फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई। सुनील शेट्टी ने कहा कि इतने कलाकारों के साथ फिल्म बनाना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने इसे खास बनाया। दोनों ने माना कि फिल्म खत्म होने के बाद एक-दूसरे का साथ याद आएगा। सवाल: फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ से जुड़ने की सबसे बड़ी वजह क्या थी? क्या फ्रेंचाइजी, स्टारकास्ट या कुछ और? जवाब/अक्षय कुमार: सबसे बड़ी वजह यह थी कि फिल्म की कहानी नीरज वोरा ने लिखी थी। हमारे उनके साथ पुराने रिश्ते रहे हैं और हमने उनकी कई स्क्रिप्ट्स पर काम किया है। मैंने उनके साथ करीब आठ-नौ फिल्में की हैं और अन्ना (सुनील शेट्टी) ने भी कई फिल्में की हैं। दूसरी वजह यह थी कि कहानी हम सबको पसंद आई। यह फिरोज नाडियाडवाला की फिल्म थी और मैं करीब 11–12 साल बाद उनके साथ काम कर रहा था। इसके अलावा इतने कलाकारों का एक साथ फिल्म में काम करना आजकल कम देखने को मिलता है। इसलिए हम सब उत्साहित थे। सवाल: इतने सालों का रिश्ता और साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/सुनील शेट्टी: करीब 16 साल बाद मेरी इस तरह वापसी हुई है और हमारा ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी अच्छा रहा है। हमने कोशिश की कि एक अच्छी एंटरटेनिंग फिल्म बनाई जाए और प्रोड्यूसर-डायरेक्टर का साथ दिया जाए। एक सेट पर 30–35 कलाकार हों तो काम आसान नहीं होता। कई बार सबसे मुश्किल काम हंसी रोकना होता था, खासकर जब अर्शद मस्ती शुरू कर देते थे। सवाल: सेट पर माहौल कैसा रहता था? जवाब/अक्षय कुमार: सेट का माहौल मजेदार था। बहुत बड़ा सेट था और अंदर वीआईपी टेंट भी बना हुआ था। वैन से आने-जाने के लिए बग्गियां थीं। कई बार बाहर एक्शन सीन चलता था और अंदर हम लोग मस्ती कर रहे होते थे। जो मजा सेट पर था, वही फिल्म में दिखेगा। सवाल: सेट पर सबसे ज्यादा शरारती कौन था? जवाब/अक्षय कुमार (हंसते हुए): अन्ना बाहर से शांत लगते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर सोचते रहते हैं कि किसके साथ मजाक किया जाए। अगर आपने चप्पल बाहर छोड़ दी तो हो सकता है वापस न मिले। कभी सोचेंगे कि कौन सा तार खींचें या कौन सी शरारत करें। प्लानिंग उनकी होती है और काम हमसे करवाते हैं। सवाल: अक्षय सर की ऑन-द-स्पॉट कॉमेडी और इम्प्रोवाइजेशन सेट पर बाकी लोगों को कितना सरप्राइज करती थी? जवाब/सुनील शेट्टी: अक्षय के साथ काम करते हुए कभी पता नहीं चलता कि अगला पल क्या होने वाला है। ये अचानक कुछ भी कर देता है- कभी डायलॉग बदल देगा, कभी नया मजाक जोड़ देगा, कभी शरारत कर देगा। अगर सेट पर सब ठीक रखना है तो अक्षय से 10–15 फीट की दूरी बनाकर रखो। फोन, घड़ी या सामान पास मत रखो, क्योंकि ये कभी भी कुछ कर सकता है। लेकिन यही उसकी खासियत है। उसकी वही एनर्जी और अचानक आने वाली कॉमिक टाइमिंग फिल्म को मजेदार बना देती है। सवाल: इतने सालों बाद भी एनर्जी और उत्साह कैसे बना रहता है? जवाब/सुनील शेट्टी: हमारी कोशिश रहती है कि दर्शकों के लिए काम करें। हर कलाकार की अपनी अलग ऊर्जा होती है। अक्षय जब सीन करता है तो कभी खाली नहीं बैठता, कुछ नया करता रहता है। अरशद वारसी भी अपनी तरफ से नई चीजें जोड़ देता है। कई बार हम लोग अपनी लाइनें भूल जाते थे। जब सबकी ऊर्जा एक साथ आती है, तभी अच्छा काम बनता है। सवाल: फिल्म खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा क्या याद रहेगा? जवाब/अक्षय कुमार: सबके साथ काम करना सबसे ज्यादा याद रहेगा। हमारी योजना है कि फिल्म पूरी होने के बाद पूरा स्टारकास्ट साथ बैठकर फिल्म देखे। फिल्म हिट होगी या फ्लॉप, यह बाद की बात है। लेकिन ढाई साल साथ काम करने के बाद बना रिश्ता सबसे खास रहेगा। शायद आगे दोबारा इतने बड़े ग्रुप के साथ काम करने का मौका मिले या न मिले। सवाल: व्यक्तिगत तौर पर सबसे ज्यादा क्या मिस करेंगे? जवाब/अक्षय कुमार: इतने मजेदार लोगों के साथ समय बिताना। हर किसी की अपनी अलग क्वालिटी थी। मुझे कभी लगा ही नहीं कि मैं काम पर जा रहा हूं। ऐसा लगता था जैसे दोस्तों के साथ समय बिता रहा हूं। अहमद का स्वभाव भी अच्छा है। इस पूरे अनुभव को मैं जरूर मिस करूंगा।
















































