Wednesday, 06 May 2026 | 06:59 PM

Trending :

जब हमारी नाक का काम एक बड़े नथुने से ही चल सकता है तो दो छिद्र क्यों…है इसकी भी सॉलिड वजह सलमान से टकराएंगे प्रभास, ‘स्पिरिट’ पर आया बड़ा अपडेट:ईद वीकेंड मुकाबले की सुगबुगाहट तेज हुई, दोनों सुपरस्टार्स की फिल्मों पर इंडस्ट्री की नजरें टिकीं तमिलनाडु में सरकार ने बनाई दौड़ तेज, विजय ने पेश किया दावा, जानें क्या है यहां नंबर गेम? क्या डायबिटीज के मरीजों के लिए गन्ने का जूस पीना फायदेमंद? डाइटिशियन से जान लीजिए गुरुग्राम में रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे शिखर धवन:पत्नी सोफी शाइन भी साथ, दोनों ने मैरिज डॉक्यूमेंट्स पर साइन किए ‘भ्रष्ट लोगों ने पार्टी पर कब्ज़ा कर लिया’: पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम पर टीएमसी नेताओं की ममता से राय | भारत समाचार
EXCLUSIVE

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

भारत की राजनीति में आज एक क्रांतिकारी बदलाव आया है जब 2026 के चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इन पुरातात्विक ने क्षेत्रीय आश्रमों के गढ़ विच्छेद के विवरण और स्पष्ट संकेत दिए कि अब ‘क्षत्रपों की प्रतिष्ठा’ का दौर समाप्त हो रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह साफ हो गया है कि अब पारंपरिक विचारधारा के बजाय विकास और सुशासन को तरजीह दे रहे हैं। इससे क्षेत्रीय क्षत्रपों की राजनीतिक पकड़ खराब हो रही है।

पश्चिम बंगाल: ‘दीदी’ के 15 साल के शासन का अंत और भाजपा का ऐतिहासिक उदय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने वह कर दिखाया जो कभी-कभी प्रभावशाली लगता था. ममता बनर्जी और उनकी सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत करते हुए बीजेपी ने 294 से 202 पर जीत हासिल की। बीजेपी ने 148 बहुमत के आंकड़ों को आसानी से पार कर लिया. टीएमसी 71 पार्टी में शामिल हुई। यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक परिवर्तन का प्रतीक बना।

चुनाव प्रक्रिया से सूचीबद्ध एक महत्वपूर्ण आधार यह रहा कि राज्य में लगभग 27 लाख लाख के नाम वाले ढांचे से मनमाने ढंग से हटा दिया गया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर गंभीर चोट के रूप में देखा गया। आलोचकों का मानना ​​​​है कि इस कदम ने विश्वनाथ को प्रभावित किया और यह आगे भी चिंता का विषय बना रहा।

बीजेपी की इस जीत ने एक ऐसे राज्य में पार्टी की राह को मजबूत किया जो लंबे समय से अपने विस्तार का विरोध कर रही थी. पार्टी को इस चुनाव में 2021 में 38% वोट शेयर के साथ 45% वोट शेयर मिले, जबकि टीएमसी को 48% वोट शेयर के साथ 40.94% वोट मिले। इससे साफ है कि अब ‘दीदी’ की पसंद और उनके नेतृत्व वाली टीएमसी का आकर्षण आकर्षण बना हुआ है।

असम: लगातार तीसरी बार बीजेपी का परचम और कांग्रेस का सफाया

असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने लगातार तीन बार सरकार बनाकर इतिहास रचा। 126 कोलोराडो विधानसभा में एनडीए ने रिकॉर्ड 102वीं बार दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने 90 प्राइमरी सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसके सहयोगी दल- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह पहली बार है जब बीजेपी ने राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल किया है।

इससे पहले 2021 और 2016 में उन्हें 60-60 मंजिल मिली थी। दूसरी ओर, कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और केवल 23 सीटों पर आगे चल रही थी। एआईयूडीएफ और राइजोर दल जैसे सहयोगी आश्रम को 2-2 सीटें मिलीं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जलुकबारी सीट पर 40,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की, जबकि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई अपनी जोरदार सीट से हार गए। बीजेपी की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय आश्रमों की पकड़ अब इतनी मजबूत नहीं रही और राष्ट्रीय पार्टियों पर भरोसा जताया जा रहा है।

पुडुचेरी: एनडीए की वापसी और रंगासामी का बढ़ा कद

पुडुचेरी में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सत्ता में वापसी की। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) ने 12 की बढ़त बनाई, जबकि बीजेपी को 4 पर जीत मिली। एनडीए ने कुल 30 लॉज़िट विधानसभाओं में से 18 लॉज़ेक्ट लाजवाब विधानसभाओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पहली बार है जब केंद्र शासित प्रदेश में किसी सरकार को लगातार दूसरी बार चुना गया है।

रंगासामी ने दो भाग- थट्टांचवडी और मंगलम से जीत दर्ज की। उनकी इस जीत ने एआईएनआरसी को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया और भविष्य में पुडुचेरी में पूर्ण राज्य की विचारधारा की मांग को बढ़ावा देने का मौका दिया। यह निष्कर्ष बताता है कि छोटे राज्यों में भी अब क्षेत्रीय दलों को भाजपा, राष्ट्रीय दलों के साथ मिलकर स्थापित किया जा रहा है, वे बाकी हाशिये पर चले जायेंगे।

क्षत्रपों की नागरिकता का अंत और नया राजनीतिक यथार्थ

इन त्रिलोकी राज्यों की कहानियों ने साफ कर दिया है कि ‘क्षत्रपों की राजकुमारी’ अब आपकी आखिरी सांसें गिन रही हैं:

  • कभी-कभी राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तित्व का चेहरा रहनुमा ममता बनर्जी की करारी हार ने न सिर्फ अपनी पार्टी के पक्ष को संकट में डाल दिया है, बल्कि पूरे फर्म के खेमे में नेतृत्व का शून्य कर दिया है।
  • असम में कांग्रेस अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है और क्षेत्रीय दल पूरी तरह से राजग की बैसाखी पर असंतुलित हो गए हैं।
  • पुडुचेरी में भी एआईएनआरसी की सफलता बीजेपी के साथ गठबंधन के बिना संभव नहीं थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
साउथ अफ्रीका ने भारत से जीती T20 सीरीज:कप्तान वोल्वार्ट का 47 बॉल में शतक; 193 रन का लक्ष्य 21 गेंद रहते हासिल किया

April 23, 2026/
7:35 am

साउथ अफ्रीका महिला टीम ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज जीत ली है। तीसरे मुकाबले में साउथ...

authorimg

April 19, 2026/
1:44 pm

Last Updated:April 19, 2026, 13:44 IST Health Tips: बढ़ती गर्मी और तेज धूप से अक्सर कुछ बच्चे डिहाइड्रेशन का शिकार...

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

April 28, 2026/
4:38 pm

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की।...

पहले किया प्रेम विवाह, फिर दूसरी शादी, अब होगी FIR:इंदौर जिला कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पति के तलाक का केस किया खारिज

April 13, 2026/
6:00 am

इंदौर जिला कोर्ट ने एक पति द्वारा पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने के मामले में कार्रवाई...

RPSC Exam Schedule | Lecturer, Coach Exams May-June 2026

April 14, 2026/
6:00 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से प्राध्यापक, प्राध्यापक-कृषि एवं कोच (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 का विस्तृत कार्यक्रम जारी...

फिजिकल हेल्थ- हेल्थ के लिए क्रिटिकल बायोटिन:शरीर में करता ये 10 जरूरी काम, डेफिशिएंसी के 11 संकेत, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें

March 3, 2026/
4:30 am

हेयरफॉल, स्किन पर रैशेज और थकान को अक्सर लोग कॉमन समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये लक्षण कुछ...

Watch CSK vs PBKS live.

April 3, 2026/
5:47 pm

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 17:47 IST आनंद शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश के रुख के विपरीत...

बुरहानपुर नगर निगम ने बकाया कर पर दी छूट:आयुक्त बोले- 31 मार्च तक भुगतान पर अधिभार में मिलेगी राहत

March 30, 2026/
2:01 pm

बुरहानपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित संपत्ति कर और अन्य निगम करों के शीघ्र भुगतान को प्रोत्साहित...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

भारत की राजनीति में आज एक क्रांतिकारी बदलाव आया है जब 2026 के चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इन पुरातात्विक ने क्षेत्रीय आश्रमों के गढ़ विच्छेद के विवरण और स्पष्ट संकेत दिए कि अब ‘क्षत्रपों की प्रतिष्ठा’ का दौर समाप्त हो रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह साफ हो गया है कि अब पारंपरिक विचारधारा के बजाय विकास और सुशासन को तरजीह दे रहे हैं। इससे क्षेत्रीय क्षत्रपों की राजनीतिक पकड़ खराब हो रही है।

पश्चिम बंगाल: ‘दीदी’ के 15 साल के शासन का अंत और भाजपा का ऐतिहासिक उदय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने वह कर दिखाया जो कभी-कभी प्रभावशाली लगता था. ममता बनर्जी और उनकी सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत करते हुए बीजेपी ने 294 से 202 पर जीत हासिल की। बीजेपी ने 148 बहुमत के आंकड़ों को आसानी से पार कर लिया. टीएमसी 71 पार्टी में शामिल हुई। यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक परिवर्तन का प्रतीक बना।

चुनाव प्रक्रिया से सूचीबद्ध एक महत्वपूर्ण आधार यह रहा कि राज्य में लगभग 27 लाख लाख के नाम वाले ढांचे से मनमाने ढंग से हटा दिया गया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर गंभीर चोट के रूप में देखा गया। आलोचकों का मानना ​​​​है कि इस कदम ने विश्वनाथ को प्रभावित किया और यह आगे भी चिंता का विषय बना रहा।

बीजेपी की इस जीत ने एक ऐसे राज्य में पार्टी की राह को मजबूत किया जो लंबे समय से अपने विस्तार का विरोध कर रही थी. पार्टी को इस चुनाव में 2021 में 38% वोट शेयर के साथ 45% वोट शेयर मिले, जबकि टीएमसी को 48% वोट शेयर के साथ 40.94% वोट मिले। इससे साफ है कि अब ‘दीदी’ की पसंद और उनके नेतृत्व वाली टीएमसी का आकर्षण आकर्षण बना हुआ है।

असम: लगातार तीसरी बार बीजेपी का परचम और कांग्रेस का सफाया

असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने लगातार तीन बार सरकार बनाकर इतिहास रचा। 126 कोलोराडो विधानसभा में एनडीए ने रिकॉर्ड 102वीं बार दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने 90 प्राइमरी सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसके सहयोगी दल- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह पहली बार है जब बीजेपी ने राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल किया है।

इससे पहले 2021 और 2016 में उन्हें 60-60 मंजिल मिली थी। दूसरी ओर, कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और केवल 23 सीटों पर आगे चल रही थी। एआईयूडीएफ और राइजोर दल जैसे सहयोगी आश्रम को 2-2 सीटें मिलीं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जलुकबारी सीट पर 40,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की, जबकि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई अपनी जोरदार सीट से हार गए। बीजेपी की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय आश्रमों की पकड़ अब इतनी मजबूत नहीं रही और राष्ट्रीय पार्टियों पर भरोसा जताया जा रहा है।

पुडुचेरी: एनडीए की वापसी और रंगासामी का बढ़ा कद

पुडुचेरी में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सत्ता में वापसी की। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) ने 12 की बढ़त बनाई, जबकि बीजेपी को 4 पर जीत मिली। एनडीए ने कुल 30 लॉज़िट विधानसभाओं में से 18 लॉज़ेक्ट लाजवाब विधानसभाओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पहली बार है जब केंद्र शासित प्रदेश में किसी सरकार को लगातार दूसरी बार चुना गया है।

रंगासामी ने दो भाग- थट्टांचवडी और मंगलम से जीत दर्ज की। उनकी इस जीत ने एआईएनआरसी को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया और भविष्य में पुडुचेरी में पूर्ण राज्य की विचारधारा की मांग को बढ़ावा देने का मौका दिया। यह निष्कर्ष बताता है कि छोटे राज्यों में भी अब क्षेत्रीय दलों को भाजपा, राष्ट्रीय दलों के साथ मिलकर स्थापित किया जा रहा है, वे बाकी हाशिये पर चले जायेंगे।

क्षत्रपों की नागरिकता का अंत और नया राजनीतिक यथार्थ

इन त्रिलोकी राज्यों की कहानियों ने साफ कर दिया है कि ‘क्षत्रपों की राजकुमारी’ अब आपकी आखिरी सांसें गिन रही हैं:

  • कभी-कभी राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तित्व का चेहरा रहनुमा ममता बनर्जी की करारी हार ने न सिर्फ अपनी पार्टी के पक्ष को संकट में डाल दिया है, बल्कि पूरे फर्म के खेमे में नेतृत्व का शून्य कर दिया है।
  • असम में कांग्रेस अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है और क्षेत्रीय दल पूरी तरह से राजग की बैसाखी पर असंतुलित हो गए हैं।
  • पुडुचेरी में भी एआईएनआरसी की सफलता बीजेपी के साथ गठबंधन के बिना संभव नहीं थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.