल कपड़े ग्राहकों तक पहुंचाना है। इससे प्रदूषणकारी सिंथेटिक मटेरियल और जीवाश्म इंधन पर फैशन इंडस्ट्री की निर्भरता कम होगी। ब्लूमबर्ग बिलियनेवर्स इंडेक्स के मुताबिक, बेजोस ₹26.45 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लॉरेन का बचपन संघर्षों के बीच बीता। उनके पास हाई स्कूल की विदाई पार्टी (प्रोम) के लिए महंगी ड्रेस खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने दादी से सिलाई सीखी और खुद लाल रंग की पफ-स्लीव ड्रेस तैयार की। ये पैसे कमाने के लिए कॉफी सर्व और दादी के साथ हाउसकीपिंग करती थीं। लेकिन अब वे सिर्फ महंगे गाउन पहनने तक सीमित नहीं है। यह भी तय कर रही हैं कि भविष्य में कपड़े किस चीज से बनेंगे। उनका दान न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगी, बल्कि फैशन जगत में ऐसे इनोवेशन भी लाएगी, जिनसे कपड़ों का उत्पादन पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। सांचेज को ग्रांट फैशन का भविष्य संवारने के लिए दी गई है। इससे औद्योगिक कचरे से तैयार रेशम जैसे धागे और कपास की जेनेटिक्स पर रिसर्च की जाएगी। बेजोस और लॉरेन उन वैज्ञानिकों का समर्थन कर रहे हैं, जो कपड़े बनाने के पारंपरिक और प्रदूषणकारी तरीकों का विकल्प खोज रहे हैं। फैशन इंडस्ट्री में पॉलिएस्टर जैसे सिंथेटिक मटेरियल का इस्तेमाल ज्यादा होता है। ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी कपड़ा रिटेलर है, इसलिए सांचेज का यह कदम प्रदूषण कम करने, फैशन को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी मशरूम, समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना महंगा, अब दाम कम होंगे सांचेज के दान से पांच प्रमुख संस्थानों को सहायता मिलेगी। बेजोस अर्थ फंड की सहायता राशि कोलंबिया यूनिवर्सिटी, यूसी बर्कले और कॉटन फाउंडेशन जैसे पांच संस्थानों को दी जाएगी। अब तक मशरूम और समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना काफी महंगा रहा है। बेजोस दंपती की मदद से अब इन टिकाऊ कपड़ों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा और कीमत कम होगी।

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