Thursday, 08 Oct 2026 | 12:22 AM

Trending :

EXCLUSIVE

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

शहरों को गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में प्याऊ लगाने, एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में अस्थायी इंतजाम तक सीमित है। 2016 में सरकार ने पहले चरण में दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों के लिए यह योजना शुरू की थी। मकसद था लू के असर को कम करना और गर्मी के दौरान सामान्य कामकाज बनाए रखना, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थायी उपाय लागू नहीं हुए। अहमदाबाद को छोड़कर ज्यादातर शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और गर्मी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे कदमों पर काम नहीं हुआ। 2024 में हीट स्ट्रोक के 25 हजार मामले और 56 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार केस और 110 मौतों तक पहुंच गया। 2026 में महाराष्ट्र अकेले अब तक 236 केस और 6 मौतें दर्ज कर चुका है। ‘लू’ घोषित करने के नियम बदलने की तैयारी बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग लू घोषित करने के मानकों में बदलाव की तैयारी में है। अभी लू घोषित करने के नियम सिर्फ तापमान पर आधारित हैं, जो केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए पूरी तरह सटीक नहीं माने जाते। नए मानकों में उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी सटीक चेतावनी दी जा सकेगी, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी का असर ज्यादा होता है। अहमदाबाद ने ऐसे तैयार किया मॉडल 9 चीजें करनी थीं, कई शहरों में अधूरी रहीं किन शहर ने क्या किया और क्या नहीं किया
1. दिल्ली क्या किया: इस साल 11,000 ‘कूलिंग पॉइंट्स’ (पेयजल, शेड) का लक्ष्य। मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाईं। क्या नहीं किया: कूलिंग सेंटर्स की संख्या दावों से काफी कम रही। कूल रूफ नहीं बनाईं। 2. भोपाल क्या किया: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में ‘लू वार्ड’ बनाने के निर्देश दिए। न शेड बनाए, न कूल रूफ, न हीव वेव अलर्ट सिस्टम लागू किया और न पौधरोपण में तेजी। क्या नहीं किया: कोई विस्तृत बजट या ठोस हीट एक्शन प्लान लागू नहीं हुआ। 1990 में ग्रीन कवर 66% था, जो अब 6% रह गया है। 3. इंदौर: क्या किया: 12 अस्पतालों में लू केंद्र बनाए गए। ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय कम किया गया। क्या नहीं किया: संवेदनशील जगह कूलिंग शेड नहीं लगाए गए। 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया।
4. जयपुर क्या किया: अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए। निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई। क्या नहीं किया: श्रमिकों के लिए पर्याप्त शेल्टर व सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बने। कूल रूफ से 2-5 डिग्री, पौधरोपण से 3 डिग्री तक ​घट सकता है पारा एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर शहर हीट एक्शन प्लान को सिर्फ इमरजेंसी इंतजाम की तरह लागू कर रहे हैं। यानी गर्मी बढ़ने पर एडवाइजरी, अस्पतालों में अस्थायी तैयारी और पानी की व्यवस्था तक सीमित हैं। लंबे समय में तापमान कम करने वाले उपायों पर काम नहीं हो रहा। जनाग्रह की जना अर्बन स्पेस टीम की एसोसिएट मैनेजर सुर्ज्यतपा रे के मुताबिक, कूल रूफ से घरों का तापमान 2 से 5 डिग्री तक कम किया जा सकता है। बड़े स्तर पर पौधरोपण से 10-15 साल में शहर का तापमान करीब 3 डिग्री तक घट सकता है, जबकि शहरों के बाहरी हिस्सों में ग्रीन बेल्ट विकसित करने से तापमान करीब 2 डिग्री तक कम हो सकता है। उनके मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश जारी होते हैं, लेकिन नगर निकायों को न पर्याप्त बजट मिलता है, न समर्पित स्टाफ। इसी वजह से कई शहरों में हीट एक्शन प्लान कागजों तक सीमित रह जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… भारत में सूखा-भीषण गर्मी पड़ने की आशंका:सुपर अल नीनो मई-जुलाई से सर्दियों तक जारी रहने के आसार; इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है भारत में इस साल सामान्य से कम बारिश के अनुमान के बीच सुपर अल-नीनो भी एक्टिव हो सकता है। अमेरिकी मौसम एजेंसी ‘नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (नोआ) के अनुसार यह मई-जुलाई के दौरान ही दस्तक दे सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
होर्मुज से 24 घंटे में सिर्फ 2 जहाज निकले:दुनिया की 20% तेल सप्लाई रुकी; रक्षा मंत्री बोले- भारत की तेल-गैस सप्लाई पर सीधा असर

March 6, 2026/
12:50 pm

मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइफलाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही...

उत्तराखंड सीनियर एथलेटिक्स में अमेरिका से रेस लगाने आए वरुण:आकर्षण का केंद्र बने; प्रतियोगिता में 176 खिलाड़ियों ने ट्रैक पर दिखाया दम

May 31, 2026/
8:32 pm

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को...

Femina Miss India 2026 Saadhvi Satish Sail

April 28, 2026/
6:30 am

1 घंटे पहलेलेखक: वर्षा राय कॉपी लिंक भुवनेश्वर में आयोजित 61वें फेमिना मिस इंडिया 2026 में गोवा की साध्वी सतीश...

भाजपा का स्थापना दिवस आज, घर-घर फहराएंगे ध्वज:रतलाम में BJP के नए भवन निर्माण का होगा शुभारंभ; 67 लाख में खरीदी जमीन

April 6, 2026/
9:23 am

भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को अपने 47 वर्ष स्थापना दिवस मनाएगी। भाजपा कार्यकर्ता घर-घर पार्टी का ध्वज फहरायेंगे। प्रदेश...

Pakistan vs New Zealand Live Cricket Score: PAK vs NZ T20 World Cup 2026 Match Scorecard Latest Updates Today

February 12, 2026/
12:29 pm

आखरी अपडेट:12 फरवरी, 2026, 12:29 IST वीडियो में कांग्रेस की महिला सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष के अंदर इकट्ठा...

तस्वीर का विवरण

April 22, 2026/
8:36 pm

आवश्यक सामग्री: 1 कप दही, 8-10 पुदीने की सब्जियां, 2-3 लहसुन की कलियां, 1 हरी मिर्च, ½ छोटा चम्मच, साथ...

India vs Pakistan June 14, England Hosts Biggest Edition

June 11, 2026/
4:30 am

स्पोर्ट्स डेस्क44 मिनट पहले कॉपी लिंक 10वां विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होगा।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

शहरों को गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में प्याऊ लगाने, एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में अस्थायी इंतजाम तक सीमित है। 2016 में सरकार ने पहले चरण में दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों के लिए यह योजना शुरू की थी। मकसद था लू के असर को कम करना और गर्मी के दौरान सामान्य कामकाज बनाए रखना, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थायी उपाय लागू नहीं हुए। अहमदाबाद को छोड़कर ज्यादातर शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और गर्मी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे कदमों पर काम नहीं हुआ। 2024 में हीट स्ट्रोक के 25 हजार मामले और 56 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार केस और 110 मौतों तक पहुंच गया। 2026 में महाराष्ट्र अकेले अब तक 236 केस और 6 मौतें दर्ज कर चुका है। ‘लू’ घोषित करने के नियम बदलने की तैयारी बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग लू घोषित करने के मानकों में बदलाव की तैयारी में है। अभी लू घोषित करने के नियम सिर्फ तापमान पर आधारित हैं, जो केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए पूरी तरह सटीक नहीं माने जाते। नए मानकों में उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी सटीक चेतावनी दी जा सकेगी, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी का असर ज्यादा होता है। अहमदाबाद ने ऐसे तैयार किया मॉडल 9 चीजें करनी थीं, कई शहरों में अधूरी रहीं किन शहर ने क्या किया और क्या नहीं किया
1. दिल्ली क्या किया: इस साल 11,000 ‘कूलिंग पॉइंट्स’ (पेयजल, शेड) का लक्ष्य। मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाईं। क्या नहीं किया: कूलिंग सेंटर्स की संख्या दावों से काफी कम रही। कूल रूफ नहीं बनाईं। 2. भोपाल क्या किया: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में ‘लू वार्ड’ बनाने के निर्देश दिए। न शेड बनाए, न कूल रूफ, न हीव वेव अलर्ट सिस्टम लागू किया और न पौधरोपण में तेजी। क्या नहीं किया: कोई विस्तृत बजट या ठोस हीट एक्शन प्लान लागू नहीं हुआ। 1990 में ग्रीन कवर 66% था, जो अब 6% रह गया है। 3. इंदौर: क्या किया: 12 अस्पतालों में लू केंद्र बनाए गए। ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय कम किया गया। क्या नहीं किया: संवेदनशील जगह कूलिंग शेड नहीं लगाए गए। 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया।
4. जयपुर क्या किया: अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए। निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई। क्या नहीं किया: श्रमिकों के लिए पर्याप्त शेल्टर व सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बने। कूल रूफ से 2-5 डिग्री, पौधरोपण से 3 डिग्री तक ​घट सकता है पारा एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर शहर हीट एक्शन प्लान को सिर्फ इमरजेंसी इंतजाम की तरह लागू कर रहे हैं। यानी गर्मी बढ़ने पर एडवाइजरी, अस्पतालों में अस्थायी तैयारी और पानी की व्यवस्था तक सीमित हैं। लंबे समय में तापमान कम करने वाले उपायों पर काम नहीं हो रहा। जनाग्रह की जना अर्बन स्पेस टीम की एसोसिएट मैनेजर सुर्ज्यतपा रे के मुताबिक, कूल रूफ से घरों का तापमान 2 से 5 डिग्री तक कम किया जा सकता है। बड़े स्तर पर पौधरोपण से 10-15 साल में शहर का तापमान करीब 3 डिग्री तक घट सकता है, जबकि शहरों के बाहरी हिस्सों में ग्रीन बेल्ट विकसित करने से तापमान करीब 2 डिग्री तक कम हो सकता है। उनके मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश जारी होते हैं, लेकिन नगर निकायों को न पर्याप्त बजट मिलता है, न समर्पित स्टाफ। इसी वजह से कई शहरों में हीट एक्शन प्लान कागजों तक सीमित रह जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… भारत में सूखा-भीषण गर्मी पड़ने की आशंका:सुपर अल नीनो मई-जुलाई से सर्दियों तक जारी रहने के आसार; इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है भारत में इस साल सामान्य से कम बारिश के अनुमान के बीच सुपर अल-नीनो भी एक्टिव हो सकता है। अमेरिकी मौसम एजेंसी ‘नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (नोआ) के अनुसार यह मई-जुलाई के दौरान ही दस्तक दे सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.