Wednesday, 24 Jun 2026 | 11:25 AM

Trending :

पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी ‘ट्विन फ्लावर’ लड़ाई: ममता, रीताब्रत गुटों ने तृणमूल के नाम, पार्टी चिह्न को लेकर चुनाव आयोग का रुख किया | भारत समाचार वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में बलोच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद, हत्या और आतंकवाद मामले में दोषी करार वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में बलोच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद, हत्या और आतंकवाद मामले में दोषी करार Tonk Jay Mundra Plays for Ireland Cricket vs India
EXCLUSIVE

जब हमारी नाक का काम एक बड़े नथुने से ही चल सकता है तो दो छिद्र क्यों…है इसकी भी सॉलिड वजह

authorimg

क्या आपने कभी ये सोचा कि अगर आपकी नाक में एक बड़े छेद से ही काम चल सकता है तो उसकी जगह दो नथुने क्यों होते हैं. अगर आप एक नाक बंद कर लें तो भी कुछ खास नहीं होता. ऐसे में ये सवाल तो मन में उठता ही है कि मुंह की तरह एक ही बड़ा छिद्र नाक में भी तो हो सकता है. लेकिन हकीकत ये है कि इसकी भी वजह तो है. साइंस ने बेहतर तरीके से इसका तर्क देते हुए इसे समझाया है.

इसका जवाब नोज साइकल यानि नाशिका चक्र नामक एक आश्चर्यजनक रूप से जटिल प्रक्रिया में छिपा है. आपकी नाक के दोनों छिद्र एक समान रूप से काम करने की बजाय, दिन भर बारी-बारी से वायु प्रवाह को नियंत्रित करते हैं. यानि एक टाइम पर एक काम पर लगा होता है तो दूसरा शांत रहता है. कुछ घंटों बाद उनका रोल बदल जाता है.

ये लगातार होने वाला बदलाव आपके शरीर को अधिक कुशलता से सांस लेने में मदद करता है. यहां तक ​​कि गंध को महसूस करने की आपकी क्षमता को भी बढ़ाता है. हममे से किसी को इसका पता शायद नहीं लग पाता, लेकिन रोजाना नाक के इन दोनों छिद्रों का रोल हमारे आराम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

जैसे कान दो होने से आवाज़ की दिशा पता चलती है, वैसे ही दो नथुने हल्के-फुल्के अंतर से गंध के स्रोत की दिशा बताने में मदद करते हैं (news18 ai image)

हमारी नाक के छिद्र बारी-बारी से सांस कैसे लेते हैं

हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से नाक से सांस लेने के लिए बना है. मुंह से सांस लेना आमतौर पर तभी शुरू होता है जब हमें अतिरिक्त हवा की जरूरत होती है. उदाहरण के लिए व्यायाम के दौरान ऐसा होता है या जब नाक बंद हो जाती है.

हालांकि नाक का काम केवल हवा को अंदर-बाहर करना ही नहीं है. ये फेफड़ों के लिए एक तैयारी कक्ष की तरह काम करती है. जब हवा इससे होकर गुजरती है, तो वह फिल्टर होती है, फिर शरीर के तापमान तक गर्म होती है. फिर उचित स्तर तक नमीयुक्त हो जाती है. जब तक ये आपके फेफड़ों तक पहुंचती है, तब तक यह पूरी तरह से अनुकूलित हो चुकी होती है. इस प्रक्रिया के बिना, हवा ठंडी और शुष्क रहेगी. अगर ऐसा हुआ तो हमारे श्वसन मार्ग में जलन और सूजन हो सकती है.

दो नथुने क्या करते हैं

दो नथुने होने से यह मुश्किल काम आसान हो जाता है. एक नथुना ज़्यादातर हवा को संभालता है, जबकि दूसरे को आराम करने का मौका मिलता है – जिससे नमी बनी रहती है और संतुलन कायम रहता है. अध्ययनों से पता चलता है कि दोनों नथुने कभी भी एक साथ बराबर काम नहीं करते. इसकी बजाय, ये बारी-बारी से काम करने वाली प्रणाली बेहतर तरीके से चलती रहती है.

दोनों नथुने की सूंघने की क्षमता अलग-अलग कैसे

सांस लेना और सूंघना आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं. हर सांस के साथ गंध के छोटे-छोटे अणु नाक में जाते हैं, जहां वे बलगम में घुल जाते हैं. फिर मस्तिष्क को संकेत भेजते हैं.

हवा के दो अलग-अलग रास्ते होने से हमारे गंध सूंघने वाले सेल तक अधिक मात्रा में और लगातार हवा पहुंचती है. (news18 ai image)

नाक जब सांस ले रही होती है, तब हर नथुने से हवा अलग-अलग गति से बहती है. जब कोई नथुना थोड़ा अधिक बंद होता है, तो हवा का प्रवाह धीमा हो जाता है. इससे कुछ गंध के अणुओं को घुलने के लिए अधिक समय मिल जाता है, जिससे उन्हें पहचानना आसान हो जाता है.

दूसरी ओर, अधिक खुले नथुने से वायु का प्रवाह तेज होता है, जिससे अलग अलग तरह के गंध अणुओं का पता लगाने में मदद मिलती है जो अधिक तेजी से घुल जाते हैं. सरल शब्दों में कहें तो हर नाक का छिद्र गंध को अपने-अपने तरीके से ग्रहण करता है. आपका मस्तिष्क इन संकेतों को मिलाकर गंध की एक अधिक समृद्ध और विस्तृत अनुभूति उत्पन्न करता है. तो कह सकते हैं कि दो नथुने हमारी गंध का पता लगाने की क्षमता को बेहतर बनाते हैं.

जैसे कान दो होने से आवाज़ की दिशा पता चलती है, वैसे ही दो नथुने हल्के-फुल्के अंतर से गंध के स्रोत की दिशा बताने में मदद करते हैं. (news18 ai image)

बीमारी में छिपा हुआ सहयोगी

सांस लेने और सूंघने के अलावा, हमारी नाकें हमें बीमारियों से बचाने में भी मदद कर सकती हैं. जब आपको सर्दी-जुकाम होता है, तो अक्सर एक नाक बंद हो जाती है जबकि दूसरी नाक से हवा का प्रवाह अधिक होता है.

एक नाक जुकाम की स्थिति में बंद होने को ये मत मानिए कि ये दिक्कत वाली या नुकसान करने वाली बात है बल्कि ऐसा करके नाक आपकी सुरक्षा करती है. नाक बंद होने से नाक के अंदर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे वायरस के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनतीं. वायरस ठंडे वातावरण में पनपते हैं.
इस लिहाज से, दो नथुने होने से एक अंतर्निर्मित बैकअप प्रणाली मिलती है, जो आपके शरीर को स्थिति से निपटने में मदद करती है और साथ ही संक्रमण के प्रसार को संभावित रूप से सीमित भी करती है.

पहली नजर में, दो नथुने अनावश्यक लग सकते हैं लेकिन वास्तव में, वे एक सुव्यवस्थित प्रणाली बनाते हैं जो सांस लेने में सहायता करती है , गंध की अनुभूति को बढ़ाती है और यहां तक ​​कि आपके शरीर की रक्षा प्रणाली में भी योगदान देती है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बुजुर्गों को लंबी नींद से ज्यादा जरूरी गहरी नींद:बबल फुलाएं, गुनगुने पानी में पैर डुबोएं; नींद अच्छी आएगी

March 16, 2026/
3:22 pm

बढ़ती उम्र में अच्छी नींद दवाई के जैसी है। इसमें भी लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने से ज्यादा...

ask search icon

April 4, 2026/
7:05 pm

Last Updated:April 04, 2026, 19:05 IST Aloe Vera Benefits: प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया...

वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस इंडेक्‍स रैंकिंग में पाकिस्‍तान से भी पीछे भारत:सरकार ने 300 बेटिंग वेबसाइट्स, एप ब्‍लॉक कीं; 21 मार्च के करेंट अफेयर्स

March 21, 2026/
5:45 am

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल...

Allu Arjun Summoned in Pushpa 2 Stampede Case

June 22, 2026/
1:38 pm

18 मिनट पहले कॉपी लिंक हैदराबाद के संध्या थिएटर हादसे के मामले में एक्टर अल्लू अर्जुन सोमवार को नामपल्ली कोर्ट...

भोपाल- पुलिस कमिश्नरेट में टू आईसी मॉडल लागू:एक थाने में दो निरीक्षक करेंगे काम, पहले चरण में निशातपुरा, हबीबगंज थाना शामिल

April 24, 2026/
12:02 am

भोपाल में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में टू आईसी मॉडल लागू कर दिया गया है। इसके तहत हर थाने में दो...

Smoke rises after an Israeli strike on a bridge in lebanon. (File Image: Reuters)

March 26, 2026/
9:25 am

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 09:25 IST सूत्रों का कहना है कि ‘चार्जशीट’ दस्तावेज़ एक प्रमुख अभियान उपकरण होगा, बीजेपी इसे...

PhonePe Fingerprint & Face ID UPI Payments Launched

February 21, 2026/
9:11 am

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक डिजिटल पेमेंट दिग्गज फोन-पे (PhonePe) ने अपने यूजर्स के लिए एक खास फीचर लॉन्च...

राजनीति

जब हमारी नाक का काम एक बड़े नथुने से ही चल सकता है तो दो छिद्र क्यों…है इसकी भी सॉलिड वजह

authorimg

क्या आपने कभी ये सोचा कि अगर आपकी नाक में एक बड़े छेद से ही काम चल सकता है तो उसकी जगह दो नथुने क्यों होते हैं. अगर आप एक नाक बंद कर लें तो भी कुछ खास नहीं होता. ऐसे में ये सवाल तो मन में उठता ही है कि मुंह की तरह एक ही बड़ा छिद्र नाक में भी तो हो सकता है. लेकिन हकीकत ये है कि इसकी भी वजह तो है. साइंस ने बेहतर तरीके से इसका तर्क देते हुए इसे समझाया है.

इसका जवाब नोज साइकल यानि नाशिका चक्र नामक एक आश्चर्यजनक रूप से जटिल प्रक्रिया में छिपा है. आपकी नाक के दोनों छिद्र एक समान रूप से काम करने की बजाय, दिन भर बारी-बारी से वायु प्रवाह को नियंत्रित करते हैं. यानि एक टाइम पर एक काम पर लगा होता है तो दूसरा शांत रहता है. कुछ घंटों बाद उनका रोल बदल जाता है.

ये लगातार होने वाला बदलाव आपके शरीर को अधिक कुशलता से सांस लेने में मदद करता है. यहां तक ​​कि गंध को महसूस करने की आपकी क्षमता को भी बढ़ाता है. हममे से किसी को इसका पता शायद नहीं लग पाता, लेकिन रोजाना नाक के इन दोनों छिद्रों का रोल हमारे आराम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

जैसे कान दो होने से आवाज़ की दिशा पता चलती है, वैसे ही दो नथुने हल्के-फुल्के अंतर से गंध के स्रोत की दिशा बताने में मदद करते हैं (news18 ai image)

हमारी नाक के छिद्र बारी-बारी से सांस कैसे लेते हैं

हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से नाक से सांस लेने के लिए बना है. मुंह से सांस लेना आमतौर पर तभी शुरू होता है जब हमें अतिरिक्त हवा की जरूरत होती है. उदाहरण के लिए व्यायाम के दौरान ऐसा होता है या जब नाक बंद हो जाती है.

हालांकि नाक का काम केवल हवा को अंदर-बाहर करना ही नहीं है. ये फेफड़ों के लिए एक तैयारी कक्ष की तरह काम करती है. जब हवा इससे होकर गुजरती है, तो वह फिल्टर होती है, फिर शरीर के तापमान तक गर्म होती है. फिर उचित स्तर तक नमीयुक्त हो जाती है. जब तक ये आपके फेफड़ों तक पहुंचती है, तब तक यह पूरी तरह से अनुकूलित हो चुकी होती है. इस प्रक्रिया के बिना, हवा ठंडी और शुष्क रहेगी. अगर ऐसा हुआ तो हमारे श्वसन मार्ग में जलन और सूजन हो सकती है.

दो नथुने क्या करते हैं

दो नथुने होने से यह मुश्किल काम आसान हो जाता है. एक नथुना ज़्यादातर हवा को संभालता है, जबकि दूसरे को आराम करने का मौका मिलता है – जिससे नमी बनी रहती है और संतुलन कायम रहता है. अध्ययनों से पता चलता है कि दोनों नथुने कभी भी एक साथ बराबर काम नहीं करते. इसकी बजाय, ये बारी-बारी से काम करने वाली प्रणाली बेहतर तरीके से चलती रहती है.

दोनों नथुने की सूंघने की क्षमता अलग-अलग कैसे

सांस लेना और सूंघना आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं. हर सांस के साथ गंध के छोटे-छोटे अणु नाक में जाते हैं, जहां वे बलगम में घुल जाते हैं. फिर मस्तिष्क को संकेत भेजते हैं.

हवा के दो अलग-अलग रास्ते होने से हमारे गंध सूंघने वाले सेल तक अधिक मात्रा में और लगातार हवा पहुंचती है. (news18 ai image)

नाक जब सांस ले रही होती है, तब हर नथुने से हवा अलग-अलग गति से बहती है. जब कोई नथुना थोड़ा अधिक बंद होता है, तो हवा का प्रवाह धीमा हो जाता है. इससे कुछ गंध के अणुओं को घुलने के लिए अधिक समय मिल जाता है, जिससे उन्हें पहचानना आसान हो जाता है.

दूसरी ओर, अधिक खुले नथुने से वायु का प्रवाह तेज होता है, जिससे अलग अलग तरह के गंध अणुओं का पता लगाने में मदद मिलती है जो अधिक तेजी से घुल जाते हैं. सरल शब्दों में कहें तो हर नाक का छिद्र गंध को अपने-अपने तरीके से ग्रहण करता है. आपका मस्तिष्क इन संकेतों को मिलाकर गंध की एक अधिक समृद्ध और विस्तृत अनुभूति उत्पन्न करता है. तो कह सकते हैं कि दो नथुने हमारी गंध का पता लगाने की क्षमता को बेहतर बनाते हैं.

जैसे कान दो होने से आवाज़ की दिशा पता चलती है, वैसे ही दो नथुने हल्के-फुल्के अंतर से गंध के स्रोत की दिशा बताने में मदद करते हैं. (news18 ai image)

बीमारी में छिपा हुआ सहयोगी

सांस लेने और सूंघने के अलावा, हमारी नाकें हमें बीमारियों से बचाने में भी मदद कर सकती हैं. जब आपको सर्दी-जुकाम होता है, तो अक्सर एक नाक बंद हो जाती है जबकि दूसरी नाक से हवा का प्रवाह अधिक होता है.

एक नाक जुकाम की स्थिति में बंद होने को ये मत मानिए कि ये दिक्कत वाली या नुकसान करने वाली बात है बल्कि ऐसा करके नाक आपकी सुरक्षा करती है. नाक बंद होने से नाक के अंदर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे वायरस के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनतीं. वायरस ठंडे वातावरण में पनपते हैं.
इस लिहाज से, दो नथुने होने से एक अंतर्निर्मित बैकअप प्रणाली मिलती है, जो आपके शरीर को स्थिति से निपटने में मदद करती है और साथ ही संक्रमण के प्रसार को संभावित रूप से सीमित भी करती है.

पहली नजर में, दो नथुने अनावश्यक लग सकते हैं लेकिन वास्तव में, वे एक सुव्यवस्थित प्रणाली बनाते हैं जो सांस लेने में सहायता करती है , गंध की अनुभूति को बढ़ाती है और यहां तक ​​कि आपके शरीर की रक्षा प्रणाली में भी योगदान देती है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.