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रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों की टारगेटिंग किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले हैं। इजराइली सेना मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से 20 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चे मारे गए हैं और 44 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इस दौरान कुल मौतों में लगभग 30% बच्चे शामिल रहे आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जांच में बच्चों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पुख्ता सबूत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौतें हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और स्नाइपर फायरिंग में हुईं। कई मामलों में उनके सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया गया। आयोग के अध्यक्ष एस. मुरलीधर का पूरा बयान यहां सुनिए… सीजफायर के बाद भी बच्चों की मौत जारी रही अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद भी फिलिस्तीनी बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं जारी रहीं। आयोग ने यह नहीं बताया कि युद्धविराम के बाद कितने बच्चे मारे गए। UNICEF ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि सीजफायर लागू होने के बाद भी औसतन हर दिन एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई। UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर के मुताबिक बच्चे अपने घरों, स्कूलों, खेल के मैदानों और यहां तक कि समुद्र किनारे भी मारे गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 18 साल से कम उम्र के सभी लोगों को बच्चा माना है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को ‘आतंकवादी या भविष्य का आतंकवादी’ मानकर निशाना बनाया गया। आयोग के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 58 हजार बच्चों ने अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुपोषण के कारण 151 बच्चों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा बच्चों के अंग काटने पड़े। इजराइल ने रिपोर्ट को खारिज किया रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइल ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। जिनेवा में इजराइल के UN मिशन ने रिपोर्ट को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि जांच आयोग शुरू से ही इजराइल के खिलाफ पक्षपाती रहा है। मिशन का कहना है कि आयोग का मकसद तथ्यों की जांच नहीं, बल्कि हर हाल में इजराइल को कटघरे में खड़ा करना है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट में हमास के हमलों में मारे गए और अगवा किए गए इजराइली बच्चों का जिक्र नहीं किया गया। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन UN रिपोर्ट ने इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया। पांच साल से कम उम्र के 5 हजार बच्चों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युद्ध में 21 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चों की जान गई। इनमें 5,031 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 5 साल से भी कम थी। मरने वालों में 1,029 बच्चे एक साल से कम उम्र के थे, जबकि करीब 420 नवजात ऐसे थे, जिन्होंने दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद जान गंवा दी। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान आयोग ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजराइल को 13 बार सवाल और जानकारी के अनुरोध भेजे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला।

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