हिंदी और साउथ के मेनस्ट्रीम मेकर्स भोजपुरी एक्टर्स और सिंगर्स के साथ लगातार कोलैब कर रहें हैं। अब ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए भी अक्षय ने अक्षरा सिंह के साथ एक गाना किया है। अक्षरा फिल्म के एक खास इंट्रो सॉन्ग में अक्षय के साथ थिरकती दिखेंगी। उनसे हुई खास बातचीत… ‘वेलकम टू द जंगल’ का यह ऑफर आपके पास कैसे आया? इस फिल्म का ऑफर सीधे मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य की तरफ से आया। मास्टर जी से मेरी बातचीत हमेशा होती रही है, लेकिन काफी समय पहले हम लोगों ने एक शो के दौरान साथ में काम किया था। उस वक्त उन्होंने स्टेज पर मेरा लाइव परफॉर्मेंस देखा था। मास्टर जी के जेहन में मेरा वो परफॉर्मेंस और मेरा हुनर हमेशा रहा। एक दिन अचानक उनका कॉल आया और उन्होंने कहा…‘अक्षरा, एक बहुत बड़ा गाना है अक्षय कुमार के साथ और वे लोग इसे तुम्हारे साथ करने के लिए उत्सुक हैं। आपका पहला रिएक्शन क्या था? मेरा पहला रिएक्शन तो यही था- ‘अरे बाप रे!’ मेरे मन में तुरंत यह ख्याल आया कि बॉलीवुड की इतनी बड़ी फिल्म के मेकर्स और खुद अक्षय सर ने ऐसा कैसे सोचा? पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री में से उन्होंने सिर्फ और सिर्फ मुझे ही क्यों चुना? मैंने अपनी यह दुविधा तुरंत मास्टर जी के सामने रख दी। इस पर उन्होंने जो मुझसे कहा, उसने मेरा हौसला सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा…’अक्षरा, तुम्हें खुद अंदाजा नहीं है कि तुम क्या हो!’ बस फिर क्या था मैं तुरंत इस गाने के लिए तैयार हो गई। आपके इस गाने के फ्लेवर क्या है? यह कोई हिप-हॉप सॉन्ग नहीं है। यह फिल्म का इंट्रो सॉन्ग है, जो कहानी और किरदारों को दर्शकों से रूबरू कराएगा। यह पूरी तरह से एक कमर्शियल, कलरफुल और धमाकेदार सेटअप पर फिल्माया गया है। इसमें आपको बॉलीवुड का वो आइकॉनिक और एवरग्रीन ‘सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे’ वाला असली देसी फ्लेवर देखने को मिलेगा। बैकग्राउंड से लेकर डांस मूव्स तक, सब कुछ बेहद पेप्पी है। शूटिंग के दौरान ब्रेक्स में अक्षय कुमार के साथ आपकी क्या बातचीत हुईं? अक्षय कुमार सर के साथ काम करने का अनुभव मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकती। सेट पर जाने से पहले मेरे मन में थोड़ा डर था कि इतने बड़े सुपरस्टार हैं, पता नहीं कैसे बिहेव करेंगे? लेकिन जब उनसे मिली तो महसूस हुआ कि वे बेहद डाउन-टू-अर्थ इंसान हैं। उन्होंने मुझसे बहुत गर्मजोशी से मुलाकात की और कहा…‘अक्षरा, तुम कितनी सुंदर हो, कब से इंडस्ट्री में काम कर रही हो?’ यह सुनकर मैं बेहद खुश हुई। सिर्फ अक्षय सर ही नहीं, बल्कि सेट पर मौजूद हर किसी ने मेरे काम की तारीफ की। अक्षय सर ने कई बार मुझसे पूछा कि तुम्हें यह गाना कैसा लग रहा है? उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छा काम करती हूं और इतने सालों से भोजपुरी सिनेमा को संभाल रही हूं, यह काबिले तारीफ है। उनके जैसे बड़े स्टार से इतनी इज्जत और प्यार मिलना मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं है। इस गाने की शूटिंग में कितने दिनों का समय लगा? शॉकिंग है कि पूरे गाने की शूटिंग को सिर्फ और सिर्फ एक ही दिन में पूरा कर लिया गया। जी हां, पूरा काम एक दिन के शेड्यूल में ही सिमट गया था। हम लोग सुबह-सुबह ही सेट पर पहुंच गए थे। गणेश आचार्य जी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि उनकी टेकिंग और काम करने की रफ्तार बहुत तेज और अलग है। सुबह की शिफ्ट से शुरू करके रात के करीब 9:10 बजे तक हम लोगों ने पूरा गाना शूट कर लिया था। सेट पर गाने की शूटिंग के समय कोई दिलचस्प किस्सा हुआ? इस गाने की पहले शुरुआती लाइन्स थी- ‘हमार लागल बा दिलवा प्लेबॉय से…’। पहले इस लाइन के आगे ही राइमिंग बिठाने के लिए एक मशहूर साबुन ब्रांड का नाम इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन शूटिंग के आखिरी पलों में मेकर्स और मास्टर जी को लगा कि किसी ब्रांड का नाम सीधे इस्तेमाल करना शायद ठीक नहीं होगा, इसलिए लास्ट मिनट पर उसे चेंज कर दिया। हालांकि गाना सुनने में अब भी उतना ही मजेदार है। भोजपुरी और बॉलीवुड के काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस किया? एक एक्टर के तौर पर हम हर दिन, हर सेट पर कुछ न कुछ नया सीखते हैं। बॉलीवुड के इस सेट पर जो तकनीकी बारीकियां मैंने देखीं, वे मेरे लिए बेहद नया अनुभव थीं। भोजपुरी में हम पहले पूरा गाना या सीन शूट कर लेते हैं, फिर वह फुटेज एडिटिंग टेबल पर जाती है और लगभग 15-20 दिनों के बाद हमें अपना काम देखने को मिलता है। ‘वेलकम टू द जंगल’ के सेट पर तकनीक का एक अलग ही लेवल था। वहां ऑन-द-स्पॉट ‘शॉट चेक’ और एडिटिंग की सुविधा थी। मास्टर जी गाना शूट कर रहे थे और मॉनिटर पर शॉट तुरंत एडिट हो रहा था।











































