Wednesday, 04 Nov 2026 | 10:00 PM

Trending :

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए छोटे उद्योग (MSMEs) ₹100 करोड़ तक और एयरलाइन कंपनी 1500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगी।

यह लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक की क्रेडिट गारंटी कवर देगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को मीटिंग के बाद बताया कि यह फैसला अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग के कारण आए वित्तीय संकट से निपटने के लिए लिया गया है। इससे कंपनियों को बिजनेस को चालू रखने, नौकरियां बचाने और सप्लाई चेन मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

2.55 लाख करोड़ रुपए का लोन बांटेगी केंद्र

सरकार स्कीम के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपए का देगी, जिसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपए का लोन रिजर्व रहेगा। हालांकि, कर्ज की सीमा अलग-अलग तय की गई है।

MSMEs और अन्य बिजनेस: चौथी तिमाही (वित्त वर्ष 2026) के दौरान इस्तेमाल की गई वर्किंग कैपिटल (बिजनेस चलाने का खर्च) का अधिकतम 20% अतिरिक्त लोन ले सकेंगे। हालांकि, ये अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगे।

एयरलाइन सेक्टर के लिए यह लिमिट 100% तक रखी गई है, जहां एक कंपनी अधिकतम 1,500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेगी।

किश्त चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलेगा

लोन चुकाने की अवधि में भी राहत मिलेगी:

  • MSMEs और अन्य बिजनेस के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें पहले 1 साल तक मोरेटोरियम (सिर्फ ब्याज भरने) की सुविधा मिलेगी।
  • एयरलाइन सेक्टर के लिए अवधि 7 साल रखी गई है, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है।

MSMEs को लोन पर 100% गारंटी कवर

कैटेगरी गारंटी कवर लोन अवधि मोराटोरियम
MSMEs 100% 5 साल 1 साल
एयरलाइंस 90-100% 7 साल 2 साल
गैर-MSMEs 90% 5 साल 1 साल

सरकार लेगी 100% रिस्क, नहीं देनी होगी कोई फीस

ECLGS 5.0 की खासियत इसका गारंटी कवर है। MSMEs के लिए सरकार 100% गारंटी देगी, जबकि नॉन-MSMEs और एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% गारंटी कवर मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी डिफॉल्ट होती है, तो नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। खास बात यह है कि इस गारंटी के लिए बैंकों या ग्राहकों को कोई फीस नहीं देनी होगी।

किसे मिलेगा फायदा: 31 मार्च 2026 तक के स्टैंडर्ड खाते ही पात्र

इस स्कीम का लाभ सिर्फ उन MSMEs, नॉन-MSMEs और पैसेंजर एयरलाइंस को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ (यानी जो समय पर किश्त चुका रहे हैं) कैटेगरी में हैं। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी लोन पर लागू होगी।

दो सेमीकंडक्टर प्लांट को भी मंजूरी

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इसमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट शामिल है, जो GaN (गैलियम नाइट्राइड) टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इसके साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट को भी हरी झंडी मिली है।

मंजूरी मिलने के बाद ये दोनों सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात में लगाए जाएंगे। इन पर करीब 3,936 करोड़ रुपए का कुल निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 2,230 स्किल्ड प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी

कैबिनेट ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी दे दी है। 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन के लिए सरकार 5659.22 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसका मकसद देश के कॉटन (कपास) सेक्टर में आ रही रुकावटों, घटती पैदावार और क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है।

नॉलेज पार्ट: क्या होता है मोरेटोरियम और क्रेडिट गारंटी?

क्रेडिट गारंटी: जब सरकार किसी कर्ज की गारंटी लेती है, तो बैंक बिना डरे और बिना किसी सिक्योरिटी के लोन दे देते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि पैसा डूबने पर सरकार भरपाई करेगी।

———————

ये खबर भी पढ़ें…

इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर:फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार

मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है।

FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बुरहानपुर में बिजली तार टूटने से फसल जली:किसान को हुआ लाखों का नुकसान, मुआवजे की रखी मांग

April 15, 2026/
9:14 am

बुरहानपुर जिले के ग्राम बख्खारी में मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे बिजली का तार टूटने से एक किसान की पांच...

शहडोल में एक साल के मासूम का अपहरण,:फूफा निकला आरोपी, बोला- मायके गई पत्नी वापस नहीं आ रही थी

April 28, 2026/
1:38 pm

शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में एक साल के मासूम बच्चे के अपहरण का मामला सामने आया है। बच्चे...

सुनीता आहूजा के घर गणपति बप्पा का सेलिब्रेशन:बेटे यशवर्धन-बेटी टीना के साथ की पूजा, पति गोविंदा नजर नहीं आए

September 14, 2026/
4:00 pm

गणेश चतुर्थी के मौके पर बॉलीवुड एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के घर गणपति बप्पा का स्वागत किया गया।...

खेल मंत्री का ममेरा भाई स्विमिंग पूल में डूबा, मौत:सोनीपत स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हादसा, क्रिकेट में पीजी डिप्लोमा कर रहा था; दिल्ली में रहता है परिवार

May 22, 2026/
7:41 am

हरियाणा के सोनीपत की राई स्थित हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में गुरुवार रात स्विमिंग पूल में डूबने से छात्र की मौत...

छतरपुर चौक बाजार के सोना-चांदी पॉलिश सेंटर में आग:अंदर एलपीजी सिलेंडर भी रखे, काफी मशक्कत के बाद पाया काबू

April 1, 2026/
2:08 pm

छतरपुर के चौक बाजार स्थित एक सोना-चांदी पॉलिश सेंटर में बुधवार को आग लग गई। दुकान के अंदर एलपीजी सिलेंडर...

छह शिव सेना यूबीटी सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए, जिससे महाराष्ट्र में राजनीतिक विभाजन गहरा गया

June 22, 2026/
7:59 pm

महाराष्ट्र की शिव सेना में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विभाजन गहरा गया है क्योंकि छह सांसद एकनाथ शिंदे के गुट में...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए छोटे उद्योग (MSMEs) ₹100 करोड़ तक और एयरलाइन कंपनी 1500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगी।

यह लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक की क्रेडिट गारंटी कवर देगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को मीटिंग के बाद बताया कि यह फैसला अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग के कारण आए वित्तीय संकट से निपटने के लिए लिया गया है। इससे कंपनियों को बिजनेस को चालू रखने, नौकरियां बचाने और सप्लाई चेन मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

2.55 लाख करोड़ रुपए का लोन बांटेगी केंद्र

सरकार स्कीम के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपए का देगी, जिसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपए का लोन रिजर्व रहेगा। हालांकि, कर्ज की सीमा अलग-अलग तय की गई है।

MSMEs और अन्य बिजनेस: चौथी तिमाही (वित्त वर्ष 2026) के दौरान इस्तेमाल की गई वर्किंग कैपिटल (बिजनेस चलाने का खर्च) का अधिकतम 20% अतिरिक्त लोन ले सकेंगे। हालांकि, ये अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगे।

एयरलाइन सेक्टर के लिए यह लिमिट 100% तक रखी गई है, जहां एक कंपनी अधिकतम 1,500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेगी।

किश्त चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलेगा

लोन चुकाने की अवधि में भी राहत मिलेगी:

  • MSMEs और अन्य बिजनेस के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें पहले 1 साल तक मोरेटोरियम (सिर्फ ब्याज भरने) की सुविधा मिलेगी।
  • एयरलाइन सेक्टर के लिए अवधि 7 साल रखी गई है, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है।

MSMEs को लोन पर 100% गारंटी कवर

कैटेगरी गारंटी कवर लोन अवधि मोराटोरियम
MSMEs 100% 5 साल 1 साल
एयरलाइंस 90-100% 7 साल 2 साल
गैर-MSMEs 90% 5 साल 1 साल

सरकार लेगी 100% रिस्क, नहीं देनी होगी कोई फीस

ECLGS 5.0 की खासियत इसका गारंटी कवर है। MSMEs के लिए सरकार 100% गारंटी देगी, जबकि नॉन-MSMEs और एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% गारंटी कवर मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी डिफॉल्ट होती है, तो नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। खास बात यह है कि इस गारंटी के लिए बैंकों या ग्राहकों को कोई फीस नहीं देनी होगी।

किसे मिलेगा फायदा: 31 मार्च 2026 तक के स्टैंडर्ड खाते ही पात्र

इस स्कीम का लाभ सिर्फ उन MSMEs, नॉन-MSMEs और पैसेंजर एयरलाइंस को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ (यानी जो समय पर किश्त चुका रहे हैं) कैटेगरी में हैं। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी लोन पर लागू होगी।

दो सेमीकंडक्टर प्लांट को भी मंजूरी

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इसमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट शामिल है, जो GaN (गैलियम नाइट्राइड) टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इसके साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट को भी हरी झंडी मिली है।

मंजूरी मिलने के बाद ये दोनों सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात में लगाए जाएंगे। इन पर करीब 3,936 करोड़ रुपए का कुल निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 2,230 स्किल्ड प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी

कैबिनेट ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी दे दी है। 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन के लिए सरकार 5659.22 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसका मकसद देश के कॉटन (कपास) सेक्टर में आ रही रुकावटों, घटती पैदावार और क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है।

नॉलेज पार्ट: क्या होता है मोरेटोरियम और क्रेडिट गारंटी?

क्रेडिट गारंटी: जब सरकार किसी कर्ज की गारंटी लेती है, तो बैंक बिना डरे और बिना किसी सिक्योरिटी के लोन दे देते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि पैसा डूबने पर सरकार भरपाई करेगी।

———————

ये खबर भी पढ़ें…

इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर:फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार

मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है।

FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.