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Indias First Bullet Train Launch Hope 2026

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अहमदाबाद5 मिनट पहले

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बुलेट ट्रेन को नारंग, काला, मैटेलिक व्हाइट और ग्रे कलर में रंगा गया है।

भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सोमवार को सामने आई है। दिल्ली में रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की फोटो लगाई गई है।

रेल मंत्रालय ने भरोसा जताया है कि इसी साल गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच (करीब 50 किमी) देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाई जा सकती है।

ANI के मुताबिक, 508 किमी लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट जापान सरकार की टेक्निकल और फाइनेंसिअल मदद से बन रहा है। यह प्रोजेक्ट गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगा।

इसमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

दिल्ली में रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की फोटो लगाई।

दिल्ली में रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की फोटो लगाई।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के 12 में से 8 स्टेशनों का काम पूरा

रेलवे मंत्रालय ने बताया कि प्रोजेक्ट में शामिल 12 में से 8 स्टेशनों का नींव का काम पूरा हो चुका है। इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। 17 नदी पुल पूरे हो चुके हैं, जबकि नर्मदा, माही, तापी और साबरमती जैसी 4 बड़ी नदियों पर पुल का काम तेजी से चल रहा है।

महाराष्ट्र में भी 4 नदी पुलों पर काम जारी है। रेल डिपो के काम की बात करें तो ठाणे, सूरत और साबरमती में डिपो तेजी से बनाए जा रहे हैं। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में सिविल वर्क अच्छा चल रहा है। यहां खुदाई का 91% काम पूरा हो चुका है और बेसमेंट स्लैब का काम लेवल-4 तक 100% पूरा हो गया है।

रेल रूट में अंडर-सी टनल भी

इस प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा अंडर-सी टनल भी है। करीब 21 किमी लंबी इस टनल का काम शुरू हो चुका है। इसमें से महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का काम पूरा हो गया है।

इसमें 16 किमी सुरंग टनल बोरिंग मशीनों से और बाकी 5 किमी सुरंग न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही है। इसमें ठाणे क्रीक के नीचे 7 किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग भी शामिल है।

मंत्रालय के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से देश में हाई स्पीड रेल के लिए नई तकनीक और अनुभव विकसित होगा। इसमें ट्रैक निर्माण, एडवांस सिग्नलिंग, ट्रेन निर्माण और मेंटेनेंस जैसी क्षमताएं शामिल हैं। इससे भविष्य में ऐसे और कॉरिडोर बनाने में मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का काम पूरा हो गया है।

महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का काम पूरा हो गया है।

जापान में भी चल रही स्टाफ की ट्रेनिंग, 2030 तक तैयार होगा प्रोजेक्ट

NHSRCL ने जापानी एजेंसियों के साथ मिलकर हाई स्पीड रेल कोर स्टाफ ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। हाल में ट्रेनिंग के लिए 14 जूनियर मैनेजर जापान भेजे गए थे।

इस प्रोजेक्ट की लागत शुरुआत में 1.08 लाख करोड़ रुपए आंकी गई थी। ये बढ़कर 1.6 लाख करोड़ से 2 लाख करोड़ रुपए के बीच जा सकती है। पूरा प्रोजेक्ट 2030 तक तैयार होने की उम्मीद है।

NHSRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक कुमार गुप्ता बताते हैं कि बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच का सफर दो से ढाई घंटे में पूरा होगा।

बुलेट ट्रेन में भूकंप के लिए वॉर्निंग सिस्टम

बुलेट ट्रेन में पहली बार अर्थक्वेक वॉर्निंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह सिस्टम जापानी तकनीक पर बेस्ड है। भूकंप आने पर यह सिस्टम तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर देगा। बिजली बंद होते ही ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगेंगे और ट्रेन वहीं रुक जाएगी।

इस सिस्टम के तहत कुल 28 सीस्मोमीटर लगाए जाएंगे। इनमें से 22 मशीनें ट्रेन के रूट पर लगेंगी। महाराष्ट्र में 8 और गुजरात में 14 मशीनें लगाई जाएंगी। बाकी 6 मशीनें उन जगहों पर लगेंगी, जहां भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है। इनमें 4 महाराष्ट्र में और 2 गुजरात में लगेंगी।

देश में बन रहे हाई स्पीड ट्रेन के पार्ट्स

इसी के साथ रेलवे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत हाई स्पीड ट्रेन सिस्टम और उसके पार्ट्स का देश में ही निर्माण बढ़ा रहा है। वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) मिलकर 280 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली ट्रेन बना रहे हैं।

प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण कानून के तहत किया गया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया गया है। राज्यों के साथ मिलकर पुनर्वास और अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं। यह कॉरिडोर ज्यादा फ्रीक्वेंसी और बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है।

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अहमदाबाद5 मिनट पहले

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बुलेट ट्रेन को नारंग, काला, मैटेलिक व्हाइट और ग्रे कलर में रंगा गया है।

भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सोमवार को सामने आई है। दिल्ली में रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की फोटो लगाई गई है।

रेल मंत्रालय ने भरोसा जताया है कि इसी साल गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच (करीब 50 किमी) देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाई जा सकती है।

ANI के मुताबिक, 508 किमी लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट जापान सरकार की टेक्निकल और फाइनेंसिअल मदद से बन रहा है। यह प्रोजेक्ट गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगा।

इसमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

दिल्ली में रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की फोटो लगाई।

दिल्ली में रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की फोटो लगाई।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के 12 में से 8 स्टेशनों का काम पूरा

रेलवे मंत्रालय ने बताया कि प्रोजेक्ट में शामिल 12 में से 8 स्टेशनों का नींव का काम पूरा हो चुका है। इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। 17 नदी पुल पूरे हो चुके हैं, जबकि नर्मदा, माही, तापी और साबरमती जैसी 4 बड़ी नदियों पर पुल का काम तेजी से चल रहा है।

महाराष्ट्र में भी 4 नदी पुलों पर काम जारी है। रेल डिपो के काम की बात करें तो ठाणे, सूरत और साबरमती में डिपो तेजी से बनाए जा रहे हैं। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में सिविल वर्क अच्छा चल रहा है। यहां खुदाई का 91% काम पूरा हो चुका है और बेसमेंट स्लैब का काम लेवल-4 तक 100% पूरा हो गया है।

रेल रूट में अंडर-सी टनल भी

इस प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा अंडर-सी टनल भी है। करीब 21 किमी लंबी इस टनल का काम शुरू हो चुका है। इसमें से महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का काम पूरा हो गया है।

इसमें 16 किमी सुरंग टनल बोरिंग मशीनों से और बाकी 5 किमी सुरंग न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही है। इसमें ठाणे क्रीक के नीचे 7 किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग भी शामिल है।

मंत्रालय के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से देश में हाई स्पीड रेल के लिए नई तकनीक और अनुभव विकसित होगा। इसमें ट्रैक निर्माण, एडवांस सिग्नलिंग, ट्रेन निर्माण और मेंटेनेंस जैसी क्षमताएं शामिल हैं। इससे भविष्य में ऐसे और कॉरिडोर बनाने में मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का काम पूरा हो गया है।

महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का काम पूरा हो गया है।

जापान में भी चल रही स्टाफ की ट्रेनिंग, 2030 तक तैयार होगा प्रोजेक्ट

NHSRCL ने जापानी एजेंसियों के साथ मिलकर हाई स्पीड रेल कोर स्टाफ ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। हाल में ट्रेनिंग के लिए 14 जूनियर मैनेजर जापान भेजे गए थे।

इस प्रोजेक्ट की लागत शुरुआत में 1.08 लाख करोड़ रुपए आंकी गई थी। ये बढ़कर 1.6 लाख करोड़ से 2 लाख करोड़ रुपए के बीच जा सकती है। पूरा प्रोजेक्ट 2030 तक तैयार होने की उम्मीद है।

NHSRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक कुमार गुप्ता बताते हैं कि बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच का सफर दो से ढाई घंटे में पूरा होगा।

बुलेट ट्रेन में भूकंप के लिए वॉर्निंग सिस्टम

बुलेट ट्रेन में पहली बार अर्थक्वेक वॉर्निंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह सिस्टम जापानी तकनीक पर बेस्ड है। भूकंप आने पर यह सिस्टम तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर देगा। बिजली बंद होते ही ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगेंगे और ट्रेन वहीं रुक जाएगी।

इस सिस्टम के तहत कुल 28 सीस्मोमीटर लगाए जाएंगे। इनमें से 22 मशीनें ट्रेन के रूट पर लगेंगी। महाराष्ट्र में 8 और गुजरात में 14 मशीनें लगाई जाएंगी। बाकी 6 मशीनें उन जगहों पर लगेंगी, जहां भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है। इनमें 4 महाराष्ट्र में और 2 गुजरात में लगेंगी।

देश में बन रहे हाई स्पीड ट्रेन के पार्ट्स

इसी के साथ रेलवे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत हाई स्पीड ट्रेन सिस्टम और उसके पार्ट्स का देश में ही निर्माण बढ़ा रहा है। वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) मिलकर 280 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली ट्रेन बना रहे हैं।

प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण कानून के तहत किया गया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया गया है। राज्यों के साथ मिलकर पुनर्वास और अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं। यह कॉरिडोर ज्यादा फ्रीक्वेंसी और बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है।

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