अमेरिका में 18,500 महिलाओं पर की गई डायमंड एक्विजिशन स्टडी में सामने आया है कि 2023 में एक नेचुरल डायमंड ज्वेलरी पीस पर औसतन 2.79 लाख रुपए खर्च करने वाली महिलाएं 2025 में 3.49 लाख रुपये तक खर्च करने लगी हैं। यानी दो वर्षों में औसत खरीद मूल्य में 25% की वृद्धि हुई है। स्टडी में कहा गया है कि खर्च बढ़ने के पीछे का कारण लोगों का अधिक बड़े, बेहतर गुणवत्ता वाले और उच्च मूल्य के हीरों की तरफ बढ़ता झुकाव है, जिससे प्रीमियम डायमंड ज्वेलरी की मांग लगातार मजबूत हो रही है। अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष -18,500 महिलाओं पर आधारित अध्ययन – महंगे और दुर्लभ होने की वजह से नेचुरल डायमंड सबसे अधिक पसंदीदा लग्जरी ज्वेलरी – औसत खरीद मूल्य में 25 फीसदी की बढ़ोतरी – औसत कैरेट वजन 1.65 से बढ़कर 1.86 हुआ, 25 फीसदी डिमांड शादी के लिए – जेन जी का डिमांड वैल्यू में 23 फीसदी योगदान जेन जी में डायमंड की मांग सबसे ज्यादा – अमेरिका की कुल आबादी में हिस्सेदारी: 18% {नेचुरल डायमंड मांग के मूल्य में योगदान: 23% – एक नेचुरल डायमंड पर औसत खर्च: 4,080 डॉलर (लगभग 3.51 लाख रुपए) – वर्ष में औसतन 1.83 अवसरों पर हीरे खरीदते हैं या उपहार में पाते हैं, जेन जी की कुल डायमंड खरीद में 45% हिस्सा विवाह से संबंधित अवसरों का है – जन्मदिन, नई नौकरी, प्रमोशन और व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए हीरे खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सूरत के हीरा उद्योग को लाभ होगा लैब-ग्रोन डायमंड की बढ़ती उपस्थिति के बावजूद नेचुरल डायमंड को अभी भी लग्जरी, भावना और दीर्घकालिक मूल्य का प्रतीक माना जाता है। अमेरिका जैसे दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार में यदि यह ट्रेंड बरकरार रहता है, तो इसका सीधा लाभ सूरत के डायमंड कटिंग-पॉलिशिंग उद्योग और भारतीय ज्वेलरी निर्यातकों को मिल सकता है।
















































