बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या को लेकर शुक्रवार दोपहर फोफनार और तुरकगुराड़ा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और बड़गांव से तुरकगुराड़ा ग्रिड तक 33 केवी विद्युत लाइन के अधूरे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। फोफनार स्थित विद्युत केंद्र पर अत्यधिक दबाव के कारण आसपास के 5 से 7 गांवों में कम वोल्टेज, बिजली के उतार-चढ़ाव और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। इससे किसानों, ग्रामीणों और छोटे व्यवसायियों को लगातार परेशानी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विधायक अर्चना चिटनिस के प्रयासों से वर्ष 2018 में तुरकगुराड़ा में 33-11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी। लगभग 2.25 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण पूरा हो चुका है। शुरुआत में शासकीय भूमि उपलब्ध न होने के कारण परियोजना में देरी हुई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से भूमि उपलब्ध कराकर कार्य पूर्ण कराया गया। विधायक ने तकनीकि सुधारों के निर्देश दिए
वर्तमान में फोफनार ग्रिड से तुरकगुराड़ा उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन अत्यधिक लोड के कारण वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसलिए बड़गांव से तुरकगुराड़ा तक 33 केवी लाइन का शीघ्र पूरा होना आवश्यक है, ताकि लोड संतुलित हो सके और विद्युत आपूर्ति में सुधार आए। उपकेंद्र के पूरी तरह से चालू होने के बाद बड़सिंगी, मैथा खारी, भावसा, एकझिरा, चिड़ियापानी, बोरगांव, संग्रामपुर, पिपरी सहित कई गांवों को स्थिर और सुचारू बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, कृषि समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, नितिन महाजन, दत्तु महाजन, विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री कुंवरसिंह मालवीय, कार्यपालन यंत्री जितेंद्र कुमार पाल, कनिष्ठ यंत्री नसीम अंसारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विधायक चिटनिस ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और तकनीकी सुधारों के निर्देश भी दिए। बिजली आपूर्ति आवश्यक
उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर क्षेत्र में केला, गन्ना, कपास और हल्दी जैसी नकदी फसलों का व्यापक उत्पादन होता है, जिसके लिए नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।













































