Monday, 14 Sep 2026 | 11:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

PM Narendra Modi France Slovakia Visit G7 Summit Photos Update

PM Narendra Modi France Slovakia Visit G7 Summit Photos Update

54 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

52वां G7 समिट फ्रांस के इवियन शहर में हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में होने वाले 52वें G7 समिट में हिस्सा लेंगे। फिलहाल वे स्लोवाकिया में हैं। मोदी समिट के लिए आज ही फ्रांस लौट रहे हैं। समिट के दौरान मोदी G7 नेताओं, सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी। समिट से इतर, प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार दोपहर ही फ्रांस के इवियन शहर पहुंच गए हैं। G7 के सदस्य देशों फ्रांस, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम के नेता ईरान और यूक्रेन पर भी चर्चा कर सकते हैं।

पीएम मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं। 18 जून को वे पेरिस होते हुए भारत लौट आएंगे।

फ्रांस पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की।

फ्रांस पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की।

पीएम मोदी का 100वां विदेशी दौरा

मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का एक हफ़्ते का मौजूदा दौरा, 12 साल पहले पद संभालने के बाद से उनका 100वां विदेशी दौरा है। PMO की वेबसाइट के मुताबिक, प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 12 साल के कार्यकाल में मोदी अब तक 78 देशों की यात्रा कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का पहला दौरा 15 से 16 जून 2014 को भूटान का था। अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने कुल 49 विदेशी दौरे किए। दूसरे कार्यकाल में कुल 27 विदेशी दौरे किए। 13 जून से शुरू हुआ फ्रांस-स्लोवाकिया का दौरान उनके तीसरे कार्यकाल का 24वां दौरा है।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल होंगे

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था।

2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए।

G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है?

एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं।

इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं।

शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया।

G20 से कैसे अलग है G7

G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं।

इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है।

भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था।

—————————

मोदी के फ्रांस-स्लोवकिया दौरे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

भारत-फ्रांस के बीच FTA, डिफेंस और AI से जुड़े 13 बड़े समझौते हुए

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रविवार को द्विपक्षीय बैठक की। इसमें प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए। पढ़ें पूरी खबर…

पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को भारत आने का न्योता दिया; मोदी का ब्रेड-नमक से स्वागत हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया। मोदी को पारंपरिक स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बालाघाट में मील के पत्थर से टकराई बाइक:भतीजे की मौत, चाचा गंभीर घायल; कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे

April 18, 2026/
10:45 pm

बालाघाट जिले के मिरिया गांव के पास शनिवार दोपहर एक बाइक सड़क किनारे लगे मील के पत्थर से टकरा गई।...

राजपाल यादव जेल में स्मोकिंग रूम चाहते:शाहजहांपुर में बोले- तिहाड़ मेरे लिए चिंतन शिविर जैसा था; VIDEO में चेक बाउंस स्टोरी

February 19, 2026/
5:49 am

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में 30 दिनों की अंतरिम जमानत पर हैं। तिहाड़ जेल से रिहाई के...

भारत को सेमीफाइनल के लिए ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा:विमेंस वर्ल्डकप में साउथ अफ्रीका-बांग्लादेश मैच पर भी नजर होगी, लॉर्ड्स में आज दो मुकाबले

June 28, 2026/
4:30 am

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप-ए से दूसरा सेमीफाइनलिस्ट आज तय होगा। लॉर्ड्स में दो मुकाबले होंगे। पहले मैच में...

हरमनप्रीत 200 टी-20 खेलने वाली पहली क्रिकेटर:सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाली इंडियन भी बनीं; अफ्रीका का वर्ल्डकप में हाईएस्ट रनचेज

June 22, 2026/
4:30 am

साउथ अफ्रीका ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को 6 विकेट से हरा दिया। साउथ अफ्रीका ने 159 रन...

हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला

September 14, 2026/
2:58 pm

नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 38वें दिन ₹22.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। दूसरी ओर,...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

PM Narendra Modi France Slovakia Visit G7 Summit Photos Update

PM Narendra Modi France Slovakia Visit G7 Summit Photos Update

54 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

52वां G7 समिट फ्रांस के इवियन शहर में हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में होने वाले 52वें G7 समिट में हिस्सा लेंगे। फिलहाल वे स्लोवाकिया में हैं। मोदी समिट के लिए आज ही फ्रांस लौट रहे हैं। समिट के दौरान मोदी G7 नेताओं, सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी। समिट से इतर, प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार दोपहर ही फ्रांस के इवियन शहर पहुंच गए हैं। G7 के सदस्य देशों फ्रांस, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम के नेता ईरान और यूक्रेन पर भी चर्चा कर सकते हैं।

पीएम मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं। 18 जून को वे पेरिस होते हुए भारत लौट आएंगे।

फ्रांस पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की।

फ्रांस पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की।

पीएम मोदी का 100वां विदेशी दौरा

मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का एक हफ़्ते का मौजूदा दौरा, 12 साल पहले पद संभालने के बाद से उनका 100वां विदेशी दौरा है। PMO की वेबसाइट के मुताबिक, प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 12 साल के कार्यकाल में मोदी अब तक 78 देशों की यात्रा कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का पहला दौरा 15 से 16 जून 2014 को भूटान का था। अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने कुल 49 विदेशी दौरे किए। दूसरे कार्यकाल में कुल 27 विदेशी दौरे किए। 13 जून से शुरू हुआ फ्रांस-स्लोवाकिया का दौरान उनके तीसरे कार्यकाल का 24वां दौरा है।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल होंगे

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था।

2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए।

G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है?

एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं।

इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं।

शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया।

G20 से कैसे अलग है G7

G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं।

इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है।

भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था।

—————————

मोदी के फ्रांस-स्लोवकिया दौरे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

भारत-फ्रांस के बीच FTA, डिफेंस और AI से जुड़े 13 बड़े समझौते हुए

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रविवार को द्विपक्षीय बैठक की। इसमें प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए। पढ़ें पूरी खबर…

पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को भारत आने का न्योता दिया; मोदी का ब्रेड-नमक से स्वागत हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया। मोदी को पारंपरिक स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.