Tuesday, 20 Oct 2026 | 06:34 PM

Trending :

EXCLUSIVE

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। चुनाव कराने जैसी गतिविधियां वहां की जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं। गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार को 10 जिलों की 24 सामान्य सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है और विभिन्न राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार अभियान चला रहे हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लेकिन भारत इसे अपने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा मानता है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है। साढ़े पांच साल बाद हो रहे चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान में साढ़े पांच साल बाद हो रहे हैं। इससे पहले यहां नवंबर 2020 में चुनाव हुए थे, जिनमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जीत हासिल की थी। यहां का कार्यकाल 5 साल का होता है। 2020 में चुनी गई विधानसभा ने नवंबर 2025 में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था। नियमों के मुताबिक इसके बाद नए चुनाव कराए जाने थे, लेकिन खराब मौसम और प्रशासनिक कारणों से मतदान समय पर नहीं हो सका। क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है, जिससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हो जाता है। इसी वजह से चुनाव को टाल दिया गया और बाद में 7 जून 2026 की तारीख तय की गई। गिलगित-बाल्टिस्तान में दूसरा चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान और Pok (जिसे पाकिस्तान आजाद जम्मू-कश्मीर कहता है) की प्रशासनिक व्यवस्था अलग-अलग रही है। Pok का अपना अलग संविधान, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विधानसभा है। पाकिस्तान Pok को कुछ स्वायत्तता देता है, हालांकि वास्तविक शक्ति काफी हद तक इस्लामाबाद के पास रहती है। लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति अलग थी। 1947 से लेकर कई दशकों तक इसे पाकिस्तान ने सीधे संघीय सरकार के जरिए चलाया। यहां न तो प्रांत का दर्जा था और न ही पाकिस्तान की संसद में पूरा प्रतिनिधित्व था। फिर 2009 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान एम्पावरमेंट एंड सेल्फ-गवर्नेंस ऑर्डर लागू किया। इसके तहत पहली बार यहां विधानसभा चुनाव हुए और एक स्थानीय सरकार बनाई गई। हालांकि तब भी विधानसभा के अधिकार सीमित थे और अहम फैसले प्रधानमंत्री लेता था। इसके बाद 2018 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान ऑर्डर 2018 लागू किया। इसमें स्थानीय विधानसभा और मुख्यमंत्री को कई शक्तियां दी गईं। यानी कि गिलगित-बाल्टिस्तान में ‘ऑर्डर ऑफ 2018’ के तहत यह दूसरा चुनाव कराया जा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हाईटेक चीन में ‘मान्यताओं’ से तय होते करोड़ों के प्रोजेक्ट:सरकारी से लेकर सैन्य अफसर तक परंपराओं में उलझे; सैकड़ों, हाईवे-पुल प्रभावित

August 11, 2026/
3:55 pm

चीन की युआनयांग में नए औद्योगिक पार्क और उससे जुड़ने वाले फोर-लेन हाईवे की योजना मंजूर हो चुकी थी। इंजीनियर...

प्रीति जिंटा बोलीं- मैंने रोज 18 घंटे काम किया:दीपिका पादुकोण ने 8 घंटे शिफ्ट के लिए छोड़ी थी फिल्म; मेल एक्टर्स पर सवाल उठाया था

September 3, 2026/
12:35 pm

फिल्म इंडस्ट्री में काम के लंबे घंटों और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।...

तस्वीर का विवरण

May 9, 2026/
9:44 pm

सत्तू में प्रोटीन, चारे और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने...

तस्वीर का विवरण

May 7, 2026/
7:33 pm

सामग्री: 2 कप नमक का आटा, मोरिंगा के पत्ते, 1 प्याज, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच मक्खन, 1/2 छोटा...

तस्वीर का विवरण

April 26, 2026/
4:09 pm

आवश्यक सामग्री: 1 ककड़ी, पुदीने के पत्ते, 2-3 हरी मिर्च, 3-4 लहसुन की कलियां, 1 टुकड़ा अदरक, 1-2 मसाले का...

authorimg

April 5, 2026/
4:56 pm

Last Updated:April 05, 2026, 16:56 IST Soha Ali Perimenopause Tips: 40 की उम्र के बाद महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के लक्षण...

नानी के यहां आया नाती तालाब में डूबा, मौत:बेटे को बचाने पिता भी तालाब में कूदा, 3 घंटे बाद मिला शव

April 26, 2026/
3:47 pm

पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र के ग्राम सप्ताइया में एक शादी समारोह के दौरान 14 वर्षीय किशोर की तालाब में...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। चुनाव कराने जैसी गतिविधियां वहां की जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं। गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार को 10 जिलों की 24 सामान्य सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है और विभिन्न राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार अभियान चला रहे हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लेकिन भारत इसे अपने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा मानता है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है। साढ़े पांच साल बाद हो रहे चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान में साढ़े पांच साल बाद हो रहे हैं। इससे पहले यहां नवंबर 2020 में चुनाव हुए थे, जिनमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जीत हासिल की थी। यहां का कार्यकाल 5 साल का होता है। 2020 में चुनी गई विधानसभा ने नवंबर 2025 में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था। नियमों के मुताबिक इसके बाद नए चुनाव कराए जाने थे, लेकिन खराब मौसम और प्रशासनिक कारणों से मतदान समय पर नहीं हो सका। क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है, जिससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हो जाता है। इसी वजह से चुनाव को टाल दिया गया और बाद में 7 जून 2026 की तारीख तय की गई। गिलगित-बाल्टिस्तान में दूसरा चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान और Pok (जिसे पाकिस्तान आजाद जम्मू-कश्मीर कहता है) की प्रशासनिक व्यवस्था अलग-अलग रही है। Pok का अपना अलग संविधान, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विधानसभा है। पाकिस्तान Pok को कुछ स्वायत्तता देता है, हालांकि वास्तविक शक्ति काफी हद तक इस्लामाबाद के पास रहती है। लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति अलग थी। 1947 से लेकर कई दशकों तक इसे पाकिस्तान ने सीधे संघीय सरकार के जरिए चलाया। यहां न तो प्रांत का दर्जा था और न ही पाकिस्तान की संसद में पूरा प्रतिनिधित्व था। फिर 2009 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान एम्पावरमेंट एंड सेल्फ-गवर्नेंस ऑर्डर लागू किया। इसके तहत पहली बार यहां विधानसभा चुनाव हुए और एक स्थानीय सरकार बनाई गई। हालांकि तब भी विधानसभा के अधिकार सीमित थे और अहम फैसले प्रधानमंत्री लेता था। इसके बाद 2018 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान ऑर्डर 2018 लागू किया। इसमें स्थानीय विधानसभा और मुख्यमंत्री को कई शक्तियां दी गईं। यानी कि गिलगित-बाल्टिस्तान में ‘ऑर्डर ऑफ 2018’ के तहत यह दूसरा चुनाव कराया जा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.