Tuesday, 05 May 2026 | 05:45 PM

Trending :

Sabarimala Reference Women Entry LIVE Update; Muslim Dawoodi Bohra Parsi – Supreme Court

Sabarimala Reference Women Entry LIVE Update; Muslim Dawoodi Bohra Parsi - Supreme Court
  • Hindi News
  • National
  • Sabarimala Reference Women Entry LIVE Update; Muslim Dawoodi Bohra Parsi Supreme Court | CJI Surya Kant

नई दिल्ली11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (जनहित याचिका) अब प्राइवेट इंटरेस्ट और पब्लिसिटी इंटरेस्ट, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। यह कमेंट नौ जजों की संविधान बेंच ने केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान किया।

कोर्ट ने इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के 2006 के PIL के मकसद पर सवाल उठाया, जिसमें केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती दी गई थी।

कोर्ट ने कहा कि PIL कानून की प्रोसेस का गलत इस्तेमाल है और एसोसिएशन को ऐसी PIL फाइल करने के बजाय बार और अपने युवा सदस्यों की भलाई के लिए काम करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में धार्मिक जगहों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और अलग-अलग धर्मों में धार्मिक आजादी के दायरे से जुड़ी याचिकाओं पर 11वें दिन की सुनवाई चल रही है।

सितंबर 2018 में 5 जजों की संविधान बेंच ने 4:1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए सबरीमाला अयप्पा मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। तब कोर्ट ने कहा था कि सदियों पुरानी हिंदू धार्मिक प्रथा गैर-कानूनी और असंवैधानिक है।

जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के कमेंट

  • एसोसिएशन के वकील ने दलील दी कि PIL जून 2006 में छपे चार अखबारों के आर्टिकल पर आधारित थी। इस पर CJI ने कहा- इसे सीधे खारिज कर देना चाहिए था। यह आर्टिकल जनहित याचिका फाइल करने का कारण कैसे बताता है। PIL फाइल करने के लिए आर्टिकल लिखवाना आसान है।
  • पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन अब प्राइवेट इंटरेस्ट लिटिगेशन, पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। सभी को PIL कहा जाता है, लेकिन हम सिर्फ असली PIL पर ही सुनवाई करते हैं।
  • CJI को रोज सैकड़ों चिट्ठियां मिलती हैं, जिनमें सवाल किया जाता है कि क्या उन सभी को PIL में बदला जा सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Hritik Roshan, Mountain Dew Ad Fake News

February 19, 2026/
7:46 pm

फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन की फाइल फोटो। झालावाड़ उपभोक्ता न्यायालय ने भ्रामक विज्ञापन मामले में बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन, माउंटेन...

अनंत अंबानी की पत्नी राधिका के साथ लेट नाइट ड्राइव,VIDEO:सफेद रंग की रोल्स-रॉयस में नजर आए, बांद्रा-वर्ली सी-लिंक पर कार दौड़ाई

March 22, 2026/
9:43 pm

उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और बहू राधिका मर्चेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से...

authorimg

April 23, 2026/
2:30 pm

अलसी के बीज स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. यह वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, डायबिटीज नियंत्रित करने...

महाकुंभ वाले IITian बाबा ने शादी की:इंजीनियर पत्नी कर्नाटक की, दोनों हिमाचल में रह रहे; झज्जर में परिवार से मिलने पहुंचे

April 6, 2026/
2:12 pm

प्रयागराज महाकुंभ मेले में फेमस हुए IITian बाबा अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय बाद सोमवार...

Rashmika Mandanna, Vijay Deverakonda's wedding is taking place in Udaipur.

February 25, 2026/
12:36 pm

आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2026, 12:36 IST यह कदम तब उठाया गया है जब कैबिनेट पुनर्गठन और सरकार के भीतर आंतरिक...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

Sabarimala Reference Women Entry LIVE Update; Muslim Dawoodi Bohra Parsi – Supreme Court

Sabarimala Reference Women Entry LIVE Update; Muslim Dawoodi Bohra Parsi - Supreme Court
  • Hindi News
  • National
  • Sabarimala Reference Women Entry LIVE Update; Muslim Dawoodi Bohra Parsi Supreme Court | CJI Surya Kant

नई दिल्ली11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (जनहित याचिका) अब प्राइवेट इंटरेस्ट और पब्लिसिटी इंटरेस्ट, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। यह कमेंट नौ जजों की संविधान बेंच ने केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान किया।

कोर्ट ने इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के 2006 के PIL के मकसद पर सवाल उठाया, जिसमें केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती दी गई थी।

कोर्ट ने कहा कि PIL कानून की प्रोसेस का गलत इस्तेमाल है और एसोसिएशन को ऐसी PIL फाइल करने के बजाय बार और अपने युवा सदस्यों की भलाई के लिए काम करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में धार्मिक जगहों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और अलग-अलग धर्मों में धार्मिक आजादी के दायरे से जुड़ी याचिकाओं पर 11वें दिन की सुनवाई चल रही है।

सितंबर 2018 में 5 जजों की संविधान बेंच ने 4:1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए सबरीमाला अयप्पा मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। तब कोर्ट ने कहा था कि सदियों पुरानी हिंदू धार्मिक प्रथा गैर-कानूनी और असंवैधानिक है।

जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के कमेंट

  • एसोसिएशन के वकील ने दलील दी कि PIL जून 2006 में छपे चार अखबारों के आर्टिकल पर आधारित थी। इस पर CJI ने कहा- इसे सीधे खारिज कर देना चाहिए था। यह आर्टिकल जनहित याचिका फाइल करने का कारण कैसे बताता है। PIL फाइल करने के लिए आर्टिकल लिखवाना आसान है।
  • पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन अब प्राइवेट इंटरेस्ट लिटिगेशन, पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। सभी को PIL कहा जाता है, लेकिन हम सिर्फ असली PIL पर ही सुनवाई करते हैं।
  • CJI को रोज सैकड़ों चिट्ठियां मिलती हैं, जिनमें सवाल किया जाता है कि क्या उन सभी को PIL में बदला जा सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.