Thursday, 25 Jun 2026 | 08:08 PM

Trending :

भारत में बहुविवाह पर बहस तेज, एनसीपी विधायक सना मलिक ने स्वीकृति का समर्थन किया, विशेषज्ञों ने यूसीसी पर जोर दिया मछुआरों ने समुद्र से देखा वेनेजुएला का भूकंप, VIDEO:बेसबॉल मैच छोड़कर भागे प्लेयर, रोते-बिलखते लोगों से भर गई सड़कें Jharkhand Topper Poonam Chanchal | NEET Fail, Arrested In Solver Gang Scam एक्ट्रेस कृषी थापांडा के घर से दोस्त की लाश मिली:पुलिस को आत्महत्या का शक; घटना से पहले एक्ट्रेस को किया था फोन एक्ट्रेस कृषी थापांडा के घर से दोस्त की लाश मिली:पुलिस को आत्महत्या का शक; घटना से पहले एक्ट्रेस को किया था फोन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में एमके स्टालिन का मजाक उड़ाया, उपचुनाव से पहले डीएमके ने पलटवार किया | #ब्रासस्टैक्स
EXCLUSIVE

Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन पर लगने वाले टैरिफ को लेकर एक मीटिंग में अपने ही अधिकारियों पर भड़क गए थे। एक नई किताब के मुताबिक, ट्रम्प को लगता था कि भारत अमेरिकी सामानों पर सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब ‘रिजीम चेंज: इनसाइड द इम्पीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रम्प’ में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक से कहा था कि उन्हें भारत और चीन के टैरिफ को लेकर सही जानकारी नहीं दी जा रही।

किताब के अनुसार, जब लुटनिक ने आधिकारिक आंकड़े दिखाए, तो ट्रम्प ने उन्हें भी खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह आंकड़े बकवास हैं। भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175% टैरिफ लगाता है।

रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है।

रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है।

भारत का औसत टैरिफ 16%

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत का औसत ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ टैरिफ 15.8% था। यानी कि अगर भारत 100 तरह के सामान आयात करता है, तो उन सभी पर लगने वाले टैरिफ का औसत लगभग 16% बैठता है।

वहीं 2023 में व्यापार-भारित औसत टैरिफ करीब 12% रहा। इसमें उन सामानों को ज्यादा महत्व दिया जाता है जिनका व्यापार अधिक होता है। यानी वास्तविक व्यापार में भारत पर आने वाला औसत टैरिफ लगभग 12% के आसपास पड़ता है।

यही वजह है कि WTO और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) की रिपोर्टों में भारत को उच्च टैरिफ वाला देश तो कहा जाता है, लेकिन कभी पूरे भारतीय टैरिफ इन्फ्रा के लिए 175% का आंकड़ा नहीं दिया गया है।

हावर्ड लुटनिक, जो ट्रम्प की टैरिफ नीति के प्रमुख समर्थकों में रहे हैं, उन्होंने जनवरी 2025 में सीनेट में अपनी पुष्टि सुनवाई के दौरान भी भारत और चीन का उदाहरण दिया था। उनका तर्क था कि ऊंचे टैरिफ का मतलब हमेशा महंगाई नहीं होता, क्योंकि भारत और चीन में टैरिफ ज्यादा होने के बावजूद महंगाई नियंत्रित रही है।

किताब के मुताबिक, बाद में लुटनिक ऐसी स्थिति में फंस गए जहां एक तरफ ट्रम्प राजनीतिक रूप से टैरिफ के बड़े दावे कर रहे थे और दूसरी तरफ सरकारी आंकड़े उन दावों से मेल नहीं खा रहे थे।

ट्रम्प ने यूक्रेन जंग को लेकर कहा था- भारत नहीं मानेगा

किताब में भारत का जिक्र केवल व्यापार विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें एक और दिलचस्प दावा किया गया है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ दिनों बाद यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई एक बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत का नाम संभावित शांति सेना भेजने वाले देशों में शामिल किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी 2025 को ओवल ऑफिस में हुई बैठक में ट्रम्प के रूस-यूक्रेन दूत कीथ केलॉग ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने का एक प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान अमेरिका में यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर एक बैठक चल रही थी।

बैठक में जब फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे नाटो (NATO) देशों के सैनिक भेजने का प्रस्ताव आया, तो जेडी वेंस ने इस पर चिंता जताई। वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजने से रूस नाराज हो सकता है और अमेरिका भी सीधे युद्ध में फंस सकता है।

इसके बाद जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि क्यों न गैर-यूरोपीय देशों से मदद ली जाए। वेंस ने इस काम के लिए सऊदी अरब और भारत का नाम आगे बढ़ाया।

किताब में दावा किया गया है कि वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हंस पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे। वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करेंगे।’

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज।

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज।

ट्रम्प ने कहा था- मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं

किताब में यह भी दावा किया गया कि ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि वे उन्हें बहुत पसंद करते हैं। और उनसे मिलने अमेरिका आना चाहते हैं। ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा।

उन्होंने जेलेंस्की को एक ‘खराब वार्ताकार’ बताया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न करके अपने पूरे देश को बर्बाद कर दिया, लेकिन वो बाइडन सरकार से चीजें हासिल करने में बहुत अच्छे थे।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हिमाचल कांग्रेस में ‘काम करो या पद छोड़ो’ पॉलिसी:पदाधिकारियों के काम का मॉनिटरिंग होगी, 3 जोन में मूल्यांकन; रेड जोन वाले पद से हटेंगे

April 21, 2026/
7:57 am

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत और जवाबदेह बनाने के लिए ‘परफॉर्मेंस बेस्ड फ्रेमवर्क’ लागू करने की तैयारी है।...

भारतीय महिला टीम ने साउथ अफ्रीका को हराया:दीप्ति ने 36 रन बनाए और 5 विकेट भी लिए, अफ्रीका सीरीज में 3-1 सं आगे

April 26, 2026/
8:01 am

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने चौथे टी-20 मैच में साउथ अफ्रीका को 14 रन से हरा दिया। हालांकि साउथ अफ्रीका...

राजनीति

Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन पर लगने वाले टैरिफ को लेकर एक मीटिंग में अपने ही अधिकारियों पर भड़क गए थे। एक नई किताब के मुताबिक, ट्रम्प को लगता था कि भारत अमेरिकी सामानों पर सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब ‘रिजीम चेंज: इनसाइड द इम्पीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रम्प’ में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक से कहा था कि उन्हें भारत और चीन के टैरिफ को लेकर सही जानकारी नहीं दी जा रही।

किताब के अनुसार, जब लुटनिक ने आधिकारिक आंकड़े दिखाए, तो ट्रम्प ने उन्हें भी खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह आंकड़े बकवास हैं। भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175% टैरिफ लगाता है।

रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है।

रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है।

भारत का औसत टैरिफ 16%

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत का औसत ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ टैरिफ 15.8% था। यानी कि अगर भारत 100 तरह के सामान आयात करता है, तो उन सभी पर लगने वाले टैरिफ का औसत लगभग 16% बैठता है।

वहीं 2023 में व्यापार-भारित औसत टैरिफ करीब 12% रहा। इसमें उन सामानों को ज्यादा महत्व दिया जाता है जिनका व्यापार अधिक होता है। यानी वास्तविक व्यापार में भारत पर आने वाला औसत टैरिफ लगभग 12% के आसपास पड़ता है।

यही वजह है कि WTO और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) की रिपोर्टों में भारत को उच्च टैरिफ वाला देश तो कहा जाता है, लेकिन कभी पूरे भारतीय टैरिफ इन्फ्रा के लिए 175% का आंकड़ा नहीं दिया गया है।

हावर्ड लुटनिक, जो ट्रम्प की टैरिफ नीति के प्रमुख समर्थकों में रहे हैं, उन्होंने जनवरी 2025 में सीनेट में अपनी पुष्टि सुनवाई के दौरान भी भारत और चीन का उदाहरण दिया था। उनका तर्क था कि ऊंचे टैरिफ का मतलब हमेशा महंगाई नहीं होता, क्योंकि भारत और चीन में टैरिफ ज्यादा होने के बावजूद महंगाई नियंत्रित रही है।

किताब के मुताबिक, बाद में लुटनिक ऐसी स्थिति में फंस गए जहां एक तरफ ट्रम्प राजनीतिक रूप से टैरिफ के बड़े दावे कर रहे थे और दूसरी तरफ सरकारी आंकड़े उन दावों से मेल नहीं खा रहे थे।

ट्रम्प ने यूक्रेन जंग को लेकर कहा था- भारत नहीं मानेगा

किताब में भारत का जिक्र केवल व्यापार विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें एक और दिलचस्प दावा किया गया है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ दिनों बाद यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई एक बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत का नाम संभावित शांति सेना भेजने वाले देशों में शामिल किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी 2025 को ओवल ऑफिस में हुई बैठक में ट्रम्प के रूस-यूक्रेन दूत कीथ केलॉग ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने का एक प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान अमेरिका में यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर एक बैठक चल रही थी।

बैठक में जब फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे नाटो (NATO) देशों के सैनिक भेजने का प्रस्ताव आया, तो जेडी वेंस ने इस पर चिंता जताई। वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजने से रूस नाराज हो सकता है और अमेरिका भी सीधे युद्ध में फंस सकता है।

इसके बाद जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि क्यों न गैर-यूरोपीय देशों से मदद ली जाए। वेंस ने इस काम के लिए सऊदी अरब और भारत का नाम आगे बढ़ाया।

किताब में दावा किया गया है कि वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हंस पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे। वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करेंगे।’

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज।

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज।

ट्रम्प ने कहा था- मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं

किताब में यह भी दावा किया गया कि ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि वे उन्हें बहुत पसंद करते हैं। और उनसे मिलने अमेरिका आना चाहते हैं। ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा।

उन्होंने जेलेंस्की को एक ‘खराब वार्ताकार’ बताया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न करके अपने पूरे देश को बर्बाद कर दिया, लेकिन वो बाइडन सरकार से चीजें हासिल करने में बहुत अच्छे थे।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.