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US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी। मई में महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 15 जून को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई बढ़ने की वजह रोजमर्रा की जरूरत के सामान और फ्यूल के दाम बढ़ना है। इसके अलावा अनाज और तेल भी महंगा हुआ है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच साढ़े तीन महीने से तनाव है। स्थितियां सामान्य नहीं हुईं तो महंगाई और बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

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US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

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अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी। मई में महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 15 जून को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई बढ़ने की वजह रोजमर्रा की जरूरत के सामान और फ्यूल के दाम बढ़ना है। इसके अलावा अनाज और तेल भी महंगा हुआ है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच साढ़े तीन महीने से तनाव है। स्थितियां सामान्य नहीं हुईं तो महंगाई और बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

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