Saturday, 22 Aug 2026 | 09:50 AM

Trending :

53 साल के अर्जुन रामपाल ने दूसरी शादी की:14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला से शादी रजिस्टर कराई, रिलेशनशिप से दो बेटे हैं कनाडा में 2 गुरुद्वारों को गिराने की धमकी:एक ही नंबर से 2 बार धमकी भरी कॉल आई, कैलगरी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई Ladakh News | Jammu-Kashmir High Court Bench & IT Ministry PhonePe MoU मनोज मुंतशिर बोले- श्रीकृष्ण थे दुनिया के पहले साइकोलॉजिस्ट:भगवद्गीता हर दुख का इलाज; राधा-कृष्ण के एक ना होने का कारण बताया मनोज मुंतशिर बोले- श्रीकृष्ण थे दुनिया के पहले साइकोलॉजिस्ट:भगवद्गीता हर दुख का इलाज; राधा-कृष्ण के एक ना होने का कारण बताया UN में चीफ गुटेरेस की जगह किसे मिलेगी:आज दूसरे दौर की वोटिंग, रेस में 8 दावेदार, कोस्टा रिका की ग्रिन्सपैन सबसे आगे
EXCLUSIVE

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

भारत की राजनीति में आज एक क्रांतिकारी बदलाव आया है जब 2026 के चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इन पुरातात्विक ने क्षेत्रीय आश्रमों के गढ़ विच्छेद के विवरण और स्पष्ट संकेत दिए कि अब ‘क्षत्रपों की प्रतिष्ठा’ का दौर समाप्त हो रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह साफ हो गया है कि अब पारंपरिक विचारधारा के बजाय विकास और सुशासन को तरजीह दे रहे हैं। इससे क्षेत्रीय क्षत्रपों की राजनीतिक पकड़ खराब हो रही है।

पश्चिम बंगाल: ‘दीदी’ के 15 साल के शासन का अंत और भाजपा का ऐतिहासिक उदय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने वह कर दिखाया जो कभी-कभी प्रभावशाली लगता था. ममता बनर्जी और उनकी सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत करते हुए बीजेपी ने 294 से 202 पर जीत हासिल की। बीजेपी ने 148 बहुमत के आंकड़ों को आसानी से पार कर लिया. टीएमसी 71 पार्टी में शामिल हुई। यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक परिवर्तन का प्रतीक बना।

चुनाव प्रक्रिया से सूचीबद्ध एक महत्वपूर्ण आधार यह रहा कि राज्य में लगभग 27 लाख लाख के नाम वाले ढांचे से मनमाने ढंग से हटा दिया गया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर गंभीर चोट के रूप में देखा गया। आलोचकों का मानना ​​​​है कि इस कदम ने विश्वनाथ को प्रभावित किया और यह आगे भी चिंता का विषय बना रहा।

बीजेपी की इस जीत ने एक ऐसे राज्य में पार्टी की राह को मजबूत किया जो लंबे समय से अपने विस्तार का विरोध कर रही थी. पार्टी को इस चुनाव में 2021 में 38% वोट शेयर के साथ 45% वोट शेयर मिले, जबकि टीएमसी को 48% वोट शेयर के साथ 40.94% वोट मिले। इससे साफ है कि अब ‘दीदी’ की पसंद और उनके नेतृत्व वाली टीएमसी का आकर्षण आकर्षण बना हुआ है।

असम: लगातार तीसरी बार बीजेपी का परचम और कांग्रेस का सफाया

असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने लगातार तीन बार सरकार बनाकर इतिहास रचा। 126 कोलोराडो विधानसभा में एनडीए ने रिकॉर्ड 102वीं बार दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने 90 प्राइमरी सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसके सहयोगी दल- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह पहली बार है जब बीजेपी ने राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल किया है।

इससे पहले 2021 और 2016 में उन्हें 60-60 मंजिल मिली थी। दूसरी ओर, कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और केवल 23 सीटों पर आगे चल रही थी। एआईयूडीएफ और राइजोर दल जैसे सहयोगी आश्रम को 2-2 सीटें मिलीं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जलुकबारी सीट पर 40,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की, जबकि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई अपनी जोरदार सीट से हार गए। बीजेपी की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय आश्रमों की पकड़ अब इतनी मजबूत नहीं रही और राष्ट्रीय पार्टियों पर भरोसा जताया जा रहा है।

पुडुचेरी: एनडीए की वापसी और रंगासामी का बढ़ा कद

पुडुचेरी में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सत्ता में वापसी की। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) ने 12 की बढ़त बनाई, जबकि बीजेपी को 4 पर जीत मिली। एनडीए ने कुल 30 लॉज़िट विधानसभाओं में से 18 लॉज़ेक्ट लाजवाब विधानसभाओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पहली बार है जब केंद्र शासित प्रदेश में किसी सरकार को लगातार दूसरी बार चुना गया है।

रंगासामी ने दो भाग- थट्टांचवडी और मंगलम से जीत दर्ज की। उनकी इस जीत ने एआईएनआरसी को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया और भविष्य में पुडुचेरी में पूर्ण राज्य की विचारधारा की मांग को बढ़ावा देने का मौका दिया। यह निष्कर्ष बताता है कि छोटे राज्यों में भी अब क्षेत्रीय दलों को भाजपा, राष्ट्रीय दलों के साथ मिलकर स्थापित किया जा रहा है, वे बाकी हाशिये पर चले जायेंगे।

क्षत्रपों की नागरिकता का अंत और नया राजनीतिक यथार्थ

इन त्रिलोकी राज्यों की कहानियों ने साफ कर दिया है कि ‘क्षत्रपों की राजकुमारी’ अब आपकी आखिरी सांसें गिन रही हैं:

  • कभी-कभी राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तित्व का चेहरा रहनुमा ममता बनर्जी की करारी हार ने न सिर्फ अपनी पार्टी के पक्ष को संकट में डाल दिया है, बल्कि पूरे फर्म के खेमे में नेतृत्व का शून्य कर दिया है।
  • असम में कांग्रेस अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है और क्षेत्रीय दल पूरी तरह से राजग की बैसाखी पर असंतुलित हो गए हैं।
  • पुडुचेरी में भी एआईएनआरसी की सफलता बीजेपी के साथ गठबंधन के बिना संभव नहीं थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Mumbai Actress TV Set Suicide Story; Tunisha Sharma Boyfriend

February 17, 2026/
4:30 am

3 दिन पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-5 में जानिए एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा...

पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटी:नई दरें 1 जून से लागू होंगी; देश के भीतर ईंधन खरीदने वालों पर कोई असर नहीं

May 31, 2026/
7:32 am

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और हवाई जहाज के ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। शनिवार को जारी एक...

Civil Defence Appeal; Police Line Bahodapur

April 24, 2026/
10:36 pm

आपात स्थिति में बिल्डिंग में घायल व्यक्ति को देखते SDERF के कर्मचारी ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार रात...

एकनाथ शिंदे का हेलिकॉप्टर आंधी में फंसा:शादी समारोह में जा रहे थे, पायलट रास्ते से लौटा; जुहू हेलीपैड पर सेफ लैंडिंग

May 7, 2026/
5:53 pm

मुंबई33 मिनट पहले कॉपी लिंक यह विजुअल जूहू एयरपोर्ट के पास का है। एकनाथ शिंदे का हेलिकॉप्टर सुरक्षित जमीन पर...

बड़ी म्यूजिक कंपनियां क्षेत्रीय गानों पर दांव लगा रहीं:5,900 करोड़ का हुआ घरेलू म्यूजिक बाजार, स्ट्रीमिंग की घटती कमाई से बदली रणनीति

May 7, 2026/
3:58 pm

म्यूजिक इंडस्ट्री में अब बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जिसका सीधा फायदा क्षेत्रीय कलाकारों और संगीत प्रेमियों को...

'पाकिस्तान में घिर गए थे शायर निदा फाजली':कहा गया- बच्चे को अल्लाह से बड़ा बता रहे हो? अतुल गंगवार ने बताया क्या था जवाब

July 20, 2026/
1:30 pm

दिवंगत शायर निदा फाजली के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मैं निदा’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘बेस्ट आर्ट्स एंड...

चेक बाउंस मामले में तिहाड़ पहुंचे राजपाल यादव:स्‍ट्रगलिंग एक्‍टर्स को फ्री खाना-रहना देते थे, बेटी के जन्‍म पर पत्‍नी को खोया; जानें प्रोफाइल

February 15, 2026/
2:22 pm

फरवरी 2026 में 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में सजा के बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में...

Toll Plazas Cashless April 1; Trump Raises Tariffs

February 22, 2026/
5:13 am

नई दिल्ली19 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर टैरिफ से जुड़ी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्लोबल...

राजनीति

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

भारत की राजनीति में आज एक क्रांतिकारी बदलाव आया है जब 2026 के चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इन पुरातात्विक ने क्षेत्रीय आश्रमों के गढ़ विच्छेद के विवरण और स्पष्ट संकेत दिए कि अब ‘क्षत्रपों की प्रतिष्ठा’ का दौर समाप्त हो रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह साफ हो गया है कि अब पारंपरिक विचारधारा के बजाय विकास और सुशासन को तरजीह दे रहे हैं। इससे क्षेत्रीय क्षत्रपों की राजनीतिक पकड़ खराब हो रही है।

पश्चिम बंगाल: ‘दीदी’ के 15 साल के शासन का अंत और भाजपा का ऐतिहासिक उदय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने वह कर दिखाया जो कभी-कभी प्रभावशाली लगता था. ममता बनर्जी और उनकी सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत करते हुए बीजेपी ने 294 से 202 पर जीत हासिल की। बीजेपी ने 148 बहुमत के आंकड़ों को आसानी से पार कर लिया. टीएमसी 71 पार्टी में शामिल हुई। यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक परिवर्तन का प्रतीक बना।

चुनाव प्रक्रिया से सूचीबद्ध एक महत्वपूर्ण आधार यह रहा कि राज्य में लगभग 27 लाख लाख के नाम वाले ढांचे से मनमाने ढंग से हटा दिया गया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर गंभीर चोट के रूप में देखा गया। आलोचकों का मानना ​​​​है कि इस कदम ने विश्वनाथ को प्रभावित किया और यह आगे भी चिंता का विषय बना रहा।

बीजेपी की इस जीत ने एक ऐसे राज्य में पार्टी की राह को मजबूत किया जो लंबे समय से अपने विस्तार का विरोध कर रही थी. पार्टी को इस चुनाव में 2021 में 38% वोट शेयर के साथ 45% वोट शेयर मिले, जबकि टीएमसी को 48% वोट शेयर के साथ 40.94% वोट मिले। इससे साफ है कि अब ‘दीदी’ की पसंद और उनके नेतृत्व वाली टीएमसी का आकर्षण आकर्षण बना हुआ है।

असम: लगातार तीसरी बार बीजेपी का परचम और कांग्रेस का सफाया

असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने लगातार तीन बार सरकार बनाकर इतिहास रचा। 126 कोलोराडो विधानसभा में एनडीए ने रिकॉर्ड 102वीं बार दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने 90 प्राइमरी सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसके सहयोगी दल- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह पहली बार है जब बीजेपी ने राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल किया है।

इससे पहले 2021 और 2016 में उन्हें 60-60 मंजिल मिली थी। दूसरी ओर, कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और केवल 23 सीटों पर आगे चल रही थी। एआईयूडीएफ और राइजोर दल जैसे सहयोगी आश्रम को 2-2 सीटें मिलीं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जलुकबारी सीट पर 40,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की, जबकि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई अपनी जोरदार सीट से हार गए। बीजेपी की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय आश्रमों की पकड़ अब इतनी मजबूत नहीं रही और राष्ट्रीय पार्टियों पर भरोसा जताया जा रहा है।

पुडुचेरी: एनडीए की वापसी और रंगासामी का बढ़ा कद

पुडुचेरी में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सत्ता में वापसी की। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) ने 12 की बढ़त बनाई, जबकि बीजेपी को 4 पर जीत मिली। एनडीए ने कुल 30 लॉज़िट विधानसभाओं में से 18 लॉज़ेक्ट लाजवाब विधानसभाओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पहली बार है जब केंद्र शासित प्रदेश में किसी सरकार को लगातार दूसरी बार चुना गया है।

रंगासामी ने दो भाग- थट्टांचवडी और मंगलम से जीत दर्ज की। उनकी इस जीत ने एआईएनआरसी को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया और भविष्य में पुडुचेरी में पूर्ण राज्य की विचारधारा की मांग को बढ़ावा देने का मौका दिया। यह निष्कर्ष बताता है कि छोटे राज्यों में भी अब क्षेत्रीय दलों को भाजपा, राष्ट्रीय दलों के साथ मिलकर स्थापित किया जा रहा है, वे बाकी हाशिये पर चले जायेंगे।

क्षत्रपों की नागरिकता का अंत और नया राजनीतिक यथार्थ

इन त्रिलोकी राज्यों की कहानियों ने साफ कर दिया है कि ‘क्षत्रपों की राजकुमारी’ अब आपकी आखिरी सांसें गिन रही हैं:

  • कभी-कभी राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तित्व का चेहरा रहनुमा ममता बनर्जी की करारी हार ने न सिर्फ अपनी पार्टी के पक्ष को संकट में डाल दिया है, बल्कि पूरे फर्म के खेमे में नेतृत्व का शून्य कर दिया है।
  • असम में कांग्रेस अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है और क्षेत्रीय दल पूरी तरह से राजग की बैसाखी पर असंतुलित हो गए हैं।
  • पुडुचेरी में भी एआईएनआरसी की सफलता बीजेपी के साथ गठबंधन के बिना संभव नहीं थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.