Saturday, 06 Jun 2026 | 08:21 PM

Trending :

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट में पहुंचे बॉलीवुड सितारे:अनिल कपूर-शत्रुघ्न सिन्हा- गोविंदा ने दी श्रद्धांजलि ‘बस एक और पुनः रिलीज़’: टीवीके ने अन्नामलाई के नए राजनीतिक आंदोलन को खारिज कर दिया क्योंकि 14 लाख लोग शामिल हुए | भारत समाचार भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीता:जापान को 4-1 से हराया; आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक; महिला टीम को ब्रॉन्ज मिला Pant 50 Test Milestone | India Keeper; Rahul Out, Afghanistan No Review
EXCLUSIVE

कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

प्रशांत महासागर का छोटा सा द्वीपीय देश ‘तुवालु’… हवाई व ऑस्ट्रेलिया के बीच बसा यह देश दुनिया के उन गिने-चुने कोनों में से है, जहां साल भर में इक्का-दुक्का टूरिस्ट ही पहुंचते हैं। यहां आलीशान होटल या बड़े पर्यटन स्थल नहीं हैं। राजधानी फुनाफुटी में हवाई पट्टी ही शाम को पिकनिक स्पॉट व फुटबॉल ग्राउंड बन जाती है। पर अमेरिका के टेड निम्स के लिए यह कोई आम जगह नहीं थी। जब उन्होंने तुवालु में कदम रखा, तो यह उनके ट्रैवल का 191वां देश बन गया! यूएन के कुल 193 सदस्य देश हैं और टेड बस दो कदम दूर हैं। दुनिया में इन दिनों ‘कंट्री काउंटर्स’ यानी देश गिनने वाले मुसाफिरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इन लोगों का बस एक ही मकसद है- दुनिया के हर देश की धरती पर कदम रखना। यानी घूमना और पर्यटन भी खेल बन गया है। ऐसा खेल, जिसमें कोई मेडल नहीं मिलता, लेकिन लोग पूरी दुनिया को जेब में समेटने की होड़ में लगे हैं। जुनूनी यात्रियों के लिए नोमैडमेनिया और मोस्ट ट्रैवल्ड पीपल जैसी वेबसाइट्स एक तरह का डिजिटल मैदान बन गई हैं। यहां लोग अपनी यात्राओं का हिसाब रखते हैं और लीडरबोर्ड पर दिखाते हैं कि उन्होंने कितने देश देखे हैं। बहस भी होती है-क्या सिर्फ एयरपोर्ट पर फ्लाइट बदलना यानी ट्रांजिट को भी ‘देश घूमना’ माना जाए या नहीं। पहले जहां 100 देशों की यात्रा करने वाले लोग कम थे, अब ऐसे क्लबों में हजारों सदस्य जुड़ चुके हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि ट्रैवल अब प्रतियोगिता बन गया है। हाल में 142वें देश सामोआ की यात्रा करने वाली मलेशिया की कैरोल वोंग कहती हैं ‘बड़े व महंगे होटलों में अकेलापन होता है, असली मजा तो स्थानीय लोगों के साथ रहने में है।’ सोशल मीडिया के दौर में यह स्टेटस सिंबल भी बन चुका है। इस होड़ का अच्छा पहलू यह भी है कि लोग अब पेरिस या लंदन की भीड़भाड़ से ऊबकर अनछुए रास्तों की तलाश कर रहे हैं। सिंगापुर के 34 वर्षीय श्यांग कियान सोंग भी तुवालु इसीलिए आए हैं क्योंकि वे उन जगहों को देखना चाहते हैं जहां आधुनिक पर्यटन की परछाई भी नहीं पड़ी। दिलचस्प यह है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तुवालु जैसे देश शायद आने वाले वक्त में डूब जाएं। पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी में 20% की कमी – सर्वे
स्किफ्ट के सर्वे के अनुसार दिखावे की संस्कृति व पर्यटन स्थलों पर भीड़ के कारण लोग अनछुए देशों का रुख कर रहे हैं। वैश्विक पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी 1980 के 60% से घटकर 2024 में 40% रह गई है। नोमैडमेनिया के फाउंडर हैरी मित्सिदिस कहते हैं,‘कंट्री काउंटिंग छुट्टियां मनाने का नहीं, बल्कि यह खुद को चुनौती देने व वैश्विक पहचान बनाने का जरिया बन चुका है। लोग अब सिर्फ ‘घूमने’ नहीं निकलते, बल्कि वे दुनिया को चेकलिस्ट की तरह देखते हैं। यह जुनून इस कदर बढ़ा है कि सालभर में रिकॉर्ड 82 लोगों ने सभी देशों को सफलता के साथ घूमने का दावा किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Bangladesh India Relations; Sports Minister Aminul Haque BCCI

February 19, 2026/
11:36 am

स्पोर्ट्स डेस्क2 दिन पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश क्रिकेट टीम इस वर्ल्डकप में नहीं खेल रही है। टीम ने सुरक्षा करणों...

World News Updates: Iran War | Russia Plane Crash

April 1, 2026/
7:39 am

41 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन An-26 मंगलवार को क्रीमिया में क्रैश हो गया। इसमें 23...

SI-भर्ती 2021 के अभ्यर्थियों को फिर करानी होगी KYC:RPSC ने 3.83 लाख कैंडिडेट्स के SSO आईडी जारी किए, फ्री में होंगे करेक्शन

May 24, 2026/
4:49 pm

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से ‘उप-निरीक्षक भर्ती री-एग्जाम 2021’ भर्ती में सभी 3 लाख 83 हजार 97...

E20 के बाद E85 फ्लेक्स-फ्यूल की तैयारी में भारत:माइलेज 30% तक कम हो सकता है; कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य

April 28, 2026/
1:30 pm

ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच कच्चे तेल के सप्लाई संकट को देखते हुए भारत सरकार अब E85 फ्लेक्स-फ्यूल की ओर कदम...

गुरुवार को महाकाल के भस्म आरती दर्शन:बाबा के मस्तक पर रजत चंद्र भांग चन्दन और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर किया श्रृंगार

April 30, 2026/
6:40 am

गुरुवार अलसुबह ठीक 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन...

राजनीति

कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

प्रशांत महासागर का छोटा सा द्वीपीय देश ‘तुवालु’… हवाई व ऑस्ट्रेलिया के बीच बसा यह देश दुनिया के उन गिने-चुने कोनों में से है, जहां साल भर में इक्का-दुक्का टूरिस्ट ही पहुंचते हैं। यहां आलीशान होटल या बड़े पर्यटन स्थल नहीं हैं। राजधानी फुनाफुटी में हवाई पट्टी ही शाम को पिकनिक स्पॉट व फुटबॉल ग्राउंड बन जाती है। पर अमेरिका के टेड निम्स के लिए यह कोई आम जगह नहीं थी। जब उन्होंने तुवालु में कदम रखा, तो यह उनके ट्रैवल का 191वां देश बन गया! यूएन के कुल 193 सदस्य देश हैं और टेड बस दो कदम दूर हैं। दुनिया में इन दिनों ‘कंट्री काउंटर्स’ यानी देश गिनने वाले मुसाफिरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इन लोगों का बस एक ही मकसद है- दुनिया के हर देश की धरती पर कदम रखना। यानी घूमना और पर्यटन भी खेल बन गया है। ऐसा खेल, जिसमें कोई मेडल नहीं मिलता, लेकिन लोग पूरी दुनिया को जेब में समेटने की होड़ में लगे हैं। जुनूनी यात्रियों के लिए नोमैडमेनिया और मोस्ट ट्रैवल्ड पीपल जैसी वेबसाइट्स एक तरह का डिजिटल मैदान बन गई हैं। यहां लोग अपनी यात्राओं का हिसाब रखते हैं और लीडरबोर्ड पर दिखाते हैं कि उन्होंने कितने देश देखे हैं। बहस भी होती है-क्या सिर्फ एयरपोर्ट पर फ्लाइट बदलना यानी ट्रांजिट को भी ‘देश घूमना’ माना जाए या नहीं। पहले जहां 100 देशों की यात्रा करने वाले लोग कम थे, अब ऐसे क्लबों में हजारों सदस्य जुड़ चुके हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि ट्रैवल अब प्रतियोगिता बन गया है। हाल में 142वें देश सामोआ की यात्रा करने वाली मलेशिया की कैरोल वोंग कहती हैं ‘बड़े व महंगे होटलों में अकेलापन होता है, असली मजा तो स्थानीय लोगों के साथ रहने में है।’ सोशल मीडिया के दौर में यह स्टेटस सिंबल भी बन चुका है। इस होड़ का अच्छा पहलू यह भी है कि लोग अब पेरिस या लंदन की भीड़भाड़ से ऊबकर अनछुए रास्तों की तलाश कर रहे हैं। सिंगापुर के 34 वर्षीय श्यांग कियान सोंग भी तुवालु इसीलिए आए हैं क्योंकि वे उन जगहों को देखना चाहते हैं जहां आधुनिक पर्यटन की परछाई भी नहीं पड़ी। दिलचस्प यह है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तुवालु जैसे देश शायद आने वाले वक्त में डूब जाएं। पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी में 20% की कमी – सर्वे
स्किफ्ट के सर्वे के अनुसार दिखावे की संस्कृति व पर्यटन स्थलों पर भीड़ के कारण लोग अनछुए देशों का रुख कर रहे हैं। वैश्विक पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी 1980 के 60% से घटकर 2024 में 40% रह गई है। नोमैडमेनिया के फाउंडर हैरी मित्सिदिस कहते हैं,‘कंट्री काउंटिंग छुट्टियां मनाने का नहीं, बल्कि यह खुद को चुनौती देने व वैश्विक पहचान बनाने का जरिया बन चुका है। लोग अब सिर्फ ‘घूमने’ नहीं निकलते, बल्कि वे दुनिया को चेकलिस्ट की तरह देखते हैं। यह जुनून इस कदर बढ़ा है कि सालभर में रिकॉर्ड 82 लोगों ने सभी देशों को सफलता के साथ घूमने का दावा किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.