Friday, 17 Jul 2026 | 07:40 PM

Trending :

EXCLUSIVE

From hardship to captaincy; once had no money to buy a bat, today he is leading the team

From hardship to captaincy; once had no money to buy a bat, today he is leading the team
  • Hindi News
  • Sports
  • From Hardship To Captaincy; Once Had No Money To Buy A Bat, Today He Is Leading The Team

नई दिल्ली19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

तिलक वर्मा, भारतीय क्रिकेटर।- फाइल फोटो

बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज तिलक वर्मा आज भले ही प्रशंसकों के दिल में जगह बना चुके हों, लेकिन उनका करिअर गंभीर चुनौतियों से भरा रहा है। फिलहाल वे त्रिकोणीय सीरीज के लिए भारत-ए टीम के कप्तान बनाए गए हैं। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी.

हैदराबाद में 8 नवंबर 2002 को जन्मे तिलक वर्मा का बचपन गहरी आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता नंबूरी नागराजू तब एक मामूली इलेक्ट्रिशियन थे, जो छोटे-मोटे रिपेयरिंग वर्क करके परिवार का पेट पालते थे।

माता-पिता के साथ तिलक और उनके बड़े भाई तरुण एक छोटे-से किराए के मकान में रहते थे। पिता की इच्छा थी कि तिलक बड़े होकर डॉक्टर बनें, लेकिन बचपन से ही तिलक का मन क्रिकेट में रम गया।

संघर्ष – बैट खरीदने के पैसे नहीं थे, रोजाना 40 किमी का सफर कर जाते थे एकेडमी

एक वक्त ऐसा था जब तिलक के पास बैट और अन्य गियर खरीदने के पैसे भी नहीं थे। तिलक की बैटिंग स्टाइल से प्रभावित होकर स्थानीय कोच सलाम बायश ने उन्हें कोचिंग का सुझाव दिया, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने मना कर दिया। बायश ने उन्हें न सिर्फ मुफ्त कोचिंग दी, बल्कि उनके किट और अन्य उपकरणों का खर्च भी उठाया। तिलक को रोजाना 40 किमी का सफर कर एकेडमी जाना पड़ता था। एक साक्षात्कार में तिलक ने बताया कि 2022 में उन्हें रैबडोमायोलिसिस नामक दुर्लभ बीमारी हो गई थी, जिसमें अत्यधिक दबाव के कारण मांसपेशियां टूटने लगती हैं। मुम्बई इंडियन के मैनेजमेंट ने उनका इलाज कराया। फिर 2026 में ही विजय हजारे ट्रॉफी खेलते हुए उन्हें टेस्टिकल टॉर्शन की समस्या हो गई, जिसकी बाद में सर्जरी करानी पड़ी।

शुरुआत- पहले जूनियर टीम में रिजेक्ट हुए, फिर विश्वकप टीम में बनाई अपनी जगह

महज 12 साल की उम्र में तिलक ने हैदराबाद की अंडर-14 टीम से क्रिकेट कॅरिअर की शुरुआत की। हालांकि इसके चयन में भी उन्हें शुरुआती रिजेक्शन झेलने पड़े थे। 2018 में उन्होंने हैदराबाद के लिए रणजी ट्राफी डेब्यू किया। फिर 2020 में उन्हें साउथ अफ्रीका में हुए अंडर-19 विश्व कप की भारतीय टीम में चुना गया। हालांकि वे 3 पारियों में 86 रन ही बना पाए

सफलता – एमआई ने 1.70 करोड़ में खरीदा, पाकिस्तान के खिलाफ पारी से चमके

2022 तिलक का टर्निंग पॉइंट था, जब मुम्बई इंडियन ने उन्हें 1.70 करोड़ रुपए में खरीदा। 2023 में वे सीनियर भारतीय टीम में चुने गए और इसी साल उन्होंने टी20 और वनडे फॉर्मेट में डेब्यू किया। 2025 के एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 69 रनों की मैच विनिंग पारी ने उन्हें क्रिकेट जगत में प्रसिद्ध कर दिया। अब तिलक अपनी पुरानी एकेडमी में गरीब बच्चों की आर्थिक मदद भी करते हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अमेरिका-ईरान के हमले में गुजरात का जहाज डूबा:एक भारतीय की मौत, 17 क्रू मेंबर्स को बचाया; दुबई से यमन जा रहा था

May 8, 2026/
7:13 pm

ईरान और अमेरिका की नेवी के बीच बीती रात हॉर्मुज स्ट्रेट में हुई फायरिंग की चपेट में गुजरात का एक...

अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

April 22, 2026/
7:57 pm

अनूपपुर जिले के ग्राम धनगवां में बुधवार दोपहर एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में अचानक धमाका हो गया। धमाके...

MP-राजस्थान समेत 7 राज्यों में मार्च में सर्दी लौटी:पारा 10°C तक गिरा, कोहरा छाया; बंगाल-ओडिशा में ओला-बारिश और आंधी चलने का अलर्ट

March 21, 2026/
5:00 am

मार्च का पहला पखवाड़ा सूखा रहा, कई राज्यों में लू चली और तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा। लेकिन दूसरे पखवाड़े...

तस्वीर का विवरण

April 27, 2026/
7:26 pm

भट्टी पर फर्नीचर: दोपहर के समय धूप कक्ष को गर्म कर दिया जाता है। वसीयत के रंग का फर्नीचर। विंडो...

एलपीजी और पेट्रोल-डीजल उपलब्धता का रोज होगा रिव्यू:कलेक्टरों से सीएस अनुराग जैन बोले- मॉनिटरिंग करें और जमाखोरों पर शीघ्र एक्शन लें

April 2, 2026/
10:55 pm

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त है और किसी तरह...

नागपुर में रेडियोएक्टिव खतरे की धमकी वाली चिट्‌ठी मिली,अलर्ट:RSS मुख्यालय, मेट्रो और BJP ऑफिस में मटेरियल रखे जाने का जिक्र, जांच में कुछ नहीं मिला

April 30, 2026/
6:20 pm

नागपुर2 मिनट पहले कॉपी लिंक चिट्‌ठी में नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय, हेडगेवार स्मृति मंदिर, मेट्रो की ऑरेंज लाइन का जिक्र...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

From hardship to captaincy; once had no money to buy a bat, today he is leading the team

From hardship to captaincy; once had no money to buy a bat, today he is leading the team
  • Hindi News
  • Sports
  • From Hardship To Captaincy; Once Had No Money To Buy A Bat, Today He Is Leading The Team

नई दिल्ली19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

तिलक वर्मा, भारतीय क्रिकेटर।- फाइल फोटो

बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज तिलक वर्मा आज भले ही प्रशंसकों के दिल में जगह बना चुके हों, लेकिन उनका करिअर गंभीर चुनौतियों से भरा रहा है। फिलहाल वे त्रिकोणीय सीरीज के लिए भारत-ए टीम के कप्तान बनाए गए हैं। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी.

हैदराबाद में 8 नवंबर 2002 को जन्मे तिलक वर्मा का बचपन गहरी आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता नंबूरी नागराजू तब एक मामूली इलेक्ट्रिशियन थे, जो छोटे-मोटे रिपेयरिंग वर्क करके परिवार का पेट पालते थे।

माता-पिता के साथ तिलक और उनके बड़े भाई तरुण एक छोटे-से किराए के मकान में रहते थे। पिता की इच्छा थी कि तिलक बड़े होकर डॉक्टर बनें, लेकिन बचपन से ही तिलक का मन क्रिकेट में रम गया।

संघर्ष – बैट खरीदने के पैसे नहीं थे, रोजाना 40 किमी का सफर कर जाते थे एकेडमी

एक वक्त ऐसा था जब तिलक के पास बैट और अन्य गियर खरीदने के पैसे भी नहीं थे। तिलक की बैटिंग स्टाइल से प्रभावित होकर स्थानीय कोच सलाम बायश ने उन्हें कोचिंग का सुझाव दिया, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने मना कर दिया। बायश ने उन्हें न सिर्फ मुफ्त कोचिंग दी, बल्कि उनके किट और अन्य उपकरणों का खर्च भी उठाया। तिलक को रोजाना 40 किमी का सफर कर एकेडमी जाना पड़ता था। एक साक्षात्कार में तिलक ने बताया कि 2022 में उन्हें रैबडोमायोलिसिस नामक दुर्लभ बीमारी हो गई थी, जिसमें अत्यधिक दबाव के कारण मांसपेशियां टूटने लगती हैं। मुम्बई इंडियन के मैनेजमेंट ने उनका इलाज कराया। फिर 2026 में ही विजय हजारे ट्रॉफी खेलते हुए उन्हें टेस्टिकल टॉर्शन की समस्या हो गई, जिसकी बाद में सर्जरी करानी पड़ी।

शुरुआत- पहले जूनियर टीम में रिजेक्ट हुए, फिर विश्वकप टीम में बनाई अपनी जगह

महज 12 साल की उम्र में तिलक ने हैदराबाद की अंडर-14 टीम से क्रिकेट कॅरिअर की शुरुआत की। हालांकि इसके चयन में भी उन्हें शुरुआती रिजेक्शन झेलने पड़े थे। 2018 में उन्होंने हैदराबाद के लिए रणजी ट्राफी डेब्यू किया। फिर 2020 में उन्हें साउथ अफ्रीका में हुए अंडर-19 विश्व कप की भारतीय टीम में चुना गया। हालांकि वे 3 पारियों में 86 रन ही बना पाए

सफलता – एमआई ने 1.70 करोड़ में खरीदा, पाकिस्तान के खिलाफ पारी से चमके

2022 तिलक का टर्निंग पॉइंट था, जब मुम्बई इंडियन ने उन्हें 1.70 करोड़ रुपए में खरीदा। 2023 में वे सीनियर भारतीय टीम में चुने गए और इसी साल उन्होंने टी20 और वनडे फॉर्मेट में डेब्यू किया। 2025 के एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 69 रनों की मैच विनिंग पारी ने उन्हें क्रिकेट जगत में प्रसिद्ध कर दिया। अब तिलक अपनी पुरानी एकेडमी में गरीब बच्चों की आर्थिक मदद भी करते हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.